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    दुष्कर्म के प्रयास में ममेरे भाई को 10 साल कैद:फिरोजाबाद कोर्ट ने समझौता रद्द कर दोषी को सुनाई सजा

    4 hours ago

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    फिरोजाबाद में किशोरी से दुष्कर्म के प्रयास के मामले में न्यायालय ने दोषी ममेरे भाई को 10 वर्ष के कारावास और 60 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रद्द करते हुए सुनाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी, जिसमें से 40 हजार रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। यह मामला नारखी थानाक्षेत्र का है, जो 10 मई 2022 को घटित हुआ था। पीड़िता की मां ने पुलिस को बताया था कि वह मैनपुरी में ईंट भट्ठे पर मजदूरी करती है। घटना के दिन उनकी 14 वर्षीय बेटी गांव के एक युवक के घर के सामने उसके बच्चे को खिला रही थी। तभी रिश्ते में ममेरा भाई लगने वाला राहुल उसे जबरन घर के अंदर घसीट ले गया और दुष्कर्म का प्रयास किया। शोरगुल सुनकर घर के लोग आ गए, जिसके बाद राहुल धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। इस मामले की सुनवाई अपर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या-एक करुणा सिंह के न्यायालय में हुई। अभियोजन की ओर से एडीजीसी संजीव शर्मा ने पक्ष रखा। एडीजीसी ने बताया कि दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया था, लेकिन न्यायालय ने समझौते को अस्वीकार करते हुए दोषी को दंडित किया। इसी तरह के एक अन्य मामले में, न्यायालय ने नाबालिग चचेरी बहन से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को 10 वर्ष के कारावास और 22 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह घटना रामगढ़ थानाक्षेत्र में 13 अगस्त 2020 को हुई थी। पीड़िता की मां ने प्राथमिकी दर्ज कराते हुए बताया था कि घटना के समय वह घर पर नहीं थीं और उनकी 10 वर्षीय बेटी घर में अकेली थी। तभी जेठ का बेटा आया और बेटी को अपनी भाभी के घर में जबरन ले जाकर दुष्कर्म किया। शाम को घर लौटने पर उन्हें घटना की जानकारी हुई। विवेचक ने बाल अपचारी के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। मामले की सुनवाई अपर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) एवं बाल न्यायालय मुमताज अली के समक्ष हुई। एडीजीसी ने बताया कि बाल अपचारी ने अपने बचाव में कहा था कि पीड़िता उसके परिवार की है और संपत्ति हड़पने के लिए उसे झूठा फंसाया गया है। हालांकि, साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने बाल अपचारी को दोषी पाया।
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