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    यौन संबंध के बाद ब्लैकमेलिंग पर हाईकोर्ट बोला- खतरनाक हालात:ऐसे तो जीना मुश्किल हो जाएगा, मेरठ पुलिस एक्शन ले

    10 hours ago

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    यौन संबंध बनाकर ब्लैकमेलिंग (हनीट्रैप) के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की डिवीजन बेंच ने कहा, यूपी पुलिस ऐसे गिरोह के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करे। हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा, ‘समाज के लिए ऐसे मामले बहुत खतरनाक हैं। इसे रोका न गया तो सभ्य समाज में जीना मुश्किल हो जाएगा।’ अदालत ने पांच आरोपियों के खिलाफ जबरन वसूली के मामले को रद्द करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। आरोपियों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। इन लोगों पर एक व्यक्ति ने हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। अदालत के सामने यह मामला 30 मार्च को पेश हुआ था, जो गुरुवार को सामने आया। अब विस्तार से पढ़िए… महिला ने निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड किए बिजनौर के थाना किरतपुर क्षेत्र में रहने वाले एक व्यक्ति ने जनवरी में पुलिस से शिकायत की। बताया, वॉट्सएप पर एक महिला ने उससे दोस्ती की। इसके बाद अपने झूठे प्रेम जाल में फंसा लिया। फिर उसे शहर के एक होटल में बुलाया। शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान महिला ने उसके न्यूड फोटो-वीडियो बना लिए। इसके बाद आरोपी महिला ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू किया। मामले को निपटाने के लिए रुपए की डिमांड की। आरोपियों ने उसे एक जगह मोतीचूर पर बुलाया। आरोपियों ने पहले 10 लाख रुपए मांगे। फिर कहा कि 8 लाख में मामला निपट सकता है। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत कर दी। पीड़ित ने बताया एक सभासद, 2 पुलिसकर्मी समेत 5 लोग इस गैंग में शामिल थे। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर 23 जनवरी को किरतपुर थाने में तैनात 2 सिपाहियों समेत 5 लोगों पर केस दर्ज किया। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… आरोपियों ने हाईकोर्ट की शरण ली आरोपियों ने FIR को रद्द करवाने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 30 मार्च को कोर्ट ने आरोपियों की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ताओं के वकील शशांक द्विवेदी ने याचिका वापस ले ली। कोर्ट ने कहा, इस आदेश की सूचना पुलिस महानिदेशक, मेरठ जोन के पुलिस महानिरीक्षक और उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह), लखनऊ को भी दी जाए। मेरठ के IG मामले की जांच करें जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने कहा, यह बहुत ही गंभीर मामला है। इस मामले में मेरठ जोन के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस द्वारा पूरी तरह से जांच किए जाने की जरूरत है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिलों के पुलिस प्रमुखों को सचेत किया जाना चाहिए, ताकि वे अपने-अपने इलाकों में सक्रिय ऐसे गिरोहों के बारे में जागरूक रहें। अगर इस तरह का कोई गिरोह सक्रिय है या कोई अन्य गिरोह भी सक्रिय है, जो महिलाओं का इस्तेमाल करके हनीट्रैप में फंसाकर या किसी अन्य तरीके से निर्दोष लोगों को ब्लैकमेल कर रहा है तो उन्हें तुरंत पकड़ा जाना चाहिए। इस तरह के अपराधों को जारी रहने दिया गया, तो एक सभ्य दुनिया में रहना मुश्किल हो जाएगा। अब 3 सवालों से जानिए हनीट्रैप क्या है, इससे कैसे बचा जा सकता है? हनी ट्रैप क्या होता है? जवाब- हनी ट्रैप फ्रॉड में एजेंट द्वारा किसी महिला के जरिए अमीर इंसान या बड़े पद पर बैठे अधिकारियों को अपने जाल में फंसाया जाता है। ताकि वो उनसे कोई खुफिया जानकारी निकलवा सके या फिर पैसों की मांग कर सके। हनी ट्रैप का शिकार बना रहे व्यक्ति को आपसे पैसा या इंफॉर्मेशन या दोनों चीजें चाहिए हो सकती हैं। वे पहले हनीट्रैप का शिकार बनाने वाले व्यक्ति को ट्रैक करते हैं, उसकी कमजोरियों के बारे में पता लगाते हैं और फिर उसे अपने जाल में फंसाते हैं। दुनिया में पहली बार ‘हनीट्रैप’ शब्द का इस्तेमाल ब्रिटिश उपन्यासकार जॉन ली कैरी ने किया था। उन्होंने इस शब्द का इस्तेमाल अपने उपन्यास ‘टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई’ (1974) में किया। इसके बाद से यह शब्द दुनिया की खुफिया एजेंसियों और मीडियाकर्मियों के साथ-साथ आम लोगों में भी काफी पॉपुलर हो गया। सवाल- किन कारणों से पढ़े-लिखे लोग भी हनीट्रैप में फंस जाते हैं? जवाब- इस तरह के ट्रैप में फंसने का सबसे बड़ा कारण मानवीय कमजोरियां, वलनरेबिलिटी या फिर मूर्खता होती है। और सच पूछिए तो इन सारी चीजों का पढ़ा-लिखा होने या किसी गंभीर, जिम्मेदार पद पर बैठे होने से कोई वास्ता नहीं है। हनीट्रैप का शिकार वही होता है, जिसके पास या तो पैसा है या फिर इंफॉर्मेशन। यानी आपके पास कुछ ऐसा है, जो दूसरे व्यक्ति को चाहिए। वो सीधे तरीके से आपसे मांग नहीं सकता तो आपको अपने जाल में फंसाएगा, मजबूर करेगा। सवाल- किन-किन तरीकों से हनीट्रैप हो सकता है? जवाब- हनीट्रैप के कई तरीके होते हैं। इनमें सोशल मीडिया, ऑनलाइन डेटिंग, वर्चुअल हनी ट्रैप शामिल हैं। हनीट्रैप में फंसाने वाले ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स से लेकर सोशल मीडिया ऐप्स तक का इस्तेमाल करते हैं। सबसे पहले वे खुद को आकर्षक और सफल व्यक्ति के रूप में पेश करते हैं और सामने वाले का विश्वास जीतते हैं। फिर उन्हें अपने जाल में फंसाते हैं। सवाल- हनीट्रैप जैसे फ्रॉड से कैसे बचा जा सकता है? जवाब- लोगों को किस चीज की चाहत होती है। प्यार, सेक्स, पैसा। इसलिए किसी भी व्यक्ति को बेसिक कॉमन सेंस और समझदारी के साथ-साथ अपनी कमियों और कमजोरियों को भी आइडेंटीफाई करने की जरूरत है। मान लीजिए कि सोशल मीडिया पर आपको कोई लड़की मिली। आपसे मीठी-मीठी बातें कीं। वो सब किया, जो आप चाहते हैं। बात वीडियो कॉल तक पहुंच गई। अब वीडियो कॉल पर वो ऑन डिमांड आपकी इच्छाएं पूरी कर रही है। आप तो सिर्फ आनंद ले रहे थे, लेकिन उसने आपका वीडियो बना लिया और अब उसे वायरल करने की धमकी देकर आपको ब्लैकमेल कर रही है। यहां गलती किसकी है? उस महिला की कि वो फ्रॉड है। या फिर आपकी कि आप इतने कमजोर और अज्ञानी हैं। आप ऐसी मूर्खता में फंसे ही कैसे। ------------------------- यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? 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