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    वाराणसी में छाए बादल,तापमान पहुंचा 31°C:गंगा का जलस्तर शीतला माता मंदिर तक पहुंचा, विश्वनाथ मंदिर के गंगा द्वार पर्यटकों के लिए बंद

    4 hours ago

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    वाराणसी में गुरुवार सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में हल्की बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्नदबाव का क्षेत्र कमजोर पड़ गया है। इसके चलते तेज बारिश का जो पूर्वानुमान जताया गया था, वह सही साबित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि फिलहाल वाराणसी में तेज बारिश की संभावना कम है। गुरुवार को शहर का अधिकतम तापमान 31.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धीमी गति से बढ़ रहा गंगा का जलस्तर वाराणसी में गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच बढ़ोतरी का क्रम बना हुआ है। हालांकि, अब जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई है। गुरुवार सुबह गंगा का जलस्तर 68.35 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु से करीब डेढ़ मीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से घाटों पर लगातार बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं, जबकि तटवर्ती इलाकों के निचले हिस्सों में भी पानी का दायरा बढ़ रहा है। शीतला मंदिर में पहुंचा बाढ़ का पानी गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर बुधवार को शीतला घाट पर भी देखने को मिला। यहां मां शीतला मंदिर तक बाढ़ का पानी पहुंच गया। मंदिर परिसर में पानी आने से पूजन-दर्शन प्रभावित हो गया है। श्रद्धालुओं की आवाजाही भी बाधित हुई है। घाट की कई सीढ़ियां जलमग्न होने के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण तटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में भी निचले इलाकों में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। प्रशासन की टीमें भी जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा के पलट प्रवाह से वरुणा उफनी गंगा के बढ़े जलस्तर का असर वरुणा नदी पर भी पड़ रहा है। गंगा के पलट प्रवाह के कारण वरुणा का पानी उफान पर है। वरुणा के तटवर्ती शैलपुत्री मोहल्ले और आसपास के दर्जनों घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यहां निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बाढ़ का पानी शैलपुत्री मंदिर की रोड की ओर भी बढ़ रहा था। इससे आसपास रहने वाले लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वरुणा में पानी बढ़ने के कारण कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। नगवा में राहत शिविरों की तैयारी नगवा नाला में लगातार पानी बढ़ने के बाद प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। राहत शिविर बनाने के लिए क्षेत्रीय लेखपाल सपना राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और संभावित शिविर स्थलों का निरीक्षण किया। प्रशासन की योजना के मुताबिक, नगवा नाला के दक्षिणी हिस्से में रहने वाले बाढ़ प्रभावित परिवारों को नगवा प्राथमिक विद्यालय और नगवा के दो निजी विद्यालयों में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में रखा जाएगा। वहीं, नगवा नाला के उत्तर में रामेश्वर मठ के पीछे रहने वाली बस्ती के परिवारों के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। बाढ़ की स्थिति गंभीर होने पर इन परिवारों को अस्सी स्थित गोयनका विद्यालय, गोपीराधा और भदैनी के एक निजी विद्यालय में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा।
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