Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    स्वास्थ्य घोटाले की जांच अंतिम चरण में:बलरामपुर में पांच CMO समेत 22 अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ

    8 hours ago

    1

    0

    बलरामपुर। जिले के स्वास्थ्य विभाग में हुए बहुचर्चित घोटाले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने कार्रवाई तेज करते हुए जिले में तैनात रहे पांच मुख्य चिकित्साधिकारियों (सीएमओ), दो जिला अस्पतालों के मुख्य चिकित्साधीक्षकों (सीएमएस), नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) के अधीक्षकों और छह लिपिकों सहित कुल 22 अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। इस कार्रवाई से विभागीय गलियारों में जल्द ही बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना को लेकर खलबली मची हुई है। जांच के दौरान, घोटाले से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण अभिलेख अभी तक एसआईटी को उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। जांच अधिकारी ने संबंधित विभागों को इन दस्तावेजों को तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि इन अभिलेखों के मिलने के बाद जांच की प्रक्रिया और तेज होगी। यह मामला समाजवादी पार्टी (सपा) शासनकाल से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव के संरक्षण में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। मुकेश श्रीवास्तव को इस प्रकरण का मुख्य आरोपी माना गया है। पयागपुर के वर्तमान विधायक सुभाष त्रिपाठी की शिकायत पर मुख्यमंत्री के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया था। एसआईटी की लखनऊ और अयोध्या इकाइयां संयुक्त रूप से इस मामले की जांच कर रही हैं। इस संबंध में 17 सितंबर 2025 को पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव, उनके भाई अजय श्रीवास्तव (जो उस समय संयुक्त जिला चिकित्सालय में तैनात थे) और दो पूर्व सीएमओ के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी। एसआईटी अब तक डॉ. एस.डी. भारती, डॉ. घनश्याम सिंह, डॉ. विजय बहादुर सिंह और डॉ. सुशील कुमार सहित कई पूर्व सीएमओ से पूछताछ कर चुकी है। हाल ही में संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा और जिला मेमोरियल अस्पताल के सीएमएस डॉ. शारदा रंजन को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया था। जांच का दायरा वर्ष 2016 से 2024 तक जिले में तैनात रहे अधिकारियों तक फैला हुआ है। सीएचसी तुलसीपुर, गैसड़ी, पंचपेड़वा, शिवपुरा, बलरामपुर देहात, उतरौला, सादुल्लाहनगर, श्रीदत्तगंज और गैंडासबुजुर्ग में तैनात अधीक्षकों से भी पूछताछ की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त, छह लिपिकों के बयान भी दर्ज किए गए हैं। एसआईटी लखनऊ के जांच अधिकारी हंसलाल के अनुसार, जिन अभिलेखों की कमी है, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरी जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को सौंपी जाएगी।
    Click here to Read more
    Prev Article
    पीलीभीत पुलिस लाइन में परेड और निरीक्षण:SP ने संसाधनों की जांच के साथ व्यवस्थाओं को परखा
    Next Article
    प्रयागराज में महाशिवरात्रि स्नान को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी:संगम जाने के लिए पैदल रूट तय, जाने से पहले जान लें पार्किंग और रूट मैप

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment