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    18 करोड़ की सरकारी जमीन बेचने में JE पर FIR:अलीगढ़ नगर निगम के बाबू ने दर्ज कराया केस, जांच में जुटी पुलिस

    22 hours ago

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    अलीगढ़ नगर निगम की करीब 18 करोड़ रुपए मूल्य की सार्वजनिक भूमि के कथित अवैध विक्रय के मामले में पूर्व अवर अभियंता (JE) गय्यूर अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा के निर्देश पर नगर निगम के संपत्ति लिपिक विजय गुप्ता की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज हुई। मुकदमा दर्ज होते ही विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले में अन्य नाम सामने आने की भी संभावना जताई जा रही है। मामला गांव कस्बा कोल स्थित नगर निगम की अधिग्रहीत भूमि से जुड़ा है। जांच में आरोप है कि पद का दुरुपयोग कर सार्वजनिक हित की जमीन का विक्रय कर दिया गया। वर्ष 1946-47 में ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए कुल 31 बीघा 13 बिस्वा भूमि का अधिग्रहण हुआ था। साल 1949 में भूमि का अवॉर्ड घोषित हुआ और 2004 में इसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज किया गया। वहीं गाटा संख्या 3315 की 1 बीघा 3 बिस्वा भूमि को लेकर न्यायालय में वाद अभी विचाराधीन है। साठगांठ और फर्जीवाड़े के आरोप जांच में सामने आया कि वर्ष 2002 में तत्कालीन अधिकारियों और वादी ओम प्रकाश शर्मा के बीच कथित समझौता हुआ। आरोप है कि इस समझौते के तहत अधिग्रहीत भूमि को निजी पक्ष के हक में छोड़ दिया गया। बाद में जमीन का बैनामा एक अधिवक्ता के पक्ष में कर दिया गया। नगर निगम की संपत्ति शाखा की जांच में पाया गया कि पूरी प्रक्रिया विधिक और प्रशासनिक नियमों को दरकिनार कर की गई। इससे नगर निगम को करीब 18 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति होने का अनुमान है। जल्द ही और नाम आएंगे सामने सहायक नगर आयुक्त (संपत्ति प्रभारी) वीर सिंह ने बताया कि अभिलेखों और न्यायालयी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी संपत्ति को निजी लाभ के लिए प्रभावित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं। इसी आधार पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में शामिल अन्य तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि नगर निगम की संपत्ति जनता की संपत्ति है। किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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