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    यूपी बजट से बागपत के किसान असंतुष्ट:देर से गन्ना भुगतान पर ब्याज की मांग, युवाओं को मिली सौगात

    12 hours ago

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    उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेश किए गए हालिया बजट को जहां सरकार ने ‘ऐतिहासिक’ बताया है और युवाओं के लिए लाभकारी कदम गिनाए हैं, वहीं बागपत के किसानों ने इसे लेकर नाराजगी जाहिर की है। किसानों का कहना है कि उनकी प्रमुख समस्याओं और मांगों को बजट में पर्याप्त स्थान नहीं मिला। बजट में बेटियों की शादी के लिए एक लाख रुपये की सहायता, 400 करोड़ रुपये की स्कूटी वितरण योजना, 10 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य, प्रत्येक जिले में वर्किंग वूमेन हॉस्टल और 14 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा की गई है। सरकार का दावा है कि यह बजट युवा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। इन घोषणाओं से युवा वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है। हालांकि, बागपत के किसान इन प्रावधानों से संतुष्ट नजर नहीं आ रहे। उनका कहना है कि कृषि और गन्ना भुगतान जैसे मुद्दों पर स्पष्ट और ठोस प्रावधान की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई। किसान नेता विनोद चौधरी ने कहा, “किसानों को बजट से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन उनकी अनदेखी की गई। यदि किसान 10 दिन के लिए भी बैंक या सरकार से पैसा लेता है तो उस पर भारी ब्याज लिया जाता है, जबकि गन्ने का भुगतान एक साल बाद भी बिना ब्याज के मिलता है।” उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली दरों में कटौती और यूरिया के पैकेट के वजन में कमी के बावजूद पूरी कीमत वसूले जाने पर राहत की मांग उठाई। वहीं किसान नेता प्रदीप धामा ने बजट को ‘किसान विरोधी’ करार दिया। उनका कहना है कि किसानों को तत्काल राहत देने वाली कोई प्रभावी योजना नजर नहीं आती। गन्ना भुगतान पर ब्याज और लागत कम करने जैसे मुद्दों पर सरकार ने कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की। कुल मिलाकर, बागपत में बजट को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां युवा वर्ग सरकारी घोषणाओं से उत्साहित है, वहीं किसान वर्ग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है।
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