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    'यूपी में 85-87 सीटों से कम पर गठबंधन नहीं':कांग्रेस ने 55 सीटें A कैटेगरी में रखीं; अमेठी-रायबरेली-सहारनपुर की सभी सीटों पर प्रियंका का दावा

    3 hours ago

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    2027 के यूपी चुनाव को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोमवार, 19 अक्तूबर को दिल्ली में बड़ी बैठक की। इसमें यूपी कांग्रेस के बड़े नेता शामिल हुए। बैठक दोपहर 2 बजे से शाम 4:30 बजे तक करीब ढाई घंटे चली। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने तय किया है कि वह 85 से 87 सीटों से कम पर सपा के साथ समझौता नहीं करेगी। सीटों को दो हिस्सों A और B कैटेगरी में बांटा गया है। इसके अलावा, कांग्रेस ने अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर लोकसभा क्षेत्रों की सभी विधानसभा सीटों पर दावेदारी ठोंकी है। साथ ही पार्टी प्रदेश के हर जिले में कम से कम एक सीट पर चुनाव लड़ना चाहती है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सपा से बात नहीं बनी, तो दूसरों से गठबंधन का ऑप्शन इस बैठक में यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' और कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद शामिल हुए। बैठक में तय हुआ कि चुनाव की तैयारियों के लिए वक्त मिल सके, इसलिए 15 नवंबर तक सीट शेयरिंग की बात हर हाल में फाइनल कर ली जाए। कांग्रेस शुरुआत में करीब 150 सीटों की लिस्ट सपा के सामने रखेगी। बैठक में इस पहलू पर भी विचार किया गया कि अगर सपा के साथ सहमति नहीं बनी, तो क्या किया जाए। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने अन्य दलों के साथ भी गठबंधन के दरवाजे खुले रखे हैं। A कैटेगरी की 55 सीटों पर समझौते के मूड में नहीं कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों पर लड़ी थी। इन लोकसभा क्षेत्रों में कुल 85 विधानसभा क्षेत्र आते हैं। कांग्रेस ने इनमें से 39 सीटों पर बढ़त दर्ज की थी। अब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव के लिए इन 39 सीटों को भी A कैटेगरी में शामिल किया है। बैठक में शामिल एक नेता के मुताबिक, पार्टी इन सीटों पर अपना दावा छोड़ने को तैयार नहीं है। इन 55 सीटों में करीब 12 ऐसी हैं, जहां अभी सपा के विधायक हैं। अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर के विधानसभा क्षेत्रों में सपा ने पिछली बार 8 सीटें जीती थीं। इनमें से दो विधायकों के अब सपा से दूर होने की बात कही जा रही है। कुछ सीटें ऐसी भी हैं, जो पिछली बार सपा ने सुभासपा को दी थीं, लेकिन वहां उम्मीदवार सपा के चुनाव चिह्न पर लड़े थे। कांग्रेस ने इन सीटों पर भी अपना दावा किया है। पार्टी का कहना है कि पिछले चुनावों में उसके प्रदर्शन और स्थानीय राजनीतिक हालात को देखते हुए इन सीटों पर उसका दावा बनता है। B कैटेगरी में 32 से 35 सीटें, इसे भी चाहती है कांग्रेस कांग्रेस ने 32 से 35 सीटों को B कैटेगरी में रखा है। पार्टी का मानना है कि अगर सपा के साथ गठबंधन होता है और दोनों मिलकर पूरी ताकत से चुनाव लड़ते हैं, तो इनमें से कई सीटों पर जीत मिल सकती है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलनों से पार्टी की सक्रियता बढ़ी है। सूत्रों के मुताबिक, हाल के प्रदर्शनों में यूपी से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचे थे। पार्टी को उम्मीद है कि 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली राहुल गांधी की रैली के बाद संगठन और मजबूत होगा। 175 सीटों पर चर्चा, 150 सीटों से शुरू होगी बातचीत बैठक में यूपी की करीब 175 विधानसभा सीटों पर चर्चा हुई। इन सीटों को पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन के आधार पर चुना गया है। पार्टी ने 2009 के बाद हुए चुनावों के नतीजों को भी अपने आकलन में शामिल किया है। कांग्रेस की योजना है कि सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर बातचीत करीब 150 सीटों की सूची से शुरू की जाए। पार्टी का कहना है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के तहत उसे 104 सीटें मिली थीं। इसके अलावा 10 सीटों पर दोनों दलों के उम्मीदवार आमने-सामने थे। इसे फ्रेंडली फाइट कहा जाता है। इनमें कांग्रेस ने 7 सीटें जीती थीं। पार्टी के मुताबिक, 44 सीटों पर उसके उम्मीदवार दूसरे नंबर पर रहे थे। प्रियंका गांधी की भूमिका अहम, दोनों दलों ने बनाई कमेटी सपा के साथ सीटों के बंटवारे पर बातचीत में प्रियंका गांधी की भूमिका अहम रहने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से प्रियंका गांधी की अगुआई में एक कमेटी सपा से बात करेगी। इसमें यूपी प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम, प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना, कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद और केसी वेणुगोपाल शामिल होंगे। वहीं, सपा की ओर से अखिलेश यादव, प्रो. रामगोपाल यादव और दूसरे नेता बातचीत में पार्टी का पक्ष रखेंगे। दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे पर चर्चा में तीन बातों पर खास ध्यान दिया जाएगा- किस सीट पर जीत की कितनी संभावना है, वहां पार्टी का संगठन कितना मजबूत है और पिछले चुनावों में उसका प्रदर्शन कैसा रहा है। ------------- ये भी पढ़ें- यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय क्यों हटाए गए?:आराधना ब्राह्मण चेहरा, अखिलेश से तालमेल अच्छा; मुस्लिमों को साधेंगे इमरान यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेतृत्व ने बड़ा सियासी दांव खेल दिया। अजय राय को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर आराधना मिश्रा ‘मोना’ को कमान सौंप दी। इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। देवेंद्र प्रसाद महरा और आलोक प्रसाद को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। पढ़िए पूरी खबर…
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