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    शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का सतीश महाना पर पलटवार:गोंडा में कहा- विधानसभा अध्यक्ष पद को लज्जित कर रहे, जहां सरकार-संघ के लोग, वहां चोरी

    20 hours ago

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    शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती बुधवार देर रात करीब 11:30 बजे अपनी दो दिवसीय गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के तहत गोंडा जिले के कटरा बाजार क्षेत्र के बरुई गोंदहा पहुंचे। यहां सपा नेता विनोद शुक्ला द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने अपने अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के बयान पर पलटवार करते हुए वैष्णो देवी में चांदी चोरी और अमरनाथ शिवलिंग के पांच दिन में अंतर्ध्यान होने के मुद्दे पर भी प्रतिक्रिया दी। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के चंदा चोरी संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य ने कहा- अभी तक मुख्यमंत्री पद पर बैठा व्यक्ति ही उस पद को लज्जित कर रहा था, अब विधानसभा अध्यक्ष भी अपने पद को लज्जित कर रहे हैं। उन्होंने महाना को उच्च पद की गरिमा बनाए रखते हुए संयम बरतने की सलाह दी। शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि महाना चोरी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। लोग इस चोरी को भूल नहीं पा रहे हैं, इसलिए ध्यान दूसरी ओर मोड़ा जा रहा है। अयोध्या में भी 'दूध का दूध, पानी का पानी' की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। बाद में 27 साल पुरानी घटना को इस तरह पेश किया गया कि हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़ाई गई थी। इसके बाद चर्चा असली मुद्दे से हट गई। उन्होंने आगे कहा- इसी तरह महाना जी भी लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। वे ऐसी बातें कर रहे हैं, जिनका न तो सिर है और न ही पैर। बताइए, उनके पास कौन-सा थर्मामीटर या कौन-सी मशीन है, जिससे पता चल जाता है कि कौन-सा रुपया श्रद्धा का है और कौन-सा बिना श्रद्धा का। वैष्णो देवी में चांदी चोरी के मामले पर शंकराचार्य ने कहा- जहां-जहां सरकार और संघ के लोग बैठे हैं, वहां-वहां मंदिरों में ऐसी घटनाएं हो रही हैं। कार्यकर्ताओं के खर्चे बढ़ गए हैं और उनके रहन-सहन का स्तर बदल गया है। उन्हें अब भव्य इमारतों में कार्यालय चाहिए और उनके शौक भी बदल चुके हैं। जब इतना खर्च कहां से आए, तो उन्होंने मंदिरों में पैसा देखा और वहीं से काम शुरू कर दिया। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों को मंदिरों से हटाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि सनातन धर्म के मंदिरों में केवल सनातन धर्म के आचार्य और उसका पालन करने वाले लोगों को ही रहने का अधिकार होना चाहिए। जहां अमरनाथ वहां गोमाता की रक्षा होती थी अमरनाथ में पांच दिन के भीतर शिवलिंग के अंतर्ध्यान होने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा- आप लोगों से एक बड़ा सच छिपाया गया है। जम्मू-कश्मीर में, जहां अमरनाथ का शिवलिंग बनता है, वहां 200 वर्षों से अधिक समय तक गौमाता की रक्षा का कानून लागू था। यदि कोई गाय की हत्या करते हुए पकड़ा जाता था, तो उसे 10 वर्ष की बामुशक्कत कैद की सजा होती थी। इतना ही नहीं, यदि किसी के पास एक किलो मांस भी बरामद हो जाता था, तो उसे कम से कम एक वर्ष का कारावास भुगतना पड़ता था। उन्होंने दावा किया कि अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने गौमाता की रक्षा का कानून हटा दिया और गौहत्या की छूट दे दी। इसके बाद वहां खुलेआम गौहत्या होने लगी। भगवान को भी लगा होगा कि जहां गौहत्या को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहां वे कैसे दर्शन दें, इसलिए वे अंतर्ध्यान हो गए।
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