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    योगी बोले-वक्फ के नाम पर गरीबों की जमीन कब्जाई:हजारों हेक्टेयर जमीन बेची, गिरगिट जैसे रंग बदलता है विपक्ष

    8 hours ago

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    प्रतापगढ़ में सीएम योगी ने मंगलवार को कांग्रेस और सपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा- वक्फ के नाम पर प्रदेश और देश में हजारों हेक्टेयर भूमि बेची गई। गरीबों के हित में उपयोग होने वाली जमीनों पर कब्जा किया गया। क्या सपा-कांग्रेस ने कभी इसके खिलाफ आवाज उठाई? नहीं। क्योंकि वक्फ के नाम पर इनके मुंह पर ताला लग जाता है। सीएम ने कहा- विपक्ष की पीड़ा यही है कि जहां वे बाबरी ढांचा देखना चाहते थे, वहां आज भव्य मंदिर बन चुका है। इन लोगों का दोहरा चरित्र देखकर लगता है कि अब गिरगिट भी इनसे शर्माने लगा होगा, क्योंकि ये उससे भी अधिक तेजी से रंग बदलते हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर के निर्माण और व्यवस्था का संचालन कर रहा है। उसके कार्यों में किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। सीएम योगी ने 384 करोड़ रुपए की 111 परियोजनाओं का शिलान्यास-लोकार्पण किया। साथ ही उन्होंने BPSC टॉपर श्रद्धा पांडे को मंच पर सम्मानित किया। योगी की 5 बड़ी बातें पढ़िए- 1- ‘बाबरी ढांचे के समर्थन में आंसू बहाने वाली सपा-कांग्रेस को बोलने का अधिकार नहीं’ सीएम ने कहा कि ये लोग बार-बार वही पुराने मुद्दे उठाते हैं-जाति के नाम पर विभाजन और आस्था पर प्रहार। आज सपा और कांग्रेस के पास यही दो मुद्दे बचे हैं। आपने देखा है कि भारत की सनातन आस्था पर लगातार प्रहार करने का प्रयास किया जा रहा है। याद कीजिए, कांग्रेस के नेता कहा करते थे कि भगवान राम हुए ही नहीं, भगवान कृष्ण हुए ही नहीं। अयोध्या में बाबरी ढांचे के समर्थन में घड़ियाली आंसू बहाने वाले आज रंग बदलकर आस्था की बात कर रहे हैं। वे कहते हैं कि अयोध्या की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि आखिर किस प्रकार का खिलवाड़ हो रहा है? यदि रामभक्त कहते हैं कि उनकी आस्था अयोध्या से जुड़ी है, तो उन्हें यह कहने का पूरा अधिकार है, क्योंकि उनके पूर्वजों ने राम जन्मभूमि के लिए संघर्ष किया है। लेकिन कांग्रेस को यह अधिकार नहीं है, जिसने भगवान राम के अस्तित्व तक पर सवाल उठाए थे। 2- ‘रामभक्तों पर गोलियां चलवाने वाली सपा आस्था की बात कैसे कर सकती है?’ सपा ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं, वह आज आस्था की बात कैसे कर सकती है? हिंदू धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास पर इन्हें आपत्ति होती है, लेकिन कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल पर करोड़ों रुपए खर्च करना इन्हें ठीक लगता था। अब देश कांग्रेस और सपा के छलावे में नहीं आने वाला। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मामलों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी गठित की। एसआईटी ने प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई और जिनके खिलाफ साक्ष्य मिले, उनके खिलाफ कार्रवाई भी हुई। लेकिन वक्फ के नाम पर हुए भ्रष्टाचार पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी एक शब्द नहीं बोलती। जब अवैध बूचड़खाने चल रहे थे, गो-माता की तस्करी हो रही थी, रामभक्तों पर गोलियां चलाई जा रही थीं, भगवान राम और भगवान कृष्ण को काल्पनिक बताया जा रहा था, कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाए जा रहे थे, तब क्या हिंदुओं की आस्था आहत नहीं होती थी? इन सभी प्रश्नों का उत्तर कांग्रेस और सपा पार्टी को देना चाहिए। 