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    टीचर सुसाइड मामले में गोरखपुर पुलिस की कार्रवाई:देवरिया में लिपिक की तलाश, संभावित ठिकानों पर की छापेमारी

    2 hours ago

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    गोरखपुर पुलिस ने देवरिया जिले से जुड़े शिक्षक आत्महत्या प्रकरण में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद, पुलिस अब बीएसए कार्यालय के एक लिपिक की तलाश में देवरिया में डेरा डाले हुए है और उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। यह मामला गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज का है, जहां 20 फरवरी की रात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। नागपुर पुलिस ने विवेचना के दौरान दर्ज मुकदमे में भ्रष्टाचार की धाराएं भी जोड़ी हैं। पुलिस ने इस मामले में पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अनिरुद्ध सिंह मूल रूप से देवरिया जिले के गौरीबाजार क्षेत्र के अर्जुनडीहा गांव के निवासी बताए गए हैं। जांच में सामने आया है कि अनिरुद्ध सिंह ने ही कृष्ण मोहन सिंह का परिचय बीएसए कार्यालय के लिपिक संजीव सिंह से कराया था। आरोप है कि शिक्षक की नियुक्ति के लिए 16 लाख रुपये की डील तय की गई थी। लेन-देन के साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी बढ़ा दी हैं। अब इस प्रकरण की विवेचना क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ को सौंपी गई है। कुशीनगर जनपद के हरैया बुजुर्ग निवासी कृष्ण मोहन सिंह (37) देवरिया के गौरीबाजार स्थित एक माध्यमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। वह अपने परिवार के साथ गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में रहते थे। 21 फरवरी की रात उन्होंने अपने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या से पहले उन्होंने चार पन्नों का सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और पूर्व प्रधानाचार्य अनिरुद्ध सिंह पर 16 लाख रुपये लेने और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 22 फरवरी को शिक्षक की पत्नी गुड़िया की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अन्य दो शिक्षकों का भी परिचय लिपिक से कराया गया था और उनसे भी धनराशि तय किए जाने का आरोप है। गोरखपुर पुलिस अब निलंबित बीएसए और लिपिक संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
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