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    UP में बनेंगे 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे:80% जमीन का अधिग्रहण पूरा, चुनाव से पहले शुरू होगा काम; जानिए किन शहरों को होगा फायदा

    5 hours ago

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    यूपी में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास किया जाएगा। इन सभी को 3 साल में तैयार करने का टारगेट है। इसका सबसे ज्यादा फायदा पश्चिमी यूपी के फर्रुखाबाद, बुलंदशहर, इटावा, आगरा और नोएडा जिलों को होगा। बुंदेलखंड के झांसी और जालौन को भी ज्यादा फायदा मिलेगा। सरकार ने इन्हें बनाने के लिए 18 हजार 400 करोड़ रुपए अनुपूरक बजट में रखे हैं। इनके बनने के बाद यूपी में एक्सप्रेस-वे की संख्या बढ़कर 20 हो जाएगी। सरकार की तैयारी है कि चुनाव में यूपी की पहचान ‘देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेस-वे वाले राज्य’ के तौर पर पेश की जाए। 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे को जानिए ये लिंक एक्सप्रेस-वे नोएडा के सेक्टर-21 (फिल्म सिटी के पास) से शुरू होकर बुलंदशहर होते हुए स्याना के पास गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। इसके बनने से यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के औद्योगिक सेक्टर 28, 29, 32 और 33 को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। नोएडा, बुलंदशहर, खुर्जा, स्याना और आसपास के इलाकों से जेवर एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी आसान होगी। एयरपोर्ट से कार्गो मूवमेंट बढ़ जाएगा। आगरा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे तक पहुंचना आसान होगा। कार से बुलंदशहर से नोएडा पहुंचने में सिर्फ 35-40 मिनट लगेंगे। इसका शुरुआती पॉइंट यमुना एक्सप्रेस-वे के करीब 24.8 किमी पर होगा। ये नोएडा के 8 और बुलंदशहर के 48 गांवों से गुजरेगा। इसका करीब 20 किमी हिस्सा न्यू नोएडा क्षेत्र में होगा। ये लिंक एक्सप्रेस-वे इटावा में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को हरदोई में गंगा एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा फर्रुखाबाद को मिलेगा, जो अब तक किसी बड़े एक्सप्रेस-वे नेटवर्क से सीधा नहीं जुड़ा था। फर्रुखाबाद के आलू उत्पादन और टेक्सटाइल प्रिंटिंग उद्योग में तैयार माल तेजी से दिल्ली-लखनऊ के मार्केट तक पहुंच सकेगा। आगरा या दिल्ली से आने वाले वाहन सीधे गंगा एक्सप्रेस-वे पर चढ़कर पूर्वांचल या पश्चिमी यूपी की ओर जा सकेंगे। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेस-वे बनने के बाद कार से इटावा से हरदोई पहुंचने में सिर्फ 1 घंटे लगेगा। फर्रुखाबाद के खिमसेपुर और आसपास के क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स पार्क भी बनाने की तैयारी है। यह एक्सप्रेस-वे झांसी को सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे बनने के बाद झांसी से दिल्ली 4 घंटे में पहुंच सकेंगे। ये झांसी और जालौन जिले के 63 गांवों, गरौठा, टहरौली, मोंठ और सदर तहसील से होकर गुजरेगा। झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे पर जालौन के फूलपुरा गांव के पास से शुरू होगा। इसको झांसी के पिपरा तक बनाया जाएगा। झांसी लिंक एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र और डिफेंस कॉरिडोर से होकर गुजरेगा। इससे वहां स्थित औद्योगिक इकाइयों को फायदा होगा। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए ये बनाया जा रहा है। ये मोहान रोड (लखनऊ) के पास से शुरू होकर गोसाईगंज (लखनऊ) के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा। अभी दिल्ली या आगरा से अयोध्या, आजमगढ़ और गाजीपुर जाने वाली गाड़ियों को लखनऊ शहर के अंदर से गुजरना पड़ता है। इसमें डेढ़ से दो घंटे एक्स्ट्रा लगते हैं। नया लिंक एक्सप्रेस-वे बनने के बाद गाड़ियां सीधे वाराणसी की ओर जा सकेंगी। इससे 2 घंटे सफर कम करना पड़ेगा। मोहान रोड से रायबरेली रोड तक पहुंचने में कार से सिर्फ 20 से 25 मिनट लगेंगे। ये बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को चित्रकूट धाम से जोड़ेगा। इस लिंक के बनने से दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ और आगरा से चित्रकूट आने वाले श्रद्धालुओं को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली से चित्रकूट का सफर करीब 6 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। ये भरतकूप के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से शुरू होकर बेड़ी पुलिया-रामघाट मार्ग के रानीपुर भट्ट/अहमदगंज तक जाएगा। एक्सप्रेस-वे बनने से रामघाट, कामदगिरि और मंदाकिनी नदी के घाटों तक पहुंच आसान होगी। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने और स्थानीय हस्तशिल्प को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। एक्सप्रेस-वे के लिए 80% जमीनें किसानों से लीं 5 नए लिंक एक्सप्रेस-वे पर यूपी एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) काम कर रहा है। यूपीडा के ACEO हरिप्रताप शाही कहते हैं- भूमि खरीद की प्रक्रिया लगभग अंतिम चरण में है। सरकार के संकेत मिलते ही शिलान्यास कराया जाएगा। पांचों लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए 80 से 92% भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो चुका है। टेंडर निकल चुके हैं, कंपनियों को काम एलॉट होने के बाद निर्माण शुरू हो जाएंगे। 'लिंक एक्सप्रेस-वे के बनने से भाजपा को फायदा होगा’ वरिष्ठ पत्रकार रतनमणिलाल कहते हैं- एक्सप्रेस-वे और हाईवे नेटवर्क के विस्तार ने देशभर में यूपी की छवि में बड़ा बदलाव किया है। अच्छे रोड नेटवर्क को हमेशा ही राज्य के डेवलपमेंट से जोड़कर देखा जाता है। ट्रांसपोर्ट अच्छा और सस्ता होने से राज्य में निवेश आते हैं। जाहिर है, रोजगार भी बढ़ेगा। ऐसे में कह सकते हैं कि चुनाव से पहले होने वाले इन शिलान्यासों का सीधा राजनीतिक फायदा भाजपा को मिलेगा। साथ ही, जिन इलाकों से ये लिंक एक्सप्रेस-वे गुजरेंगे, वहां आर्थिक फायदा भी होगा। ------------------------------- यह खबर भी पढ़ें - लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी के शेयर 19% गिरे, निवेशकों से बोली PNC- हम नॉन-परफॉर्मर नहीं देश के सबसे महंगे एक्सप्रेस-वे लखनऊ-कानपुर को बनाने वाली कंपनी PNC इंफ्राटेक के शेयर गिर रहे हैं। 5 अगस्त को NHAI ने कहा था कि PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की कार्रवाई हो रही है। तब कंपनी का शेयर ₹260.24 पर था। इसके बाद 4 दिन में कंपनी का शेयर वैल्यू करीब 19% कम हो चुकी है। पढ़िए पूरी खबर…
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