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    Saudi Arabia पर Houthi हमलों के बाद Pakistan ने दी चेतावनी, संयुक्त रक्षा समझौता हो सकता है लागू

    2 hours from now

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    (सज्जाद हुसैन) इस्लामाबाद, नौ सितंबर पाकिस्तान ने कहा है कि इसमें ‘‘कोई संशय नहीं होना चाहिए’’ कि नवगठित ‘मक्का रक्षा गठबंधन’ के तीन सदस्यों में से किसी एक पर हमला सभी पर हमला माना जाएगा। इसके साथ ही उसने चेतावनी दी कि सऊदी अरब पर हूती हमलों के बाद यह समझौता लागू हो सकता है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का मंगलवार को यह बयान सऊदी अरब पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा मिसाइल व ड्रोन हमले किए जाने के कुछ ही घंटे बाद आया।इन हमलों में शहरी, आर्थिक व ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया और कम से कम 73 नागरिक घायल हो गए। रक्षा मंत्री ने कहा कि किसी सदस्य देश के खिलाफ बिना उकसावे के की गई आक्रामकता या यमन संघर्ष के सऊदी अरब तक फैलने की स्थिति में पिछले महीने पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किए के बीच हुए समझौते के सामूहिक रक्षा प्रावधान सक्रिय हो जाएंगे। आसिफ ने जियो टीवी चैनल को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसमें कोई संशय नहीं होना चाहिए।इस बात के लिए किसी और स्पष्टता की आवश्यकता नहीं है कि यह एक संयुक्त रक्षा समझौता है।’’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समझौते के तहत सऊदी अरब के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं का सम्मान करेगा। आसिफ ने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए। हम इस समझौते की शर्तों से बंधे हैं और जरूरत पड़ने पर हम इन शर्तों का पूरी तरह पालन करेंगे।” हालांकि, आसिफ ने कहा कि हूती हमलों के बाद पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच किसी संपर्क के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।उन्होंने कहा कि यह समझौता रक्षात्मक प्रकृति का है और यह तीनों देशों को अपनी पहल पर किसी अन्य देश के खिलाफ हमला करने का अधिकार नहीं देता है। मंत्री ने कहा, “इस समझौते का मकसद आक्रामक कार्रवाई करना नहीं है। इसके तहत तीनों देश अपनी ओर से पहल करके किसी दूसरे देश पर हमला नहीं करेंगे।लेकिन अगर किसी एक सदस्य देश के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई होती है, तो तीनों सदस्य देश मिलकर उसका जवाब देंगे।” उन्होंने उम्मीद जताई कि तनाव कम होगा, लेकिन हूतियों को चेतावनी दी कि वे यमन संघर्ष को देश की सीमाओं से बाहर न ले जाएं।
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