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    शक्ति की सप्त धारा क्या है? पीएम मोदी के 7 स्तंभ जो देश की अर्थव्यवस्था को देंगे नई उड़ान

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अपने स्वतंत्रता दिवस भाषण में 'शक्ति की सप्तधारा' का ज़िक्र किया। उन्होंने उन सात धाराओं को बताया जो भारत की ताकत हैं और देश की तरक्की को अगले स्तर पर ले जाएंगी। लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि ये सात स्तंभ 'विकसित भारत' की ओर भारत की यात्रा को आकार देंगे। मैन्युफैक्चरिंग (निर्माण) के बड़े पैमाने पर विस्तार पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्री ने इसे भारत की भविष्य की आर्थिक वृद्धि का मुख्य आधार बताया। उन्होंने कहा, "डिज़ाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद केंद्र बनना होगा। इसके लिए, मैं 3 चीज़ों पर खास ज़ोर देना चाहता हूँ। मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में काम कर रहे मेरे भाइयों और बहनों, इस मौके को हाथ से न जाने दें। इसके लिए हमें लागत, गुणवत्ता और पैमाने के मामले में ग्लोबल स्टैंडर्ड्स पर खरा उतरना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरी ताकत कृषि और फूड प्रोसेसिंग है।इसे भी पढ़ें: PM Modi का Red Fort से 'Viksit Bharat' का संकल्प, बच्चों से भावुक मुलाकातसप्तधारा की दूसरी ताकत खेती और फ़ूड प्रोसेसिंग है। हमें इस दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। दुनिया के बाज़ार अब हमारे किसानों के लिए खुले हैं। FTA की वजह से हमें एक बहुत बड़े बाज़ार तक पहुँच मिल रही है; हमें वहाँ तक पहुँचना होगा। हमें खेत से एक्सपोर्ट मार्केट तक का सफ़र तय करना होगा। हमारे पारंपरिक व्यंजन, मोटे अनाज (मिलेट्स), मसाले, फल और फूल ग्लोबल ब्रांड बनने चाहिए। सप्तधारा की दूसरी ताकत खेती और फ़ूड प्रोडक्शन है। आज ग्लोबल मार्केट खुल रहे हैं और FTA के ज़रिए हमें बड़े नए बाज़ार मिल रहे हैं। चाहे हमारे मसाले हों या मोटे अनाज, उन्हें ग्लोबल ब्रांड बनना चाहिए। उन्होंने तीसरी ताकत के तौर पर टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का ज़िक्र किया। आज का दौर AI, क्वांटम, स्पेस, रोबोटिक्स और डेटा सेंटर्स का है। नई तकनीकें भी हर पल हमारे सामने चुनौतियां पेश कर रही हैं। हमें इनोवेशन का हब बनना होगा। हमने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अपनी काबिलियत साबित की है। अब भारत को डिजिटल पब्लिक टेक्नोलॉजी को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना है।इसे भी पढ़ें: India-US Relations पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, Marco Rubio ने गिनाए Defense और AI क्षेत्र में सहयोग के बड़े फायदेभारत को नेक्स्ट जेनरेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में लीड करना होगा। 'मेड इन इंडिया' 6G तकनीक देश के हर कोने तक पहुंचे, यही हमारा लक्ष्य होना चाहिए। यह दौर रोबोटिक्स, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, स्पेस और डेटा सेंटर्स का है। नई तकनीकें नई चुनौतियां पेश कर रही हैं और हमें इनोवेशन का ग्लोबल हब बनना होगा। हमने UPI और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के ज़रिए अपनी ताकत पहले ही साबित कर दी है। अब हमें नेक्स्ट-जेनरेशन कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी में अगली बड़ी छलांग लगानी है।शक्ति की सप्त धाराकृषि एवं खाद्य उत्पाद  खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) का विस्तार करना; श्रीअन्न (मोटे अनाज/Millets), मसाले, फल और अन्य भारतीय कृषि उत्पादों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाना। प्रौद्योगिकी एवं नवाचार भारत को AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), क्वांटम तकनीक, अंतरिक्ष (Space), रोबोटिक्स, डेटा सेंटर और नेक्स्ट-जेन संचार के क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र बनाना। गति शक्ति (कनेक्टिविटी एवं बुनियादी ढांचा) हाई-स्पीड रेल, आधुनिक राजमार्गों, हवाई अड्डों, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स और बंदरगाहों के माध्यम से निर्बाध (सीमलैस) कनेक्टिविटी स्थापित करना। रक्षा शक्ति रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना, अत्याधुनिक रक्षा तकनीक विकसित करना और एक वैश्विक रक्षा निर्यातक बनना। हरित एवं नीली अर्थव्यवस्था ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा, ऊर्जा भंडारण, ग्रीन मोबिलिटी और पर्यावरण-अनुकूल विनिर्माण; इसके साथ ही मत्स्य पालन, तटीय पर्यटन और समुद्री तकनीक को बढ़ावा देना। भारत की सॉफ्ट पावर योग, आयुर्वेद, समग्र स्वास्थ्य सेवा (होलिस्टिक हेल्थकेयर), कला, संस्कृति और समृद्ध विरासत के माध्यम से वैश्विक स्तर पर भारत के प्रभाव को सुदृढ़ करना। विनिर्माण शक्ति भारत को स्पेयर पार्ट्स (कंपोनेंट्स) से लेकर अंतिम उत्पादों तक एक विश्वसनीय वैश्विक सप्लाई-चेन हब बनाना। 
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