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    'YES' से फाउंडर चेयरमैन भी 'किक-आउट':अनूप शंखधार बोले-'यस' में हिटलरशाही,कहा-हम EPCH से सवाल पूछते हैं वो यस से निकाल देते हैं

    3 hours ago

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    फाउंडर चेयरमैन रहे अनूप शंखधार को भी ‘यस’ से किक-आउट कर दिया गया है। इसके साथ ही ‘यस’ से निकाले जाने वाले निर्यातकों की संख्या 3 हो गई है। मुरादाबाद की हैंडीक्राफ्ट इंडस्ट्री में उठा बवंडर आने वाले दिनों में नया गुल खिला सकता है। सितंबर में एक सीट पर सीओए मेंबर का चुनाव भी होना है। सीओए मेंबर अवधेश अग्रवाल का कार्यकाल सितंबर माह में पूरा होने जा रहा है। ‘यस’ से निकाले जाने के बाद अनूप शंखधार ने कहा, ‘YES’ में इस समय हिटलरशाही का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे लोग पदों पर काबिज हो गए हैं, जिन्होंने इंडस्ट्री के लिए कभी कुछ नहीं किया। कुछ लोग पर्दे के पीछे से चीजों को चला रहे हैं। हैरानी की बात ये है कि सवाल EPCH से पूछे जाते हैं और सवाल पूछने वालों को निकाल ‘YES’ से दिया जाता है। जिन मुद्दों पर चुनाव जीतकर लोग सीओए मेंबर बने और दूसरे बड़े पदों पर पहुंचे,आज उन्हीं मुद्दों पर सवाल पूछना उन्हें नागवार गुजर रहा है। निर्यातकों के हित की आवाज तो उठाई ही जाएगी। अनूप शंखधार यस के फाउंडर चेयरमैन रहे हैं। 2009 में पांच निर्यातकों अनूप शंखधार, नीरज खन्ना, उदित सरन, उदित अग्रवाल और विशाल अग्रवाल ने मिलकर यंग एंटरप्रेन्योर सोसाइटी (YES) की स्थापना की थी। तभी अनूप शंखधार इसके चेयरमैन बने थे। 2012 तक अनूप शंखधार यस के चेयरमैन रहे। इसके बाद नीरज खन्ना, उनके बाद रोहित ढल और फिर उदित सरन को चेयरमैन बनाया गया। उदित सरन के बाद एक बार फिर से मिड टर्म में रोहित ढल को यस का चेयरमैन बनाया गया। रोहित ढल के बाद 2020 में विशाल अग्रवाल यस के चेयरमैन बने थे। जिन्हें गुरुवार को यस से आउट कर दिया गया है। 2 दिन पहले विशाल अग्रवाल को आउट किया था 2 दिन पहले गुरुवार को पूर्व नेशनल चेयरमैन विशाल अग्रवाल को यस विरोधी गतिविधियों के आरोप में यस से बाहर कर दिया गया था। उदित अग्रवाल ने पहले ही इस संस्था को छोड़ दिया है। उदित सरन भी अपने साथ हुए अपमानजनक व्यवहार के कारण इस संस्था में एक्टिव नहीं हैं।
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