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    उन्नाव में बारिश-ओलावृष्टि से फसलें बर्बाद:4,294 हेक्टेयर में खड़ी फसलें नष्ट, 13,288 किसान प्रभावित, शासन से मिलेगी मदद

    2 hours ago

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    उन्नाव जिले के सफीपुर, हसनगंज और बांगरमऊ तहसील क्षेत्रों में बीते बुधवार को हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों किसान आर्थिक संकट में घिर गए हैं। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, तीनों तहसीलों में कुल 4,294 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खड़ी फसलें बर्बाद हुई हैं। इससे 13,288 किसान प्रभावित हुए हैं, जिनमें वे किसान शामिल हैं जिनकी फसल का 33 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सा नष्ट हो चुका है। गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। तहसीलवार आंकड़ों के मुताबिक, सफीपुर क्षेत्र में 3,740 किसानों की लगभग 1,099 हेक्टेयर फसल तबाह हुई है। हसनगंज तहसील में 3,490 किसानों की 976 हेक्टेयर फसल को नुकसान पहुंचा है। बांगरमऊ क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभाव देखा गया, जहां 5,988 किसानों की 2,219 हेक्टेयर फसल पूरी तरह चौपट हो गई। बारिश और ओलावृष्टि के बाद खेतों का मंजर बेहद निराशाजनक था। कई जगहों पर फसलें जमीन पर बिछ गईं, जिससे उनकी कटाई और उपयोग की संभावना कम हो गई है। किसानों ने अपनी बर्बाद मेहनत को देखते हुए गहरी मायूसी व्यक्त की। उनका कहना है कि पूरे साल की मेहनत और लागत एक झटके में खत्म हो गई है। प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो अगली फसल की तैयारी करना भी मुश्किल हो जाएगा। कई किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, और नुकसान की भरपाई न होने पर वे कर्ज के बोझ तले दबने की आशंका जता रहे हैं। प्रशासन ने इस आपदा को गंभीरता से लिया है और राहत कार्य शुरू करने की बात कही है। आपदा विशेषज्ञ विवेक तिवारी ने जानकारी दी कि जिन किसानों की फसल का 33 प्रतिशत या उससे अधिक नुकसान हुआ है, उन्हें नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। उन्हें शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सहायता प्रदान की जाएगी। इसके लिए विस्तृत सर्वे रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, ताकि जल्द से जल्द मुआवजा जारी किया जा सके। जिला प्रशासन का कहना है कि राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर नुकसान का आंकलन कर रही हैं। सर्वे पूरा होते ही पात्र किसानों को राहत राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि इस कठिन समय में उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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