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    11 लाख के बकरे-AC रूम में बेड पर सोते हैं:लखनऊ में देसी घी और काजू-बादाम खाते हैं, तुर्की के दुंबे की भारी डिमांड

    1 hour ago

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    लखनऊ में बकरीद का त्योहार 28 मई को मनाया जाएगा। इस दिन अल्लाह की रजा के लिए कुर्बानी दी जाती है। IIM रोड पर बकरा मंडी सजी है। लखनऊ समेत कई जिलों के व्यापारी और पशुपालक अलग-अलग नस्ल के बकरे बेचने के लिए पहुंच रहे हैं। मंडी में बकरों को गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाया गया है। बड़े-बड़े कूलर लगाए गए हैं। पीने के पानी की व्यवस्था की गई है। मंडी में 15 हजार से लेकर 11 लाख रुपए जोड़ी तक के बकरे मौजूद हैं। लोग अपने बजट के मुताबिक बकरे खरीद रहे हैं। बकरामंडी की 5 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए बकरा व्यापारी और लोगों ने जो कहा… मुरादाबाद से आए व्यापारी बकरा व्यापारी सैफ अली ने बताया- मुरादाबाद के सबसे अच्छे बकरे-भेड़ लेकर यहां आते हैं। लखनऊ में अच्छे बकरों की काफी डिमांड रहती है। पिछले 10 साल से लगातार इस मंडी में बकरा बेचने आ रहे हैं। जितने बकरे लाते हैं। सब बिक जाते हैं। इस बार महंगाई का भी असर नजर आ रहा है, जो लोग 10 बकरे खरीदते थे, वे इस साल 5 से 6 खरीद रहे हैं। फिर भी उम्मीद है कि लाए गए सभी बकरे-भेड़ बिक जाएंगे। सैफ ने कहा- मुरादाबाद से खास बरबरा नस्ल का बकरा लाए हैं, जिसके जोड़े की कीमत 11 लाख रुपए है। इस बकरे की खासियत ये है कि इसका शरीर भारी होता है। यह बकरा लगभग 130 किलो का है। घर पर ये AC में रहता था। मंडी में AC की व्यवस्था नहीं है तो उसके लिए कूलर लगाया गया है। बेड पर सोता है। काजू, बादाम, चना देसी घी और गुड़ खाता है। मौसम के हिसाब से भी इनकी डाइट का ध्यान रखना पड़ता है। हमारे बंधे हुए ग्राहक हैं, जो महंगे और भारी जानवर पसंद करते हैं, जो भी लाते हैं। सब बिक जाते हैं। 1 लाख 30 हजार का तुर्की दुंबा बकरा कमलेश कुमार ने बताया कि मंडी में तुर्की दुंबा नस्ल का बकरा लेकर आए हैं, जिसकी कीमत 1 लाख 30 हजार रुपए है। इसकी खासियत ये है कि समान्य बकरे की तरह लंबी पूंछ वाला नहीं होता है। इसके पीछे भारी भरकम चर्बी होती है जिसे स्थानीय भाषा में टंकी बोला जाता है। मार्केट में इनकी संख्या लिमिटेड होती है। ये कम चारे में पेट भर लेता है और वेट ज्यादा गेन करता है। सबसे पहले इसी जानवर की कुर्बानी शुरू हुई थी। इसकी संख्या कम होने की वजह से बकरा और भैंसे कटने लगे। ‘बकरीद का किसानों को इंतजार रहता है’ गुलाब सिंह ने बताया कि ये तोता परी नस्ल का बकरा लेकर आए हैं, जिसकी डिमांड 1.20 लाख है। 5 सालों से IIM रोड पर आ रहे हैं। इससे पहले नींबू पार्क के पास बेचते थे। बकरीद के त्योहार का साल भर इंतजार रहता है। बकरीद में व्यापार करने के बाद हम लोग बड़ा काम बच्चों की शादी और दूसरे काम करते हैं। इसी काम से रिश्तेदारों की मदद करना सब कुछ निर्भर है। मार्केट महंगी होने से ग्राहक परेशान बकरा खरीदने आए आवेश ने बताया कि इस बार मार्केट महंगी है। मोल तोल कर रहे हैं। अभी सौदा बैठ नहीं रहा है। मुस्लिम समुदाय के लिए कुर्बानी बहुत अहम है। महंगाई कितनी भी ज्यादा हो कुर्बानी तो करनी ही है। हम लोगों ने हरदोई , मलिहाबाद और संडीला समेत कई जगह मार्केट देखा, मगर कहीं समझ में नहीं आता है। इसी मंडी में जानवर खरीदते हैं। आईआईएम रोड की मार्केट सबसे अच्छी है क्योंकि यहां गाड़ी खड़ी करने की सुविधा है। जाम नहीं लगता है, इसलिए हम लोगों को भी आसानी होती है। बकरों की नस्ल जानिए… मंडी में बरबरा, तोतापरी, अजमेरी, जमुनापरी और देशी बकरे समेत दुंबा भेड़ और विभिन्न नस्ल के बकरे मौजूद हैं। मंडी में पानी के टैंकर लगाए गए हैं। साथ ही साथ ही माइक से लगातार घोषणा की जा रही है कि मंडी ठग और चोरों से सावधान रहें। …………………………………….. यह खबर भी पढ़ें राहुल गांधी नागरिकता मामले में लखनऊ हाईकोर्ट में सुनवाई आज: एमपी-एमएलए कोर्ट के 28 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती रायबरेली सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ब्रिटिश नागरिकता के कथित मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग से जुड़ी याचिका पर बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई होगी। यहां पढ़ें पूरी खबर
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