Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    शासन तक पहुंचा आजमगढ़ का मदरसा प्रकरण:आजमगढ़ मंडल के डीआईजी और कमिश्नर को सौंपी जांच, 7 दिन में मांगी गई रिपोर्ट

    1 hour ago

    1

    0

    आजमगढ़ जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मदरसे में टीचर रहे शमशुल हुदा द्वारा ब्रिटेन की नागरिकता लेने के बाद भी आजमगढ़ के मदरसे से वेतन लेने के मामले को लेकर शासन सख्त हो गया है। उत्तर प्रदेश शासन ने इस मामले की जांच करने के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में आजमगढ़ मंडल के कमिश्नर विवेक कुमार और डीआईजी सुनील कुमार सिंह को नामित किया गया है। या जांच कमेटी एक सप्ताह के भीतर शासन को अपनी रिपोर्ट देगी। जिसके आधार पर मामले में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। शाम तक देनी है कमिश्नर को रिपोर्ट इस बारे में दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विजय प्रताप यादव ने बताया कि शासन ने मामले का संज्ञान लिया है। डीआईजी सुनील कुमार सिंह और विवेक कुमार की अध्यक्षता में दो सदस्य टीम गठित की गई है। जो 7 दिन के भीतर शासन को अपनी रिपोर्ट देगी जिले में इस पूरे मामले की छानबीन के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर विजय प्रताप यादव और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल देर रात तक इस मामले की रिपोर्ट कमिश्नर और डीआईजी को संयुक्त रूप से देंगे। हर मामले में हाईकोर्ट जा रहा है आरोपी दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ की अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल का कहना है कि ब्रिटेन की नागरिकता लेने वाला मदरसा शिक्षक हर मामले को लेकर हाईकोर्ट जा रहा है। इसीपुर आरोपी समसूल हुदा लगभग डेढ़ वर्ष पहले अपनी रिकवरी की कार्रवाई रोकने के लिए स्टे लिया था। ऐसे में जिले के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अधिकारियों ने इस मामले में आरोपी के स्टे का काउंटर करते हुए स्टे वोकेशन लगा दिया था। इसके साथ ही आरोपी पेंशन के लिए भी कोर्ट गया हुआ है। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वर्षा अग्रवाल का कहना है कि लगातार आरोपी जिस मामले को लेकर माननीय न्यायालय में जा रहा है। हर पहलू पर हम लोग नजर बनाए हुए हैं और लगातार काउंटर भी किया जा रहा है। बुधवार को हुई थी छापेमारी जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के मदरसे में टीचर रहे समशुल हुदा के मुबारकपुर स्थित अस्थाई आवास पर बुधवार को 12 सदस्यीय ED की टीम ने सीआरपीएफ की कंपनी के साथ सुबह 7:00 से लेकर रात 7:00 बजे तक 12 घंटे की छापेमारी की थी। टीम को अबाउट ट्रांजैक्शन के बारे में जानकारी मिली थी इसी को ध्यान में रखते हुए कई बैंक के अधिकारियों को इस छापेमारी में शामिल किया गया था। हालांकि लोकल प्रशासन को इस छापेमारी से दूर रखा गया था। टीम के साथ आई सीआरपीएफ की टीम आसपास किसी को फटकने भी नहीं दे रही थी। यही कारण है कि जो लोग आसपास दिख रहे थे। उन्हें तुरंत मौके से हटा दिया जा रहा था। वर्ष 2013 में समसूल हुदा ने ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी। इस मामले में उत्तर प्रदेश की सरकार ने मदरसे की मान्यता को रद्द करते हुए कई अधिकारियों पर निलंबन की भी कार्रवाई की थी। इस मामले में शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक एसएन पांडे गाजियाबाद के डीएमओ साहित्य निकट सिंह बरेली के लालमन अमेठी के प्रभात कुमार को निलंबित भी पूर्व में कर दिया है इन सभी पर आजमगढ़ में पोस्टिंग के दौरान मौलाना को लाभ देने का आरोप लगा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले मुबारकपुर में आयोजित होने वाले उर्स में शामिल होने आता था पर बाद में आना बंद कर दिया। ATS जांच में आया था कनेक्शन मौलाना का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। आरोप है कि उसने विदेशी फंडिंग से मदरसा का संचालन किया और भारत में कट्टरपंथी नेटवर्क को ऑपरेट करने का मॉड्यूल तैयार किया। संतकबीरनगर का रहने वाला मौलाना, विदेश में बस चुका है। उसके विदेश में रहने की जानकारी के बाद भी अधिकारियों ने वेतन, अवकाश और पेंशन का लाभ दिलाया। ब्रिटेन में रहता था, लेकिन भारत में वेतन ले रहा था संतकबीरनगर का शमसुल हुदा खान 12 जुलाई 1984 को आजमगढ़ के मदरसा 'दारुल उलूम अहले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उलूम' में सहायक अध्यापक नियुक्त हुआ था। वर्ष 2007 में वह ब्रिटेन चला गया। वहां की नागरिकता भी 2013 में हासिल कर ली। ब्रिटिश नागरिकता लेने के बाद भी वह भारत के मदरसे से वेतन लेता रहा। उसने मदरसे से 31 जुलाई 2017 तक वेतन लिया। विभागीय मिलीभगत से उसे अनियमित चिकित्सा अवकाश स्वीकृत होते रहे। लगभग 16 लाख रुपये वेतन उसने अवैध रूप से प्राप्त किए। 2017 में उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) दे दी गई। हद तो यह कि उसके जीपीएफ व पेंशन का लाभ भी विभाग ने दिया।मौलाना के खिलाफ एटीएस ने भी जांच की। जांच में सामने आया कि मौलाना शमसुल हुदा खान 2007 से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था। इस्लामी प्रचार के नाम पर वह पाकिस्तान के कई शहरों में जाता था। वहां के मौलवियों और धार्मिक संगठनों के संपर्क में था।
    Click here to Read more
    Prev Article
    टोल प्लाजा कर्मचारियों को कार से कुचलने की कोशिश, VIDEO:हापुड़ में 240 रुपए के लिए विवाद; भागकर जान बचाई; आरोपी गिरफ्तार
    Next Article
    माफिया अनुपम दुबे के भाई सहित 6 गिरफ्तार:गैंगस्टर मामले में 11 पर रिपोर्ट दर्ज, 30 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment