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    यूपी बजट पर पीलीभीत के व्यापारियों में निराशा:सड़क व कानून व्यवस्था पर जताई संतुष्टि, मझोला चीनी मिल पर चुप्पी

    1 hour ago

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    उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में योगी सरकार का वार्षिक बजट पेश किया। बजट में राज्य के बुनियादी ढांचे और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी धनराशि आवंटित की गई है। पीलीभीत के सामाजिक और व्यापारिक वर्गों में इस बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। पीलीभीत के व्यापारी नेता अफरोज जिलानी ने सड़कों और कानून व्यवस्था पर बजट के जोर का स्वागत किया, लेकिन छोटे व्यापारियों की अनदेखी पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “बजट सराहनीय है, लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया। आज का छोटा व्यापारी ई-कॉमर्स कंपनियों की प्रतिस्पर्धा से जूझ रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि कमर्शियल बिजली दरों में कटौती की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन इस बार भी सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिले में मझोला चीनी मिल के पुनरुद्धार को लेकर लोगों को खास उम्मीद थी। वर्षों से बंद पड़ी इस मिल को हर चुनाव और बजट में मुद्दा बनाया जाता रहा है, लेकिन इस बार भी बजट भाषण में इसके लिए कोई ठोस कार्ययोजना सामने नहीं आई। इससे स्थानीय लोगों में निराशा है। पर्यटन क्षेत्र में भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) के विकास को लेकर विशेष घोषणा की उम्मीद थी, लेकिन बजट में इसका स्पष्ट उल्लेख नहीं दिखा। स्थानीय लोगों का मानना है कि पीटीआर के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर जिले में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता शिवम कश्यप ने बजट को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट समावेशी सोच के साथ तैयार किया गया है और सभी वर्गों के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पीलीभीत जैसे जिलों में पर्यटन और पुरातात्विक स्थलों के संरक्षण और विकास के लिए और सक्रिय कदम उठाने चाहिए। कुल मिलाकर, बुनियादी ढांचे और कानून व्यवस्था पर जोर देने वाले इस बजट को पीलीभीत में सराहा भी गया है और कुछ अहम स्थानीय मुद्दों की अनदेखी पर सवाल भी उठे हैं।
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