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    उन्नाव में 4 दिन से बारिश-बाढ़ से बिगड़े हालात, VIDEO:कल्याणी नदी उफनाई, कई गांव पानी से घिरे; किसानों को धान की फसल सड़ने का डर

    12 hours ago

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    उन्नाव जिले में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने खेतों में खड़ी किसानों की महीनों की मेहनत को बर्बादी में बदल दिया है। खेतों में तैयार धान की फसल कहीं पानी में डूब गई तो कहीं तेज हवा से जमीन पर बिछ गई। दाना बनने और पकने की कगार पर पहुंची फसल पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है। मक्का और अरहर के खेत भी जलभराव की चपेट में हैं। बरेली के कई इलाकों में खेत तालाब बन गए हैं। बांगरमऊ क्षेत्र में गुरुवार रात से शुरू हुई तेज बारिश का सिलसिला रविवार को भी जारी है। चार दिनों से लगातार हो रही बारिश और पहले से उफनाई कल्याणी नदी के चलते बांगरमऊ क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में हालात बद से बदतर हो गए हैं। हर तरफ पानी और कीचड़ नजर आ रहा है। तेज हवाओं के साथ बारिश होने से मौसम में ठंडक बढ़ गई है। ग्रामीण इलाकों में रास्ते बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित है, वहीं खेतों में खड़ी फसलें भी अब बारिश की मार झेलने लगी हैं। कई घरों में पहुंचा बाढ़ का पानी कल्याणी नदी के उफनाने से बेहटाकच्छ, शिवलालपुरवा, कुशराजपुर, भिलोई, बाजीपुरवा, इच्छापुरवा, लोनारी, देवरिया, कछियनपुरवा, पकरियापुरवा और तकिया समेत कई गांव पहले से जलमग्न हैं। अब चार दिनों से हो रही तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। छोट्टापुरवा के बाद लहरापुर और उसके मजरे चिंगरपुरवा व ककरियापुरवा भी चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं। कई घरों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। लहरापुर-बिरैचामऊ, लहरापुर-चिंगरपुरवा, लहरापुर-ककरियापुरवा और देवरिया-कछियनपुरवा मार्ग पर घुटनों से अधिक पानी भर गया है। इससे इन मार्गों पर आवागमन लगभग बंद हो गया है। ग्रामीणों को जरूरी सामान लेने और अन्य कार्यों के लिए भी पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। धान की फसल गिरने से बढ़ी किसानों की चिंता बाढ़ का पानी खेतों में भरे होने के बावजूद धान की फसल को अब तक ज्यादा नुकसान न होने की उम्मीद थी, लेकिन लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें गिरने लगी हैं। फूल निकलने के समय पौधों के पानी में गिरने और लगातार भीगने से उनके सड़ने की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि बारिश कुछ दिन और जारी रही तो फसल का नुकसान काफी बढ़ सकता है। कच्ची दीवारें गिरीं, मंडी में पेड़ गिरा लगातार बारिश से कच्चे मकानों पर भी खतरा बढ़ गया है। जमलापुर में शिशुपाल और छोट्टापुरवा निवासी प्रमोद पाल की कच्ची दीवारें बारिश के दौरान भरभराकर गिर गईं। संडीला रोड स्थित नवीन मंडी में भारी भरकम यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए कानपुर-इटावा हाईवे 200 मीटर धंसा, आंधी-बारिश से 25 की मौत: ब्रजेश पाठक का हेलिकॉप्टर उड़ नहीं पाया यूपी में बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। पूरे प्रदेश में 55 घंटे से जोरदार बारिश हो रही है। 40-50 किमी. की रफ्तार से आंधी चल रही है। सड़कें तालाब बन गई हैं। कॉलोनियों में पानी घुस गया है। 32 जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पेड़-पोल उखड़ने से रास्ते बंद हो गए हैं। अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…
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