3-'विपक्ष की पीड़ा कि दुष्प्रचार के बावजूद करोड़ों लोग अयोध्या पहुंच रहे' सपा ने प्रदेश के नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। अब चुनाव नजदीक आते ही तरह-तरह के प्रपंच कर रहे हैं। आज उत्तर प्रदेश में जो प्रगति दिखाई देती है, उपद्रव से जो छुटकारा मिला है, शांतिपूर्ण वातावरण बना है, वह इन विपक्षी दलों को अच्छा नहीं लगता। इन्हें हमारी विरासत का सम्मान भी अच्छा नहीं लगता। विपक्ष फिर से जाति के आधार पर समाज को बांटना चाहता है। हमें इससे ऊपर उठना होगा और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना होगा। आज अयोध्या तक फोर लेन सड़कें हैं, रेलवे की डबल लाइन है, अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है, जिसका नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। निषादराज के नाम पर रैन बसेरा बना है। यही विपक्ष की पीड़ा है कि उनके दुष्प्रचार के बावजूद करोड़ों लोग अयोध्या पहुंच रहे हैं। 4- ‘पहले नौकरियों पर कुछ परिवारों का कब्जा रहता था’ मुझे खुशी होती है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की लगभग 60 हजार भर्तियों में प्रतापगढ़ के सैकड़ों युवाओं का चयन हुआ। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के परिणाम देखें तो प्रतापगढ़ के नौजवान लगातार चयनित हो रहे हैं। पहले नौकरियों पर कुछ परिवारों का कब्जा रहता था। पारदर्शिता नहीं थी, इसलिए प्रतापगढ़ का नौजवान इन अवसरों से वंचित रह जाता था। जब नौजवान वंचित होगा तो वह पलायन करेगा और प्रदेश की दुर्गति होगी। यही कारण था कि उत्तर प्रदेश को कभी ‘बीमारू राज्य’ कहा जाता था। 5- ‘धर्म-राष्ट्र पर संकट आया तो प्रतापगढ़ कभी पीछे नहीं रहा’ प्रतापगढ़ का पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व है। जब भी धर्म और राष्ट्र पर संकट आया, प्रतापगढ़ कभी पीछे नहीं रहा। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इसी प्रतापगढ़ की धरती से बाबू गुलाब सिंह जी ने शंखनाद किया था। यहां के रणबांकुरों ने विदेशी हुकूमत की जड़ों को हिलाने का काम किया था। प्रतापगढ़ अपने आंवले की मिठास और गुणवत्ता के कारण पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। हमने 2018 में ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की, लेकिन प्रतापगढ़ ने तो उससे पहले ही अपनी प्रतिभा का परिचय दे दिया था। जो लोग 2017 से पहले सोच भी नहीं सकते थे कि प्रतापगढ़ में मेडिकल कॉलेज बनेगा, आज यहां डॉ. सोनेलाल पटेल राजकीय मेडिकल कॉलेज बन चुका है। अब यहां नर्सिंग कॉलेज भी बन रहा है। प्रतापगढ़ की बेटियां यहीं नर्सिंग की शिक्षा प्राप्त करेंगी और देश-दुनिया में अपनी सेवाओं के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में योगदान देंगी। सीएम ने कहा कि आज मुझे इन दोनों विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास का अवसर मिला। पिछली बार जब मैं यहां आया था, तब विधायक राजेंद्र मौर्य बड़ी शिकायत कर रहे थे कि यह काम नहीं हुआ, वह काम नहीं हुआ। मैंने उनसे कहा था- भाई, सब काम होंगे, बस एक दिन अपनी रसमलाई खिलाइए। ------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ेः- चंपत के इस्तीफे के खिलाफ थे ज्यादातर सदस्य:ट्रस्ट के संविधान के कारण मंजूर हुआ; गोपाल राव को देखते ही कोषाध्यक्ष बोले- हटो यहां से जगह- राम मंदिर परिसर, यात्री सुविधा केंद्र। समय- 2.45 बजे (दोपहर), 6 जुलाई, 2026। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि बैठक में शामिल होने राम मंदिर परिसर पहुंचे। गाड़ी से उतरते ही उनकी नजर यात्री सुविधा केंद्र के बाहर खड़े गोपाल राव पर पड़ी। वह ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य हैं। गोविंद देव उन्हें देखकर नाराज हुए। बोले- हटो…जाओ यहां से जाओ। अगर तुम यहां रहे, तो नृत्य गोपाल दास नहीं आएंगे। पूरी खबर पढ़ें…
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