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    वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने सीरियाई राष्ट्रपति को फिर अपना परफ्यूम भेजा,कहा- पुराना वाला खत्म हो गया होगा

    16 hours ago

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    सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने खुलासा किया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें अपने ब्रांडेड ‘Victory’ कोलोन की नई बोतलें भेजी हैं। ट्रम्प ने मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद पिछली बार दी गई खुशबू खत्म हो गई होगी। अल-शरा ने सोशल मीडिया पर दो कोलोन बोतलों की तस्वीर साझा की। इसके साथ ट्रम्प का एक संदेश भी था, जिसमें लिखा था, “हमारी तस्वीर की काफी चर्चा हो रही है, जब मैंने तुम्हें यह शानदार कोलोन दिया था। अगर तुम्हारे पास खत्म हो गया हो तो ये रही नई बोतलें।” सीरियाई राष्ट्रपति ने पोस्ट में ट्रम्प को धन्यवाद देते हुए लिखा कि कुछ मुलाकातें गहरी छाप छोड़ जाती हैं और वह उम्मीद करते हैं कि उस मुलाकात की भावना सीरिया और अमेरिका के रिश्तों को और मजबूत करेगी। पिछले साल नवंबर में दोनों नेताओं की मुलाकात का वीडियो भी काफी चर्चा में रहा था। वीडियो में ट्रम्प अल-शरा पर अपना ब्रांडेड कोलोन स्प्रे करते दिखाई दिए थे और बाद में उन्हें वह गिफ्ट कर दिया था। इसी दौरान ट्रम्प ने मजाकिया अंदाज में अल-शरा से पूछा था कि उनकी कितनी पत्नियां हैं। अल-शरा ने हंसते हुए जवाब दिया था कि उनकी सिर्फ एक पत्नी है। इसके बाद ट्रम्प ने मजाक में उनके कंधे पर थपकी दी थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… एस्टोनिया के विदेश मंत्री बोले- PM मोदी हमारे देश आएं तो खुशी होगी, भारत हमारे लिए अहम साझेदार एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गुस त्साहकना ने भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश आने का न्योता दिया है। उन्होंने कहा कि एस्टोनिया भारत को बेहद महत्वपूर्ण साझेदार मानता है और दोनों देशों के बीच व्यापार, AI, IT और रक्षा क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। राजधानी टालिन में PTI को दिए इंटरव्यू में त्साहकना ने कहा, “एस्टोनिया बहुत खुश होगा अगर PM मोदी हमारे देश आते हैं। विदेश मंत्री एस जयशंकर का भी स्वागत है। जितनी ज्यादा हाई-लेवल विजिट होंगी, उतना बेहतर होगा।” उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और वैश्विक स्तर पर उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। एस्टोनिया भारतीय कंपनियों के लिए यूरोपीय यूनियन के बाजारों का प्रवेश द्वार बन सकता है। त्साहकना ने कहा कि रक्षा उद्योग, IT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग की बड़ी संभावनाएं हैं। उन्होंने एस्टोनिया के ई-रेजिडेंसी प्रोग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय कंपनियां इसका इस्तेमाल कर यूरोप में अपना कारोबार बढ़ा सकती हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि एस्टोनिया 2027 में यूक्रेन रिकवरी कॉन्फ्रेंस आयोजित करेगा और उम्मीद जताई कि युद्ध प्रभावित यूक्रेन के पुनर्निर्माण में भारत भी भागीदारी करेगा। रूस-यूक्रेन युद्ध पर उन्होंने कहा कि भारत के पास रूस पर दबाव बनाने की क्षमता है, हालांकि युद्ध समाप्त करने का फैसला अंततः राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ही लेना होगा। उन्होंने EU-India फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी बेहद अहम बताते हुए कहा कि इससे यूरोप और भारत दोनों को आर्थिक लाभ होगा। सैन डिएगो मस्जिद हमले में सिक्योरिटी गार्ड बना हीरो: जान देकर 140 बच्चों को बचाया अमेरिका के सैन डिएगो स्थित इस्लामिक सेंटर में हुए हमले में सिक्योरिटी गार्ड अमीन अब्दुल्ला को हीरो बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक उन्होंने दो किशोर हमलावरों का सामना कर मस्जिद परिसर में मौजूद करीब 140 बच्चों की जान बचाई। हमले में अब्दुल्ला समेत तीन लोगों की मौत हुई। सैन डिएगो पुलिस के अनुसार, अमीन अब्दुल्ला, जिन्हें ब्रायन क्लाइमैक्स के नाम से भी जाना जाता था, ने सोमवार को मस्जिद की पार्किंग में दो किशोर हमलावरों का सामना किया। पुलिस चीफ स्कॉट वाहल ने बताया कि अब्दुल्ला ने जवाबी फायरिंग कर हमलावरों को मस्जिद के भीतर जाने से रोका। पुलिस के मुताबिक, अब्दुल्ला ने इमरजेंसी रेडियो कॉल भी भेजी, जिसके बाद पूरे मस्जिद परिसर में लॉकडाउन लागू कर दिया