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    स्वामी जितेन्द्रानंद बोले-'संवत्सर में संघर्ष बढ़ेगा, भारत ही शांत करेगा':कवि सम्मेलन में कहा- युद्ध रोकने की क्षमता केवल भारत में

    2 hours ago

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    चैत्र नवरात्र और भारतीय नववर्ष के अवसर पर नगर के पंडित राम नरेश त्रिपाठी सभागार में 14वां विराट कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस भव्य आयोजन का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और मुख्य अतिथि स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। देश-प्रदेश के कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया, जिससे पूरा सभागार श्रोताओं की तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान स्वामी जितेन्द्रानंद सरस्वती ने विश्व की वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अनुभव के आधार पर देखा जाए तो विश्व के कई देशों में युद्ध जैसी परिस्थितियाँ बनती रही हैं, और अब यह स्थिति व्यापक रूप ले सकती है। उनका मानना है कि इस संवत्सर में संघर्ष और बढ़ सकता है। स्वामी सरस्वती ने आगे कहा कि यदि इस संघर्ष को शांत करने की क्षमता किसी में है, तो वह केवल भारत में है। वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में सरकार के कई मोर्चों पर काम करने का जिक्र करते हुए उन्होंने एक उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि रूस सस्ता तेल पाकिस्तान को दे रहा है, जबकि भारत को महंगे दाम पर तेल मिल रहा है। उन्होंने इसे देश को अस्थिर करने की एक संभावित साजिश बताया। स्वामी सरस्वती ने यह भी कहा कि पाकिस्तान के पास तेल शुद्ध करने की रिफाइनरी क्षमता नहीं है, जबकि भारत की रिफाइनरी व्यवस्था मजबूत है और कई देश भारत पर निर्भर हैं। घरेलू मुद्दों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश में विपक्षी नेताओं के घरों से सैकड़ों गैस सिलेंडर बरामद होने का उल्लेख किया। उन्होंने जोर दिया कि यह समय आपदा में अवसर ढूंढने का नहीं, बल्कि जिम्मेदारी निभाने का है। कालाबाजारी और चोरी से देश को नुकसान होता है। कार्यक्रम के आयोजक और नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीन कुमार अग्रवाल ने सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस आयोजन का मुख्य लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय हिंदू नववर्ष के महत्व और परंपराओं से अवगत कराना है, क्योंकि पहले उन्हें केवल पाश्चात्य कैलेंडर के नववर्ष की ही जानकारी थी।
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