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    देवरिया में 1800 करोड़ से बाईपास बन रहा:विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी बोले- 50 साल बाद नगर पालिका का विस्तार कराया

    2 hours ago

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    देवरिया सदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने अपने चार साल के कार्यकाल में बुनियादी ढांचे के बड़े प्रोजेक्ट्स को प्रमुख उपलब्धि बताया। पहली बार 2022 में चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे विधायक का कहना है कि सड़क, ओवरब्रिज और बाईपास जैसे कार्यों से शहर की तस्वीर बदली है। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में विधायक ने बेबाकी से सवालों के जवाब दिए। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: आपके कार्यकाल का सबसे बड़ा काम क्या रहा? जवाब: पिछले चार वर्षों में कई बड़े काम हुए हैं। देवरिया-कसया रोड, जो शहर की लाइफलाइन है, उसके चौड़ीकरण के लिए 300 करोड़ रुपये स्वीकृत कराए गए। देवरिया शहर में जाम की समस्या को देखते हुए 1800 करोड़ रुपये की लागत से बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है, जो एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके अलावा देवरिया-हाटा मार्ग का 75 करोड़ रुपये से चौड़ीकरण, देवरिया-पकड़ी मार्ग का 46 करोड़ रुपये से निर्माण और देवरिया-कतरारी मार्ग को भी ठीक कराया गया है। भीखमपुर रोड पर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के लिए 80 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। शहर में स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं, जिससे लोगों को बेहतर सुविधा मिल रही है। भुजौली कॉलोनी में विवाह भवन तैयार है, जहां गरीब परिवारों की बेटियों की शादी हो सकेगी। धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी काम किया गया है। सवाल: कौन सा काम अभी अधूरा है? जवाब: देवरिया नगर पालिका का 50 वर्षों से सीमा विस्तार नहीं हुआ था, जिसे हमने पूरा कराया और अब 33 वार्ड बनाए गए हैं। आगे इसे नगर निगम (महानगरपालिका) बनाने का लक्ष्य है। देवरिया विकास प्राधिकरण बनाने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से यह नहीं हो सका। भविष्य में इसे जरूर स्थापित कराया जाएगा। बीआरडी पीजी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने का प्रयास किया गया था, लेकिन जमीन की समस्या के कारण यह संभव नहीं हो पाया। आगे भी इस दिशा में प्रयास जारी रहेगा। सवाल: क्या इस बार भी आप टिकट के दावेदार हैं? जवाब: मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं। टिकट देना या न देना पार्टी का निर्णय होता है। पार्टी जिसे बेहतर समझेगी, उसे मौका देगी। अगर मुझे मौका मिलता है तो मैं चुनाव लड़ूंगा, अगर कोई मुझसे बेहतर है तो उसे भी मौका मिलना चाहिए। सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने नंबर देंगे? जवाब: मैं खुद को नंबर नहीं दे सकता। मैं एक परीक्षार्थी हूं और जनता ही मेरा मूल्यांकन करेगी। देवरिया की जनता और पार्टी का निर्णय ही मेरे लिए सर्वोपरि है।
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