Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    टाइपिंग की गलती से गिरफ्तारी अवैध कैसे?:राजा रघुवंशी हत्याकांड में सोनम की बेल पर सुप्रीम कोर्ट में सवाल, बड़ी बेंच जा सकता है मामला

    1 day ago

    1

    0

    इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई। अदालत ने संकेत दिए कि वह इस कानूनी सवाल को बड़ी बेंच के पास भेज सकती है कि क्या गिरफ्तारी मेमो में केवल टाइपिंग की गलती (टाइपो) होने से गिरफ्तारी अवैध मानी जा सकती है और आरोपी को जमानत मिल सकती है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि वह इस मुद्दे पर विस्तार से विचार करेगी। साथ ही यह भी जांचेगी कि क्या मेघालय हाईकोर्ट ने केवल टाइपिंग की गलती के आधार पर सोनम रघुवंशी को जमानत देकर सही फैसला किया था। सरकार बोली- टाइपो के आधार पर जमानत देना गलत मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह बेहद गंभीर और सुनियोजित हत्या का मामला है। ऐसे मामले में गिरफ्तारी मेमो में एक टाइपिंग की गलती के आधार पर जमानत देना कानून की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध कराए गए थे। मेमो में गलत धारा का उल्लेख केवल एक लिपिकीय (क्लेरिकल) त्रुटि थी। हाईकोर्ट ने क्यों दी थी जमानत? मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत इस आधार पर बरकरार रखी थी कि पुलिस गिरफ्तारी के उचित लिखित आधार उपलब्ध नहीं करा सकी। अदालत ने यह भी कहा था कि गिरफ्तारी मेमो में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की हत्या से जुड़ी धारा 103(1) की जगह गलती से धारा 403 लिख दी गई थी। हाईकोर्ट ने इसे जांच एजेंसी की "न्यायिक सोच के पूर्ण अभाव" का उदाहरण माना था। सुप्रीम कोर्ट ने मांगे मूल दस्तावेज सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी के समय लिखित आधार देना कितना जरूरी है, इस पर अलग-अलग फैसले हैं और इस कानूनी सवाल पर स्पष्टता जरूरी है। अदालत ने मेघालय पुलिस को निर्देश दिया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को दिए गए मूल दस्तावेज की स्पष्ट प्रतियां पेश की जाएं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस समय वास्तव में क्या जानकारी दी गई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस मनोज मिश्रा ने मौखिक रूप से कहा कि यदि जमानत का तकनीकी आधार टिकाऊ नहीं पाया गया, तो जमानत आदेश भी रद्द हो सकता है। 23 मई को दोनों लापता हुए, 2 जून को राजा का शव मिला था इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी मई 2025 में हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए थे। बाद में 2 जून को राजा का शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने आर्थिक लाभ के लिए सुपारी किलर्स के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। फिलहाल वह जमानत पर बाहर है, जबकि अन्य आरोपी जेल में बंद हैं। ………………………. यह खबर भी पढ़ें राजा की हत्या का मास्टरमाइंड राज कुशवाह: सोनम की शादी के 11 दिन पहले प्लान किया मर्डर इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या का मास्टरमाइंड सोनम का प्रेमी राज कुशवाह है। उसने राजा और सोनम की शादी के 11 दिन पहले मर्डर का प्लान बना लिया था। यह खुलासा मेघालय पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने किया है। पढ़ें पूरी खबर
    Click here to Read more
    Prev Article
    लैंसेट की स्टडी; कुपोषण का दोहरा बोझ:बचपन में दुबले, पर 9 साल की उम्र में मोटे हो रहे कई बच्चे
    Next Article
    महाराष्ट्र में डॉक्टर को थप्पड़ मारने वाला शिवसेना पार्षद गिरफ्तार:3 साथी भी पकड़े गए; डॉक्टर ने इस्तीफा दिया, कहा- डर से शहर छोड़ा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment