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    यूपी में अब जमीन की फर्जी रजिस्ट्री नहीं होगी:ओला-उबर पर सरकार का कंट्रोल होगा, योगी कैबिनेट से 30 प्रस्ताव पास

    8 hours ago

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    लखनऊ में योगी कैबिनेट की मंगलवार को बैठक हुई। इस दौरान 31 प्रस्ताव पेश हुए। इनमें से 30 पारित हुए। सबसे बड़ा फैसला फर्जी रजिस्ट्री को रोकने को लेकर हुआ। इसके लिए 3 नई धाराएं जोड़ी गई हैं, जिससे रजिस्ट्री करने से पहले प्रॉपर्टी की जांच की जाएगी। स्टांप पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया- यूपी में अब खतौनी और दस्तावेज की जांच के बाद ही जमीन की रजिस्ट्री की जाएगी। इससे कोई भी व्यक्ति फर्जी रजिस्ट्री नहीं कर सकेगा। इससे न केवल आम आदमी का पैसा सुरक्षित रहेगा, बल्कि भू-माफियाओं के सिंडिकेट पर भी सीधी चोट होगी। फर्जी रजिस्ट्री पर कैसे लगेगी लगाम? मंत्री ने बताया- अब तक ऐसे कई मामले सामने आए थे, जिसमें जो व्यक्ति मालिक नहीं है, वह संपत्ति बेच देता है। प्रतिबंधित या सरकारी संपत्ति की रजिस्ट्री करा ली जाती है। अपने अधिकार से ज्यादा जमीन बेच दी जाती है, कुर्क (जब्त) संपत्ति भी बेच दी जाती है। इससे विवाद पैदा होते हैं, लोगों को कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार और विभाग की छवि खराब होती है। वर्तमान कानून के अनुसार उप-निबंधक के पास रजिस्ट्री से इनकार करने का अधिकार बहुत सीमित है। वे केवल रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 की धारा-35 के तहत ही रजिस्ट्री रोक सकते हैं। दूसरे राज्यों में इन समस्याओं को रोकने के लिए समय-समय पर कानून में संशोधन किए गए हैं। इसलिए यूपी में भी ऐसे संशोधन करना जरूरी है। अब रजिस्ट्रेशन अधिनियम में धारा 22 और 35 के बाद नई धाराएं 22-A, 22-B और 35-A जोड़ी जा रही हैं। तीनों धाराओं के बारे में जानिए- धारा 22-A: दस्तावेज वैध न पाए जाने पर रजिस्ट्री पर रोक लगाएगी। धारा 22-B: रजिस्ट्री से पहले अचल संपत्ति की सही पहचान के लिए जांच होगी। धारा 35-A: अगर रजिस्ट्री के समय स्वामित्व, अधिकार, पहचान, कब्जा या हस्तांतरण से जुड़े जरूरी दस्तावेज (जो सरकार तय करेगी) संलग्न (अटैच) नहीं होंगे, तो पंजीकरण अधिकारी रजिस्ट्री से मना कर देगा। 12,200 गांवों तक सीधी बस सेवा पहुंचेगी परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया- कैबिनेट ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को हरी झंडी दे दी है। इससे यूपी के 12,200 गांवों तक सीधी बस सेवा पहुंचाई जाएगी। इस योजना छात्रों, किसानों और मरीजों को शहरों तक आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि ओला-उबर जैसी ऑनलाइन गाड़ी बुक करने वाली कंपनियों पर भी अब राज्य सरकार का नियंत्रण होगा। उन्हें अब परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना होगा। अब बिना मेडिकल, बिना पुलिस वेरिफिकेशन और बिना फिटनेस कंपनी के वाहन नहीं चल सकेंगे। साथ ही ओला-उबर की गाड़ियों की पूरी जानकारी ऐप में शामिल होगी। परिवहन योजना किस तरह जमीन पर उतरेगी? सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों के लिए कार्मिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया- अब 6 महीने के मूल वेतन की राशि स्टॉक मार्केट या शेयर मार्केट में लगाने पर उसकी सूचना प्राधिकृत अधिकारी को देनी होगी। अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपनी 2 महीने की सैलरी से ज्यादा वैल्यू की किसी भी चल संपत्ति (जैसे- गाड़ी, सोना) का लेन-देन करता है, तो उसे इसकी सूचना देनी होगी। यह कदम पारदर्शिता बढ़ाएगा। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाएगा। यूनिवर्सिटी और कॉलेज शिक्षकों को भी मिलेगा कैशलेस बीमा कैबिनेट ने प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के एडेड डिग्री कॉलेज में कार्यरत नियमित और स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। इन्हें अब कैशलेस इलाज के अलावा पांच लाख रुपए तक का हेल्थ बीमा दिया जाएगा। प्राइवेट कॉलेजों के शिक्षकों और स्टेट यूनिवर्सिटी में नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम शिक्षकों को भी इसका फायदा मिलेगा। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया- योजना से 1,28,725 शिक्षकों को फायदा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए नई नीति लागू पास हुए अन्य बड़े प्रस्तावों को जानिए… 20 हजार लीटर क्षमता की डेयरी लगेगी PAC को मिल सकती हैं 46 नई गाड़ियां ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- यूपी में सिलेंडर की किल्लत, एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें:बुकिंग के 4-5 दिन बाद भी नहीं मिल रही रसोई गैस, अफसर बोले- परेशान मत हों यूपी में रसोई गैस (LPG) की किल्लत हो गई है। लखनऊ, प्रयागराज, गोरखपुर समेत कई शहरों में बुकिंग के 4 से 5 दिन बाद सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लाइनें लगने लगी हैं। गोरखपुर में एजेंसी के बाहर अपनी बारी का इंतजार कर रहे लोगों ने कहा- ऐसा लग रहा है कि 15-20 साल पहले जैसे हालात हो गए हैं। हालांकि, अफसरों का कहना है कि परेशान होने की जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़िए
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