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    सपा के 3 बागी विधायक आज ज्वाइन करेंगे भाजपा:अमेठी में राकेश प्रताप, अभय सिंह व विनोद चतुर्वेदी लेंगे सदस्यता, स्मृति ईरानी रहेंगी मौजूद

    5 hours ago

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    समाजवादी पार्टी के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह आज भाजपा में शामिल होंगे। उनके साथ सपा के 2 और बागी विधायक बाहुबली अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी भी भाजपा की सदस्यता लेंगे। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी समेत कई मंत्री और विधायक शामिल होंगे। सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम अमेठी में गौरीगंज के जामो रोड पर विधायक के आवास मंगलम के पास होगा। यहां एक बड़ा मंच बनाया गया है। पंडाल में करीब 5000 कुर्सियां लगाई गई हैं। इन विधायकों ने 2022 में सपा के टिकट पर चुनाव जीता था। लेकिन 2024 में राज्यसभा चुनाव में भाजपा कैंडिडेट को वोट किया था। राकेश प्रताप सिंह को सपा ने निष्कासित कर दिया था। उनका दावा है कि आज उनके साथ गौरीगंज विधानसभा के करीब 700 प्रधान, पूर्व प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधि भी भाजपा में शामिल होंगे। राकेश ने कहा था- धर्म विरोधी राजनीति नहीं कर सकता भाजपा में शामिल होने का ऐलान विधायक राकेश प्रताप ने 8 अक्टूबर को कर दिया था। विधायक ने कहा था कि मैं समाजवादी पार्टी का तीन बार विधायक रहा हूं। करीब तीन साल पहले सपा में रहते हुए ही मैंने अपनी आपत्ति जताई थी। मैंने कहा था कि हम राजनीति में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने या धर्म से जुड़े मुद्दों पर बहस करने के लिए नहीं आए हैं। हम यूपी के विकास, गरीबों और वंचितों की मदद के लिए राजनीति में आए हैं। लेकिन मेरी बातों को अनसुना कर दिया गया। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सका, इसलिए मैंने बगावत कर दी। मैं ऐसे लोगों के साथ राजनीति नहीं कर सकता, जो धर्म के प्रति शत्रुता रखते हैं। मेरे लिए यह मामला न तो टिकट का है और न ही विधायक पद का। मैंने इन सब बातों से ऊपर उठकर यह फैसला लिया है। अखिलेश ने 3 को निकाला था यूपी में फरवरी 2024 में राज्यसभा चुनाव में सपा के 7 विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भाजपा के उम्मीदवारों के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इस घटना ने सपा को बड़ा झटका दिया था। इस वजह से सपा का तीसरा राज्यसभा उम्मीदवार हार गया था। जबकि भाजपा के सभी 8 राज्यसभा उम्मीदवारों की जीत हुई थी। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों में अभय सिंह, राकेश प्रताप सिंह, मनोज पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी, आशुतोष मौर्य और राकेश पांडेय शामिल थे। सपा ने राकेश, अभय और मनोज को पार्टी से निकाल दिया था। जबकि मनोज पांडेय ने बाद में भाजपा ज्वाइन कर ली। इस समय वो योगी सरकार में मंत्री हैं। वहीं, कौशांबी की चायल से विधायक पूजा पाल को BJP ने प्रदेश उपाध्यक्ष बना दिया है। अब तीनों विधायकों को जानिए… राकेश प्रताप सिंह: 3 बार सपा के टिकट से चुनाव जीते अमेठी के गौरीगंज से विधायक राकेश प्रताप सिंह 2012 से सपा के साथ थे। 2017 व 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। यह लगातार तीसरी बार 2022 में विधायक बने। फरवरी 2024 में इन्होंने भी राज्यसभा चुनाव में बगावत की और भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया। राकेश प्रताप सिंह ने गौरीगंज थाने के अंदर घुसकर भाजपा नेता दीपक सिंह की पिटाई कर दी थी। उस समय दीपक की पत्नी नगर पालिका प्रत्याशी थीं। पुलिस जब तक विधायक को रोक पाती, उन्होंने कई थप्पड़ और घूसे बरसा दिए थे। यह घटना मई 2023 की है। अभय सिंह: पूर्वांचल में बाहुबली नेता के रूप में पहचान अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह 2012 में पहली बार सपा के टिकट पर विधायक बने। 2017 के चुनाव में उन्हें खब्बू तिवारी ने हरा दिया। 2022 में उन्होंने दूसरी बार सपा के टिकट पर यह सीट जीती। इस तरह वह लगभग 12 साल (2012-2024) तक सपा के साथ रहे। पूर्वांचल में बाहुबली नेता के रूप में उनकी पहचान रही। वह पहले मुख्तार अंसारी के करीबी थे, लेकिन बाद में रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ के साथ उनके रिश्ते मजबूत हुए। फरवरी 2024 में हुए राज्यसभा चुनाव में इन्होंने सपा के खिलाफ बिगुल फूंक दिया था। भाजपा के प्रत्याशी के पक्ष में क्रॉस वोटिंग की थी। इसके बाद अभय सिंह की एक वीडियो पोस्ट काफी चर्चा में रही। इसमें अभय सिंह एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में कह रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव ने जेल में रहते हुए मुझे टिकट दिया था और मैं विधायक बना। जिस नेता का, जिस पार्टी का इतना बड़ा एहसान है कि जब वो कहेंगे कि भाग जाओ तुम्हारी हमें कोई जरूरत नहीं, तब हम आकर अपने घर बैठ जाएंगे, लेकिन किसी पार्टी में नहीं जाएंगे। विनोद चतुर्वेदी: 2007 में पहली जीता चुनाव विनोद चतुर्वेदी का राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू हुआ। वे लंबे समय तक जालौन जिला कांग्रेस के अध्यक्ष रहे और प्रदेश कांग्रेस में भी कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। 2007 में वे पहली बार विधानसभा पहुंचे। इसके बाद 2021 में कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा ने उन्हें कालपी से टिकट दिया और उन्होंने निषाद पार्टी के छोटे सिंह को 2,816 वोटों से हराया। विनोद चतुर्वेदी की पहचान बुंदेलखंड में कांग्रेस के पुराने नेताओं में रही है। जहां सदस्यता कार्यक्रम, उसका गणित समझिए राकेश प्रताप सिंह ये सदस्यता कार्यक्रम अपनी विधानसभा में कर रहे हैं। इसके पीछे भी बाकायदा प्लानिंग की गई है। गौरीगंज में उनकी लगातार तीन चुनावों की जीत और 2022 में भाजपा से मिले वोटों का करीबी अंतर इस बदलाव को स्थानीय राजनीति के लिहाज से अहम बनाता है। हालांकि, भाजपा में शामिल होने के बाद 2027 में उनकी भूमिका या टिकट को लेकर अभी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा को 1,08,426 वोट मिले थे, जबकि भाजपा की स्मृति ईरानी को 75,048 वोट मिले। दोनों के बीच 33,378 वोट का अंतर था। ऐसे में 2027 से पहले राकेश प्रताप सिंह की भाजपा में एंट्री के बाद गौरीगंज के स्थानीय राजनीतिक समीकरण पर नजर रहेगी।
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