गया। इससे मस्जिद में मौजूद नमाजी और पास स्थित ब्राइट होराइजन अकादमी में पढ़ रहे बच्चे सुरक्षित कमरों में पहुंच गए। अधिकारियों के अनुसार, करीब 140 बच्चे हमलावरों से सिर्फ 15 फीट की दूरी पर थे। गोलीबारी में अमीन अब्दुल्ला समेत तीन लोगों की मौत हुई। पुलिस ने बताया कि बाकी दो लोगों ने भी हमलावरों का ध्यान भीड़भाड़ वाले हिस्सों से हटाने में मदद की। मस्जिद के इमाम ताहा हस्साने ने तीनों मृतकों को “हमारे शहीद और हमारे हीरो” बताया। अधिकारियों के मुताबिक, हमलावरों की पहचान 18 वर्षीय कैलेब वास्केज और 17 वर्षीय केन क्लार्क के रूप में हुई है। दोनों हमले के बाद कार से भाग गए थे, लेकिन बाद में मृत मिले। शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या माना जा रहा है। FBI और स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच हेट क्राइम के तौर पर कर रही है। जांच एजेंसियों को आरोपियों की कार से इस्लाम विरोधी सामग्री और एक मैनिफेस्टो भी मिला है। जापान के कागोशिमा-ओकिनावा में 5.9 तीव्रता का भूकंप; सुनामी का खतरा नहीं जापान के कागोशिमा क्षेत्र में बुधवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। तेज झटकों से कई इलाकों में दहशत फैल गई, हालांकि फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापानी मीडिया के मुताबिक, भूकंप ओकिनावा मेन आइलैंड के पास आया। जापान मौसम एजेंसी ने साफ किया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप के बाद कई इलाकों में इमारतें हिल गईं और लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुकसान या मौत की सूचना नहीं मिली है। जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है। यह भूकंप चार दिन पहले होंशू द्वीप के पूर्वी तट के पास आए एक और तेज भूकंप के बाद आया है। उस भूकंप से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई थीं और कई इलाकों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था।हालांकि उस समय भी सुनामी का खतरा नहीं था और किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई थी। थाईलैंड ने सख्त किए वीजा नियम: अमेरिका-UK समेत 90+ देशों के लिए वीजा-फ्री स्टे 60 से घटाकर 30 दिन किया थाईलैंड ने अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया समेत 93 देशों के नागरिकों के लिए वीजा-फ्री रहने की अवधि 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी है। सरकार ने कहा कि लंबे समय तक वीजा-फ्री एंट्री का दुरुपयोग अवैध काम और अपराध के लिए किया जा रहा था। थाई विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस फैसले की घोषणा की। कुछ देशों के नागरिकों को अब ‘वीजा ऑन अराइवल’ लेना होगा। सरकार ने 2024 में कोरोना महामारी के बाद पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए वीजा नियमों में ढील दी थी। इसके तहत 93 देशों और क्षेत्रों के नागरिकों को 60 दिन तक बिना वीजा रहने की अनुमति दी गई थी। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कई विदेशी नागरिक इस नीति का इस्तेमाल अवैध रोजगार और अपराध गतिविधियों के लिए कर रहे थे। हाल के वर्षों में मंदिरों में तोड़फोड़, शराब के नशे में झगड़े और सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली पर्यटकों की बदसलूकी की घटनाओं ने सरकार की चिंता बढ़ाई है। इसके अलावा, विदेशी नागरिकों की ड्रग्स और मानव तस्करी मामलों में भी कई गिरफ्तारियां हुई हैं। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं को भी इस फैसले की वजह बताया है। पिछले साल रूसी पर्यटक भारत, चीन और मलेशिया के बाद थाईलैंड आने वाले चौथे सबसे बड़े विदेशी समूह रहे। यूक्रेन युद्ध के बाद थाईलैंड ने रूसी नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं खुली रखीं, जिससे उनकी संख्या तेजी से बढ़ी। इस महीने इजराइल दूतावास ने भी फुकेत जा रहे अपने नागरिकों को स्थानीय कानूनों का पालन करने की चेतावनी दी थी। विशेषज्ञ इस फैसले की तुलना थाईलैंड के गांजा कानून में किए गए बदलाव से कर रहे हैं। 