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    UNSC Reforms | जी-4 देशों का संयुक्त बयान जारी: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों में देरी पर जताई गहरी चिंता

    7 hours ago

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    जी-4 समूह के सदस्य देशों-ब्राजील, जर्मनी, भारत और जापान-ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में अपेक्षित सुधारों और अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) प्रक्रिया के दौरान हुई प्रगति में कमी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के इतर आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा, जर्मनी के विदेश मंत्री योहान डेविड वाडेफुल, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु ने बहुपक्षीय व्यवस्था और सुरक्षा परिषद की कार्यप्रणाली की समीक्षा की।इसे भी पढ़ें: जिनपिंग के स्वागत में ट्रंप की खास तैयारी, भारत पर क्या असर? 5 प्वाइंट से समझें मुलाकात की अहमियतबैठक के बाद जारी यूएनएससी में सुधार पर जी-4 के संयुक्त मंत्रिस्तरीय बयान में कहा गया कि सुरक्षा परिषद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखने की अपनी मूल जिम्मेदारी को प्रभावी ढंग से निभाने में फिलहाल सक्षम नहीं है। बयान में कहा गया कि यूएनएससी की प्रतिनिधित्व क्षमता, वैधता, विश्वसनीयता और प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। जी-4 देशों ने कहा कि इसकी एक प्रमुख वजह करीब आठ दशक पुरानी व्यवस्था है, जो आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती और शांति तथा सुरक्षा के मौजूदा एवं भविष्य की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने के प्रयासों में बाधा डालती है। जी-4 के मंत्रियों ने कहा कि 18 वर्षों की कोशिशों के बावजूद आईजीएन प्रक्रिया यूएनएससी में वास्तविक सुधार की दिशा में कोई ठोस नतीजा देने में काफी हद तक “अप्रभावी” रही है।इसे भी पढ़ें: सेंसर बोर्ड की कैंची से बची सिद्धार्थ-तमन्ना की The Vvaan, 25 सितंबर को होगी रिलीज उन्होंने पिछली आईजीएन बैठक में भी प्रगति नहीं होने पर गहरी चिंता जताई। मंत्रियों ने विशेष रूप से लिखित आधार पर बातचीत शुरू होने से पहले ही तथाकथित ‘समझौता प्रस्ताव’ पेश किए जाने पर गंभीर आपत्ति जताई। जी-4 देशों ने अफसोस जताया कि इस प्रस्ताव में सुरक्षा परिषद की सदस्यता की दोनों श्रेणियों स्थायी और अस्थायी में विस्तार के पक्ष में स्पष्ट बहुमत वाले सदस्य देशों के विचारों को ध्यान में नहीं रखा गया है।Stay updated with International News in Hindi on Prabhasakshi
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