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    शॉर्ट टर्म गोल्स और परिवार के सपोर्ट ने दिलाई कामयाबी:मेरठ की वंशिका ने UPSC में हासिल की 809वीं रैंक, कहा- तैयारी से ज्यादा जरूरी है प्रेशर मैनेज करना

    2 hours ago

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    मेरठ की वंशिका भगत ने UPSC 2025 परीक्षा में 809वीं रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया है। सफलता के बाद वंशिका ने कहा कि रिजल्ट आने के बाद उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है, हालांकि इसके साथ जिम्मेदारी का एहसास भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जब तक लोगों ने आकर बधाई नहीं दी, तब तक उन्हें खुद भी ठीक से यकीन नहीं हुआ था कि उनका चयन हो गया है। वंशिका ने बताया कि उन्होंने साल 2022 से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। उन्होंने कहा कि स्कूल के समय से ही उन्होंने तय कर लिया था कि उन्हें यही परीक्षा देनी है। उन्होंने अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने ज्यादातर पढ़ाई घर से रहकर ऑनलाइन माध्यम से की। उनका मानना है कि दिल्ली जैसे शहर में रहकर कोचिंग करने में समय और व्यवस्थाओं को संभालने में काफी समय खराब होता है, जबकि घर पर रहकर पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगाया जा सकता है। इसी वजह से उन्होंने ऑनलाइन संसाधनों का ज्यादा इस्तेमाल किया। ऑप्शनल विषय के रूप में वंशिका ने पॉलिटिकल साइंस चुना। उनका कहना है कि यह विषय उनकी रुचि से भी जुड़ा था और सिविल सेवा परीक्षा के लिए भी उपयोगी लगा, इसलिए उन्होंने इसे चुना। वंशिका अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाई को देती हैं। उन्होंने बताया कि परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बढ़ाया और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया। परिवार के इसी सहयोग की वजह से वह लगातार कोशिश करती रहीं। यह उनका चौथा प्रयास था। वंशिका ने कहा कि पिछले प्रयासों में असफलता मिलने के बाद कभी-कभी निराशा जरूर होती है, लेकिन उन्होंने खुद को छोटे-छोटे लक्ष्यों पर ध्यान देने के लिए तैयार किया। उनका मानना है कि अगर अभ्यर्थी केवल आने वाले अगले चरण की तैयारी पर ध्यान दे, जैसे प्रीलिम्स या मेंस, तो दबाव कम महसूस होता है। सोशल मीडिया को लेकर उन्होंने कहा कि वह इसे पूरी तरह से नहीं छोड़ती थीं, लेकिन परीक्षा के समय खुद को इससे दूर कर लेती थीं। जैसे मेंस परीक्षा से पहले उन्होंने सोशल मीडिया डिलीट कर दिया था ताकि ध्यान भटकने से बच सके।अपनी पढ़ाई के रूटीन के बारे में वंशिका ने बताया कि वह रोजाना करीब पांच घंटे पढ़ाई जरूर करती थीं, जबकि परीक्षा के नजदीक आने पर पढ़ाई का समय और बढ़ जाता था। अन्य अभ्यर्थियों के लिए संदेश देते हुए वंशिका ने कहा कि यह परीक्षा सिर्फ पढ़ाई की नहीं बल्कि मानसिक दबाव को संभालने की भी परीक्षा है। इसलिए ज्यादा दबाव लेने के बजाय संतुलित तरीके से तैयारी करनी चाहिए और छोटे-छोटे लक्ष्यों पर ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि अगर अभ्यर्थी धैर्य बनाए रखे और लगातार प्रयास करता रहे, तो सफलता जरूर मिलती है।
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