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    14 लाख की उधारी, अफेयर में गला रेतकर मरवाया:सीतापुर में 5 लाख की सुपारी दी, युवक ने मरते-मरते पर्ची पर लिखा था नाम

    23 hours ago

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    सीतापुर के व्यापारी नीतेश मौर्य की हत्या 14 लाख रुपए के लेनदेन और अफेयर की रंजिश में हुई थी। बाराबंकी SP रवीना त्यागी ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा किया है। व्यापारी की हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी दी गई थी। बाराबंकी में नीतेश का अपहरण करने के बाद लखीमपुर-सीतापुर बॉर्डर पर उसका गला रेता गया था। मरा समझकर आरोपी फरार हो गए थे। खून से लथपथ हालत में नीतेश खेतों के रास्ते घिसटता हुआ ढाबे तक पहुंचा था और कागज पर आरोपियों का नाम लिखा था। चारो आरोपी बाराबंकी से गिरफ्तार हुए हैं। 2 तस्वीरें देखिए… धान-गेहूं की खरीद के साथ RO प्लांट का काम था सीतापुर के सरैया महिपत सिंह गांव में नीतेश कुमार मौर्य (24) परिवार के साथ रहता था। घर में पिता दिनेश कुमार (45), मां और एक छोटा भाई सचिन (19) हैं। एक भाई निकेत (20) दुबई में काम करता है। नीतेश धान-गेहूं की खरीद-फरोख्त के अलावा RO प्लांट का काम भी करता था। नीतेश की दो बहनें नेहा और खुशबू हैं, जिनमें खुशबू (26) की शादी हो चुकी है। चाचा बोले- बहन को करवा देने के लिए निकला था चाचा सुरेश कुमार ने बताया कि नीतेश बुधवार (28 अक्टूबर) को अपनी बहन खुशबू को करवा देने के लिए बाराबंकी के कटुवाधाम जाने के लिए निकला था। बख्शी का तालाब के पास कुटवा धाम पड़ता है, वहां रात भर रुका। गुरुवार सुबह 8 बजे वहां से निकला और अंधारखेड़ा में उसका प्लॉट था वहां से सिलेंडर लेकर बाइक में पीछे बांध लिया। थोड़ा आगे बड्डूपुर के पास नीतेश की बाइक को काली स्कॉर्पियों ने टक्कर मारी। अपहरण के समय मौजूद महिला ने पुलिस को दी थी जानकारी टक्कर लगते ही बाइक समेत नीतेश गिर गया। आरोपियों ने नीतेश को जबरन गाड़ी में डाल लिया और उसकी बाइक वहीं पड़ी रही। चाचा का आरोप है कि अपहरण के समय वहां मौजूद एक महिला ने पुलिस को जानकारी दी। इसके बाद आरोपी नीतेश को लेकर लखीमपुर खीरी के मैगलगंज क्षेत्र में ले गए। यहां लिधियाई मोड़ के पास उसका गला रेता। मरा समझकर फेंक दिया और फरार हो गए। दोपहर 2 बजे बुरी तरह से घायल नीतेश 500 मीटर पैदल चलकर घिसटते हुए किसी तरह पिसावां स्थित पन्नू ढाबे तक पहुंचा। वह बोल नहीं पा रहा था। नीतेश ने ढाबे पर मौजूद लोगों से कागज-पेन मांगा। लिखकर खुद को अस्पताल पहुंचाने की गुहार लगाई। अस्पताल ले जाते समय कागज पर मनोज का नाम लिखा। जिला अस्पताल में नीतेश की मौत हो गई। अब पढ़िए SP ने खुलासे में क्या बताया… SP रवीना त्यागी ने बताया कि मनोज मौर्य ने RO प्लांट लगवाने के लिए नीतेश से 14 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके अलावा धान खरीद के कारोबार में 10 लाख की हेराफेरी की थी। नीतेश लगातार अपने रुपये वापस मांग रहा था। नीतेश के एक महिला से प्रेम संबंध थे। अंकित गुप्ता भी उस महिला से बातचीत करता था। इस बात को लेकर अंकित और नीतेश में रंजिश थी। मनोज मौर्य ने अंकित गुप्ता के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। इसके लिए इन्होंने दीपू उर्फ दिलीप कुमार वर्मा को 5 लाख रुपए की सुपारी दी थी। दीपू ने अमरेन्द्र के अलावा 2 लोगों को साजिश में शामिल कर लिया। 1 महीने से लगातार नीतेश की रेकी की जा रही थी। 29 अक्टूबर को जैसे ही इन्हें मौका मिला तो नीतेश को किडनैप करके एक ट्यूबवेल पर ले गए और गला काटकर हत्या कर दी। CCTV और डिजिटल साक्ष्यों से चार गिरफ्तार घटना का खुलासा करने के लिए स्वाट, सर्विलांस और पुलिस की टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों की मदद से मनोज मौर्य, अंकित गुप्ता, दिलीप मौर्य और अमरेन्द्र को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से वारदात में प्रयोग की गई स्विफ्ट डिजायर कार भी बरामद हुई है। ये कार आरोपी दिलीप की है। घर वालों ने अंतिम संस्कार से इंकार कर जाम लगाया वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शुक्रवार शाम शव सीतापुर पहुंचा तो गुस्साए परिजनों ने अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। शव को बिसवां-महमूदाबाद मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और डीएम को बुलाने की मांग पर अड़ गए। परिजनों की मांग थी कि आरोपियों पर गैंगस्टर लगे और घर पर कुर्की की जाए। सीओ महमूदाबाद कपूर कुमार मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने शनिवार दोपहर को अंतिम संस्कार कर दिया। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… सिपाही रेप केस से बचने के लिए बोला-पैसे ले लो:लड़की को मार्कशीट लौटाने के बहाने बुलाया था, मऊ में उसके पिता पर केस कराया मऊ में सिपाही ने रेप केस से बचने के लिए पीड़िता के पिता पर झूठा केस करा दिया। उसने एक महिला के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। सिपाही 2023 में नाबालिग के साथ रेप के आरोप में 6 महीने के लिए जेल गया था। पढ़ें पूरी खबर…
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