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    ट्रंप-जिनपिंग मीटिंग से पहले चीन के 'नास्त्रेदमस' की क्या भविष्यवाणी आई! ट्रंप सच में करने वाले हैं कुछ ऐसा?

    20 hours ago

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    क्या ईरान युद्ध के लिए अमेरिका युवाओं पर जबरन सैन्य भर्ती थोपेगा। अमेरिका में सिविल वॉर अनिवार्य सैन्य भर्ती और एक ऐसी ग्लोबल मंदी जो आपकी हमारी जेब खाली कर देगी। क्या चीन के नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियां 2027 को सबसे काला साल बना देंगी? 2024 में जब पूरी दुनिया अमेरिकी चुनाव को लेकर कयास लगा रही थी। तब एक प्रोफेसर ने खुलकर भविष्यवाणी की थी। डॉनल्ड ट्रंप जीतेंगे। वो मिडिल ईस्ट में अमेरिका को जंग की ओर धकेलेंगे और अमेरिका उस दलदल में फंस जाएगा। यह भविष्यवाणी करने वाले इंसान का नाम है प्रोफेसर जियांग शुकिंग। जिन्हें आज सोशल मीडिया और इंटरनेशनल मीडिया पर चीन के नास्त्रेदमस के तौर पर जाना जाता है। हाल ही में एक पॉडकास्ट में प्रोफेसर जियांग शुकिंग ने साल 2027 के लिए पांच ऐसी भविष्यवाणियां की हैं जिसने पूरी दुनिया के जिओपॉलिटिकल एक्सपर्ट्स की नींद उड़ा दी हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि  चीनी मूल के कनाडिया प्रोफेसर जियांग हैं जिन्हें जियांग शुकिंग के नाम से जाना जाता है। प्रोफेसर जियांग कोई बाबा या ज्योतिषी नहीं है। वह एक रिसर्चर हैं जो अपना यूट्यूब चैनल प्रिडिक्टिव हिस्ट्री चलाते हैं। उनकी भविष्यवाणियां किसी तिलिस्म पर नहीं बल्कि गेम थ्योरी और ऐतिहासिक पैटर्न्स यानी हिस्टोरिकल पैटर्न्स पर टिकी होती हैं। गेम थ्योरी का सिंपल मतलब है जिओपॉलिटिक्स में जितने भी बड़े प्लेयर्स हैं चाहे अमेरिका हो, ईरान हो, इजराइल हो या चीन सबका एक गोल होता है। उनके कुछ नियम होते हैं और कुछ फायदे। जब आप इन खिलाड़ियों के अगले सबसे लॉजिकल कदम को कैलकुलेट करते हैं, तो आपको भविष्य की तस्वीर साफ-साफ दिखने लगती है और इसी कैलकुलेशन के दम पर जियांग ने ट्रंप की जीत और मिडिल ईस्ट का तनाव प्रोजेक्ट किया था। इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के स्वागत में ट्रंप की खास तैयारी, भारत पर क्या असर? 5 प्वाइंट से समझें मुलाकात की अहमियतसाल 2027 के लिए उनका गेम थ्योरी मॉडल क्या कह रहा है? मिडिल ईस्ट का दलदल और जबरन सेना भर्ती से संबंधित भविष्यवाणी। ईरान में अमेरिकी सेना की एंट्री और अटूट जंग, प्रोफेसर जियांग का कहना है कि सिर्फ हवाई हमलों या मिसाइलों से ईरान का कुछ नहीं बिगड़ने वाला। अमेरिका अपनी विदेश नीति के एक भारी चूक के कारण मजबूरन ईरान में अपने ग्राउंड ट्रूप्स यानी पैदल सेना उतारेगा। लेकिन इतिहास गवाह है। वियतनाम से लेकर अफगानिस्तान तक। अमेरिका जब भी जमीनी जंग में उतरा है वो लंबे युद्ध में फंसा है। जी हां का दावा है कि अमेरिका ईरान में एक ऐसी जंग शुरू करेगा जिसे वो कभी जीत नहीं पाएगा। प्रोफेसर जियांग के मुताबिक 2027 तक ईरान में जमीनी जंग लड़ने के लिए अमेरिका को लाखों सैनिकों की जरूरत होगी और इसे पूरा करने के लिए अमेरिकी सरकार एक कानून या ड्राफ्ट तैयार कर सकती है। जिसके तहत युवाओं की अनिवार्य सैन्य भर्ती होगी।इसे भी पढ़ें: Russia-China Counter: ग्रीनलैंड में मिलिट्री बेस बनाएगा अमेरिका, हो गई बड़ी डील!आपको बता दें कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका की यात्रा पर रहेंगे। पिछले चार महीने में दोनों नेताओं की यह दूसरी मुलाकात होगी। इससे पहले वे मई में पेइचिंग में मिले थे। चीन ने इस घटनाक्रम को ऐतिहासिक करार दिया है। फिलहाल लगभग 11 अरब डॉलर का हथियार पैकेज अमेरिका की मंजूरी का इंतजार कर रहा है और शी जिनफिंग की इस बातचीत में यह मुद्दा सबसे प्रमुख रहने की उम्मीद भी है। दूसरी तरफ अमेरिका में इस दौरे को लेकर जबरदस्त तैयारियां चल रही है। प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए खुद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एंड्र्यूस एयरफोर्स बेस पर शी जिनफिंग का स्वागत करने पहुंचेंगे और इसके अगले दिन वाइट हाउस में मिलिट्री ऑनर गार्ड और साथ ही खतरनाक फाइटर जेट्स के फ्लाई ओवर के साथ भव्य स्वागत का प्लान भी है। इस बैठक में दुनिया के तमाम बड़े दिग्गज जैसे सुंदर पिचाई, सत्य नडेला, एलन मस्क और टीम कुक जैसे चेहरे शामिल हो रहे हैं। लेकिन हैरान करने वाली बात यह है कि शी जिनफिंग अपने साथ किसी भी बड़े चीनी बिजनेस लीडर को नहीं लाए हैं। कूटनीति के जानकारों का यह मानना है कि भले ही डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनफिंग ट्रेड टेरिफ रेयर अर्थ और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे मुद्दों पर बड़ी डील करने की कोशिश कर रहे हो लेकिन बीजिंग ने ताइवान के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा और संप्रभुता के मामलों में वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। 
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