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    UP में जून-जुलाई की बारिश का कोटा अगस्त में पूरा:सितंबर के पहले हफ्ते 47 जिलों में अलर्ट, तीसरे हफ्ते से लौटेगा मानसून

    7 hours ago

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    उत्तर प्रदेश में जून-जुलाई में कम बारिश के बाद अगस्त में मानसून ने पिछले 3 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अगस्त में सामान्य बारिश का 106% यानी 292.2 मिमी पानी बरसा। 1 जून से 31 अगस्त तक यूपी में औसतन 593.1 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। इस बार 552.8 मिमी बारिश हुई। इस सीजन में अब तक बारिश की कमी महज 6.8% रही। मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर के पहले हफ्ते में भी बारिश का दौर जारी रहेगा। हालांकि, अल-नीनो के मजबूत होने के चलते 15 सितंबर के बाद यूपी से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है। अगस्त में 3 साल का रिकॉर्ड भी टूटा अगस्त में यूपी में सामान्य बारिश का औसत 275.6 मिमी है। इसके मुकाबले इस साल 292.2 मिमी बारिश हुई। यानी सामान्य से ज्यादा (106%) पानी बरसा। प्रदेश के 26 जिलों में सामान्य से 20% ज्यादा बारिश हुई। इससे पहले 2025 में 88.7%, 2024 में 81.2% और 2023 में 82.4% बारिश दर्ज की गई थी। मतलब, 2026 का अगस्त पिछले 3 साल में बारिश के लिहाज से सबसे बेहतर रहा। बुंदेलखंड में सामान्य से 3 गुना ज्यादा बारिश लखनऊ-वाराणसी समेत 34 जिलों में सामान्य बारिश लखनऊ में सामान्य के मुकाबले 97.7%, वाराणसी में 103%, आगरा में 96.3% और बरेली में 91.4% बारिश हुई। प्रदेश के कुल 34 जिलों में बारिश सामान्य रही। अगर किसी जिले में पूरे सीजन की औसत बारिश के मुकाबले 80% से 120% के बीच पानी गिरता है, तो उसे मौसम विभाग की कैटेगरी में 'सामान्य बारिश' वाला जिला माना जाता है। सितंबर के पहले हफ्ते में 47 जिलों के लिए अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, अगस्त में बनी कम दबाव की स्थिति और मानसूनी ट्रफ का असर सितंबर के शुरुआती दिनों में भी बना रह सकता है। 1 से 5 सितंबर के बीच पूर्वी और पश्चिमी यूपी के 47 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संत कबीर नगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच में भारी से बहुत भारी बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है। मुजफ्फरनगर, मेरठ, बिजनौर, संभल, बुलंदशहर, सहारनपुर, शामली, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और हापुड़ में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है। अगस्त में हुई बारिश से किसानों को राहत अगस्त की अच्छी बारिश से खेती को भी फायदा हुआ है। धान की रोपाई का 100.3% लक्ष्य पूरा हो चुका है। इस साल करीब 69.21 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है। बाजरा का 103.6%, उर्द का 104.1%, मूंग का 107.1% और तिल का 103.5% लक्ष्य पूरा हो चुका है। जून-जुलाई में कम बारिश से परेशान किसानों को अब गेहूं, सरसों, चना, मटर और मसूर की बुआई में पानी की चिंता नहीं रहेगी। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- यूपी से मानसून 10 दिन पहले विदा होगा, अल-नीनो फिर मजबूत हो रहा; जानिए इस बार सर्दियां कैसी होंगी उत्तर प्रदेश में अभी तक जितनी जरूरत थी, उससे 11% कम बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिक अल-नीनो को इसकी वजह बता रहे हैं। 28 जून को यूपी में मानसून की एंट्री के बाद से ही अल-नीनो का असर बना हुआ है। पढ़िए पूरी खबर…
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