Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Sansad Diary: Rajya Sabha ने Tribunal Reforms Bill पास किया, Lok Sabha में Keralam Bill पर मुहर

    30 minutes from now

    1

    0

    मंगलवार को लोकसभा ने बिना किसी बहस के दो और बिल पास किए। हंगामे के बीच ही सदन ने केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस दौरान सदस्यों ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग करते हुए नारे लगाए और प्लेकार्ड लेकर सदन के वेल में आ गए। दोनों बिल बिना किसी चर्चा के पास कर दिए गए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा ने देश भर के विभिन्न ट्रिब्यूनलों के लिए चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन करने के लिए एक राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग गठित करने वाला विधेयक पारित किया। यह विधेयक लोकसभा द्वारा सोमवार को पारित किया गया था। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Assembly में घमासान, Hemant Soren बोले- BJP कर रही छात्र आंदोलन से राजनीति!आज क्या कुछ हुआकेंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मनरेगा की जगह लागू किए गए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी’ (वीबी-जीराम-जी) अधिनियम के लागू होने के एक महीने के भीतर ही 9.69 करोड़ से अधिक ‘श्रम दिवस’ (काम के दिन) सृजित किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वीबी-जीराम-जी अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया गया है और वीबी-जीराम-जी योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में शुरू कर दिया गया है। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दलों ने मंगलवार को दोपहर बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को उपसभापति हरिवंश द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने बहिर्गमन किया तब उच्च सदन में ‘न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026’ पर चर्चा हो रही थी। राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खरगे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। राधाकृष्णन यह बात एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक दोपहर बारह बजे पुन: शुरू होने पर कही।  इसे भी पढ़ें: जनहित के मुद्दों से ध्यान भटका रही BJP-Congress, Mayawati ने बताया सोची-समझी Conspiracy लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब छात्रों के आंदोलन पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर सरकार ने सहमति दे दी है तो फिर विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए। उन्होंने सदन की बैठक आरंभ होने के बाद यह भी कहा कि जब कार्यवाही बाधित होती है तो उनका मन दुखी होता है। बिरला ने सदन में कहा कि सदन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर चलाना चाहिए।  देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें  National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। 
    Click here to Read more
    Prev Article
    Phuket-Delhi Flight Turbulence: सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल, MoCA ने निवर्तमान CEO Campbell Wilson को किया तलब
    Next Article
    Chhattisgarh Liquor Scam: ED की बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस नेता Ramgopal Agarwal गिरफ्तार, ₹2,883 करोड़ के घोटाले की जांच तेज

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment