Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    सिद्धार्थनगर में फर्जी अस्पताल और जांच केंद्र का संचालन:बिना लाइसेंस एक्स-रे और सीआर मशीन संचालित, स्वास्थ्य विभाग ने नहीं किया कार्रवाई

    3 hours ago

    1

    0

    सिद्धार्थनगर के मोहाना चौराहे पर संचालित एक अस्पताल और दो जांच केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आई है। जिसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय जांच में भी अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है। मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का स्वास्थ्य विभाग में केवल 10 बेड का पंजीकरण है। इसके बावजूद अस्पताल दो अलग-अलग इमारतों में संचालित हो रहा था और पंजीकरण से कहीं अधिक बेड पर मरीजों का इलाज किया जा रहा था। पड़ताल में यह भी पाया गया कि अस्पताल परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनों से मरीजों की जांच की जा रही थी, जबकि इन मशीनों के संचालन से जुड़े लाइसेंस और अनुमति से संबंधित दस्तावेज मौके पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं थे। इसके अगले दिन 27 फरवरी को प्रकाशित रिपोर्ट में सामने आया कि मोहाना चौराहे पर ही संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग में कोई वैध पंजीकरण नहीं है। इसके बावजूद यहां मरीजों की जांच और अल्ट्रासाउंड खुलेआम किए जा रहे थे। इन खुलासों के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। सदर नायब तहसीलदार अमित सिंह के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोगिस हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लिनिक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के दो इमारतों में संचालित होने और 10 से अधिक बेड लगाए जाने की पुष्टि हुई। साथ ही परिसर में एक्स-रे और सीआर मशीनें भी संचालित अवस्था में मिलीं। जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल संचालक को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। नोटिस में पूछा गया था कि जब अस्पताल का पंजीकरण केवल 10 बेड का है तो दो इमारतों में संचालन क्यों किया जा रहा है और एक्स-रे व सीआर मशीन के संचालन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। हालांकि अब 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो अतिरिक्त भवन को सील किया गया है और न ही बिना स्पष्ट लाइसेंस के संचालित मशीनों पर कोई कार्रवाई हुई है। इसी तरह बिना पंजीकरण संचालित आदर्श पैथोलॉजी और आर्यन अल्ट्रासाउंड सेंटर के खिलाफ भी किसी सख्त कदम की जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल और जांच केंद्र पहले की तरह ही खुलेआम संचालित हो रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब जांच में अनियमितताओं की पुष्टि हो चुकी है, तो कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर जांच की थी। अस्पताल में पंजीकरण से अधिक बेड तथा एक्स-रे और सीआर मशीन मिलने की पुष्टि हुई थी। अस्पताल संचालक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मरीजों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
    Click here to Read more
    Prev Article
    कानपुर इंडस्ट्री को राहत:80 प्रतिशत गैस सप्लाई करने का सीयूजीएल से आश्वासन मिला, चैयरमैन बोले- पूरी सप्लाई लगातार दें ताकि काम न रूके
    Next Article
    चांदपुर में 12वीं की बोर्ड परीक्षा देकर 6 छात्राएं लापता:शाम तक घर नहीं पहुंची तो परिवार ने तलाश की, पुलिस में शिकायत

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment