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    Supreme Court ने Chandrababu Naidu के खिलाफ याचिका खारिज की, अमरावती केस में राहत

    3 hours from now

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    उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश में दखल देने से इनकार कर दिया, जिसमें राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और मंत्री पी. नारायण के खिलाफ राजधानी अमरावती में ‘लैंड पूलिंग’ योजना में कथित अनियमितताओं से जुड़े मामले को रद्द कर दिया गया था। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि वह उच्च न्यायालय के आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि इस याचिका का फैसला अन्य मामलों को प्रभावित नहीं करेगा और उन मामलों का फैसला उनके अपने तथ्यों और गुण-दोष के आधार पर किया जाना चाहिए।याचिकाकर्ता ए. रामकृष्ण रेड्डी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने कहा कि इस मामले में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई थीं। उन्होंने बताया कि इसमें 25,000 से अधिक किसानों की करीब 30,000 एकड़ जमीन शामिल थी। पीठ ने कुमार से कहा, ‘‘किसानों से जुड़े बड़े मुद्दे पर हम आपके साथ हैं।उन्हें जो भी मिलना चाहिए, हम उसकी रक्षा करेंगे।’’ हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने बताया कि मौजूदा आपराधिक कार्यवाही एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के कहने पर शुरू की गई थी और कोई भी किसान सामने नहीं आया था। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कुमार से कहा, ‘‘राजनीतिक लड़ाइयां अदालत में नहीं लड़ी जानी चाहिए।’’ इसके साथ ही उन्होंने उच्च न्यायालय के 15 जुलाई के आदेश को चुनौती देने वाली रेड्डी की याचिका का निपटारा कर दिया। वर्ष 2016 के सरकारी आदेश के तहत घोषित ‘लैंड पूलिंग’ योजना को लेकर तत्कालीन विधायक ए. रामकृष्ण रेड्डी की शिकायत पर 12 मार्च, 2021 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।इस मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने की थी, जिसने नायडू, नारायण और अन्य लोगों को आरोपी बनाया था और उन पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी), अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा आंध्र प्रदेश आवंटित भूमि (हस्तांतरण पर प्रतिबंध) अधिनियम, 1977 की अलग-अलग धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। इससे पहले, नायडू और नारायण की ओर से मामला रद्द करने की याचिकाएं दाखिल किए जाने के बाद उच्च न्यायालय ने मामले में आगे की सभी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। ‘लैंड पूलिंग’ योजना के तहत, आंध्र प्रदेश सरकार ने राजधानी अमरावती के विकास के लिए किसानों से खेती की ज़मीन ली थी और बदले में उन्हें विकसित रिहायशी और कमर्शियल प्लॉट दिए थे।इस योजना के तहत, राजधानी परियोजना के लिए दी गई हर एक एकड़ कृषि भूमि के बदले किसानों को 1,000 वर्ग गज आवासीय भूमि और 250 वर्ग गज व्यावसायिक भूमि मिलनी थी।
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