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    Supreme Court ने Kerala Govt से मांगा जवाब, Death Row Convict को Assam जेल भेजने पर टिकी निगाहें

    15 minutes ago

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    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केरल सरकार से मौत की सज़ा पाए कैदी मुहम्मद अमीर-उल-इस्लाम की याचिका पर जवाब मांगा। उसने केरल की विय्युर सेंट्रल जेल से असम की जेल में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जहाँ उसकी पत्नी और बुज़ुर्ग माता-पिता रहते हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने केरल से याचिकाकर्ता को असम की जेल में ट्रांसफर करने के मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट, केरल के पेरुम्बावूर में 2016 में एक दलित लॉ स्टूडेंट के रेप और मर्डर के मामले में अमीर-उल-इस्लाम की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। वह इस मामले में दोषी ठहराया गया और मौत की सज़ा पाने वाला एकमात्र आरोपी है। अमीर-उल-इस्लाम की ओर से पेश हुईं सीनियर वकील रेबेका जॉन ने कहा कि आम तौर पर, मौत की सज़ा पाए कैदी को तब तक दूसरी जगह नहीं भेजा जा सकता जब तक अपील का समय खत्म न हो जाए या अपील पर फ़ैसला न हो जाए, और इस मामले में वह चरण पहले ही पार हो चुका था।इसे भी पढ़ें: Privacy Violation: दिल्ली हाईकोर्ट ने Abhijit Iyer-Mitra और मीडिया आउटलेट्स को जारी किया समन, मांगा जवाबउन्होंने कहा कि केरल हाई कोर्ट ने मौत की सज़ा पर पहले ही मुहर लगा दी थी और अपील से जुड़ी कार्यवाही पूरी हो चुकी थी। हालांकि, बेंच ने सवाल किया कि क्या असम सरकार अमीर-उल-इस्लाम को लेने के लिए सहमत हुई है।इसे भी पढ़ें: Madras High Court ने Tamil Nadu की 5 सीटों पर By-elections पर रोक बढ़ाई, ECI के जवाब के बाद बड़ा फैसलाजॉन ने जवाब दिया कि असम ने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है क्योंकि राज्य, प्रस्तावित ट्रांसफर के लिए केरल की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है। असम की ओर से पेश वकील ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर केरल ट्रांसफर की इजाज़त देता है तो राज्य इस अनुरोध पर विचार करेगा। असम के रहने वाले और प्रवासी मज़दूर अमीर-उल-इस्लाम को दिसंबर 2017 में 28 अप्रैल 2016 को पेरुम्बावूर में दलित लॉ स्टूडेंट के रेप और मर्डर का दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे मौत की सज़ा सुनाने से पहले मुख्य रूप से DNA सबूतों और गवाहों के बयानों पर भरोसा किया था। बाद में केरल हाई कोर्ट ने सज़ा पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 में उसकी फांसी पर रोक लगा दी।
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