2022 में देश ने गांजा को गैर-अपराधिक घोषित किया था, लेकिन बाद में इसके बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए सरकार को नए प्रतिबंध लगाने पड़े। फ्लाइट में रोबोट से बढ़ी परेशानी: अमेरिकी एयरलाइन ने ह्यूमनॉइड रोबोट्स पर लगाया बैन अमेरिका की साउथवेस्ट एयरलाइंस ने ह्यूमनॉइड और जानवर जैसे दिखने वाले रोबोट्स को उड़ानों में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। हाल में ऐसे रोबोट्स की वजह से फ्लाइट में देरी और सुरक्षा संबंधी समस्याएं सामने आने के बाद एयरलाइन ने नई नीति लागू की। डलास स्थित एयरलाइन ने पिछले हफ्ते अपनी ट्रैवल पॉलिसी अपडेट की। इसके तहत अब किसी भी यात्री को ह्यूमनॉइड या जानवर जैसे रोबोट विमान में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। यह प्रतिबंध केबिन और चेक-इन बैगेज दोनों पर लागू होगा। हालांकि, खिलौना रोबोट और छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अब भी अनुमति प्राप्त रहेंगे, बशर्ते वे कैरी-ऑन बैग में फिट हों और बैटरी नियमों का पालन करें। नई नीति उस वायरल घटना के बाद आई, जिसमें टेक उद्यमी आरोन मेहदीजादेह ने ‘स्टूवी’ नाम के 3.5 फीट लंबे ह्यूमनॉइड रोबोट के लिए फ्लाइट में अलग सीट खरीदी थी। यह रोबोट 10 मई को लास वेगास से डलास जाने वाली फ्लाइट में यात्रा कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन कर्मचारियों को शुरुआत में समझ नहीं आया कि रोबोट को कैसे संभाला जाए। बाद में उसकी बैटरी हटाकर उसे सीट पर रखा गया। कुछ दिन पहले एक अन्य रोबोट की वजह से ओकलैंड से सैन डिएगो जाने वाली फ्लाइट करीब एक घंटे देरी से रवाना हुई थी। साउथवेस्ट एयरलाइंस ने कहा कि नई नीति लिथियम बैटरियों से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए बनाई गई है। इजराइल में समय से पहले चुनाव की आहट: नेसेट भंग करने वाले बिल पर आज वोटिंग इजराइल की संसद नेसेट को भंग कर समय से पहले चुनाव कराने वाले बिल पर बुधवार को प्रारंभिक मतदान होगा। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सहयोगी रहे अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स दल अब सरकार के खिलाफ खड़े नजर आ रहे हैं। नेसेट में सुबह 11 बजे से इस प्रस्ताव पर चर्चा और वोटिंग होगी। अगर बिल प्रारंभिक चरण में पास हो जाता है, तो इसे कानून बनने से पहले तीन और रीडिंग और समिति स्तर की प्रक्रिया से गुजरना होगा। हालांकि माना जा रहा है कि इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के पूर्व सहयोगी यूनाइटेड टोरा जूडाइज़्म पार्टी ने पिछले हफ्ते संसद भंग कराने की पहल की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने चुनाव प्रक्रिया और समयसीमा अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश शुरू कर दी। कोएलिशन व्हिप ओफिर काट्ज ने नया विधेयक पेश किया है, जिसके तहत संसद भंग होने के बाद चुनाव कम से कम तीन महीने बाद कराए जाएंगे। चुनाव की तारीख तय करने का अधिकार नेसेट की हाउस कमेटी को दिया जाएगा। अगर संसद भंग करने वाला प्रस्ताव पास हो जाता है, तो कानून के मुताबिक पांच महीने के भीतर चुनाव कराना जरूरी होगा। इससे अक्टूबर तक चुनाव होने की संभावना है, हालांकि अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स दल सितंबर में जल्दी चुनाव चाहते हैं। सरकार और अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स दलों के बीच सैन्य भर्ती छूट कानून को लेकर विवाद जारी है। नेतन्याहू ने इस बिल को फिर से संसद की कार्यसूची में शामिल कर सहयोगियों को मनाने की कोशिश की है, लेकिन हरेदी नेतृत्व ने संसद भंग करने के समर्थन में जाने का संकेत दिया है। पेरू में 5.8 तीव्रता का भूकंप: 27 घायल, कई इमारतें क्षतिग्रस्त दक्षिणी पेरू के प्रशांत क्षेत्र में मंगलवार देर रात 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। हादसे में 27 लोग घायल हो गए, जबकि कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि किसी की मौत की खबर नहीं है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के मुताबिक, भूकंप का केंद्र इका क्षेत्र के पाम्पा डी टेट शहर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में था। भूकंप जमीन से करीब 56.5 किलोमीटर की गहराई में आया। भूकंप के झटकों से कई इमारतों में दरारें आईं और ढांचागत नुकसान हुआ। पेरू के रक्षा मंत्री अमादेओ फ्लोरेस ने प्रभावित इलाके का दौरा किया और सैन लुइस गोंजागा यूनिवर्सिटी समेत कई क्षतिग्रस्त भवनों का निरीक्षण किया। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हादसे में 27 लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों का इलाज अस्पतालों में किया जा रहा है। फिलहाल किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, जहां ज्वालामुखियों और टेक्टोनिक प्लेटों की सक्रियता के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
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