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    शोभापुर में सड़कों पर जलभराव, छतों पर करंट का खतरा:वार्ड-12 का हाल, लोग बोले- अफसर नाप-जोख करते हैं पर काम नहीं होता

    1 day ago

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    टूटी सड़कें, जलभराव, जाम नालियां और झूलते बिजली के तार…। ये नजारा मेरठ के वार्ड-12 शोभापुर का है। यहां के लोगों का कहना है कि सड़कें खराब हैं और अधिकारी हर बार नापजोख कर चले जाते हैं। पार्षद भी आश्वासन देकर लौट जाते हैं। लेकिन धरातल पर एक ईंट तक नहीं बदलती। बारिश होते ही सड़कें तालाब बन जाती हैं, घरों में पानी घुस जाता है। बच्चे स्कूल जाने के लिए जोखिम उठाते हैं। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने जब अपना दर्द साझा किया तो उनकी आवाज में गुस्से भी नजर आया। वार्डवासियों का कहना है कि विकास के नाम पर उन्हें सिर्फ वादे मिले, सुविधाएं नहीं। न कूड़ा समय पर नहीं उठता है और न ही अतिक्रमण की समस्या खत्म होती है। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इस कड़ी में वार्ड-12 का जायजा लिया गया... वार्ड की नालियों में घास उगी मिली और उनमें गंदगी जमा थी। मच्छरों के पनपने और बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। सड़क किनारे मंदिर के बाहर कूड़े का ढेर लगा मिला, जिससे श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर बिजली के तार घरों की छतों और दीवारों से होकर गुजरते नजर आए, जो हर समय हादसे का खतरा पैदा करते हैं। वहीं जगह-जगह टूटी नालियां और बदहाल सड़कें वार्ड की अव्यवस्थाओं की तस्वीर बयां करती मिलीं। पहले ये नजारा देखिए... गंदगी और बदहाल सफाई व्यवस्था बनी मुसीबत जवाहर नगर निवासी आरती शर्मा ने बताया कि क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होती। नालियों की सफाई भी नहीं की जाती, जिससे गंदगी और जलभराव की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश में हालात और खराब हो जाते हैं तथा कई बार हादसे भी हो जाते हैं। गीता देवी ने बताया कि नालियों में घास उग आई है। न फॉगिंग होती है और न ही कूड़ा उठाने वाली गाड़ी पूरी गली तक आती है। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। वार्ड की बड़ी समस्याएं खुले बिजली के तार: घरों की छतों और दीवारों से गुजरते बिजली के तार हादसों का कारण बन रहे हैं। जलभराव: हल्की बारिश में ही गलियों और घरों में पानी भर जाता है। गंदगी और खराब सफाई व्यवस्था: नियमित सफाई और फॉगिंग न होने से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। अतिक्रमण: तालाब और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कब्जे की शिकायतें हैं। टूटी सड़कें और नालियां: जर्जर सड़कें और क्षतिग्रस्त नालियां आवागमन को प्रभावित कर रही हैं। जलभराव से सबसे ज्यादा परेशान राजेश शर्मा ने बताया कि बारिश के दौरान सड़कों के साथ घरों में भी पानी भर जाता है। कई बार अधिकारियों ने नापजोख की, लेकिन उसके बाद कोई काम शुरू नहीं हुआ। कौशल देवी ने बताया कि थोड़ी सी बारिश में ही मंदिर जाने का रास्ता जलमग्न हो जाता है। कई श्रद्धालु फिसलकर गिर चुके हैं और स्कूली बच्चों की ई-रिक्शा भी कई बार पलट चुकी है। घरों से सटकर गुजर रहे बिजली के तार शोभापुर के लोगों ने बताया कि बिजली के तार लोगों की छतों और दीवारों से होकर गुजर रहे हैं। कई बच्चों को करंट लग चुका है। पिछले तीन वर्षों से लगातार शिकायत की जा रही है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। शांति देवी ने बताया कि टूटी नालियां, जर्जर सड़कें और बिजली के खतरनाक तार वार्ड की पहचान बन चुके हैं। चुनाव के समय नेता आते हैं, लेकिन बाद में कोई सुध लेने नहीं आता। टूटी सड़कें और अधूरे विकास कार्य संदीप शर्मा ने बताया कि 15-15 दिन तक सफाईकर्मी नहीं आते। उनकी गली के निर्माण की कई बार नापजोख हो चुकी है, लेकिन आज तक काम शुरू नहीं हुआ। सोनू ने बताया कि दुर्गा मंदिर वाली गली की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। रोजाना लोग गिरकर चोटिल होते हैं, लेकिन मरम्मत नहीं कराई जा रही। काम नहीं होता, सिर्फ आश्वासन मिलता है दीपक चौधरी ने बताया कि कूड़ा उठाने वाली गाड़ी केवल एक स्थान तक आती है। लोगों को दूर जाकर कूड़ा डालना पड़ता है, इसके बाद भी गाड़ी बिना रुके लौट जाती है। अशोक सिरोही ने बताया कि गंदगी से नाले जाम हैं और कई रास्ते अब भी कच्चे हैं। सड़क निर्माण के लिए कई बार मांग की गई, लेकिन हर बार प्रस्ताव का हवाला देकर मामला टाल दिया जाता है। ----------------- ये खबर भी पढ़िए… DM, SSP और कमिश्नर कार्यालय वाले इलाके से विकास लापता:मेरठ के VIP वार्ड 32 सिविल लाइन में टूटी सड़कें, जाम नाले व जलभराव मेरठ नगर निगम का वार्ड-32 सिविल लाइन शहर के VIP वार्डों में शामिल है। कलेक्ट्रेट, कचहरी, डीएम, एसएसपी और कमिश्नर के कार्यालय व आवास इसी वार्ड में हैं। फिर भी विकास के मामले में बहुत पिछड़ा है। टूटी सड़कें, जाम नाले, जलभराव, गंदा पेयजल और बदहाल सार्वजनिक शौचालय यहां की पहचान बन चुके हैं। पॉश इलाके के लोग भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… ----------------- ये खबर भी पढ़िए… घरों में पहुंच रही दुर्गंध, सड़क पर जानवरों के झुंड:मेरठ के वार्ड-24 का हाल, लोग बोले- मेयर, सांसद, मंत्री सबसे कहा पर कुछ नहीं हुआ मेरठ का वार्ड-24 कसेरू बक्सर महापौर के वार्ड से सटा है, फिर भी यहां हालात बदहाल हैं। स्कूल के सामने कूड़ाघर बना है। बच्चे बदबू और गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। अम्हेड़ा रोड गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। आवारा पशु और कुत्ते लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं। शिकायतें होती हैं, लेकिन समाधान नहीं मिलता। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय वादे किए जाते हैं। चुनाव खत्म होते ही नेता गायब हो जाते हैं। विकास के दावे बहुत हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां करती है। पूरी खबर पढ़ें…
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