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    ​18 साल, 15 स्टॉल और बंगाल का स्वाद:लाजपत भवन में बांग्ला मेले का आगाज; कोलकाता गिल्ड की किताबों ने खींचा लोगों का ध्यान

    3 hours ago

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    शहर के लाजपत भवन ग्राउंड में इन दिनों बंगाल की संस्कृति और परंपराओं के रंग घुले हुए हैं। अवसर है 'उत्तर प्रदेश बांग्ला मेला' का, जो पिछले 18 वर्षों से शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 'उत्सारण' संस्था द्वारा आयोजित यह दो दिवसीय मेला न केवल बंगाली समुदाय को अपनी जड़ों से जोड़ता है, बल्कि अन्य समुदायों के लिए भी बंगाल को करीब से जानने का एक बड़ा मंच बन गया है। इस मेले का सबसे बड़ा आकर्षण 'पुस्तक मेला' है। खास बात यह है कि यहाँ सीधे कोलकाता बुक फेयर (एडिटर्स गिल्ड) से लाई गई किताबों का विशाल संग्रह उपलब्ध है। साहित्य प्रेमियों के लिए यह किसी तोहफे से कम नहीं है, क्योंकि कोलकाता बुक फेयर को दुनिया का सबसे बड़ा पुस्तक मेला माना जाता है और उसकी एक झलक कानपुर के इस मेले में बखूबी दिखाई दे रही है। बंगाल के कारीगरों के हाथों का स्वाद मेले में खान-पान के करीब 15 स्टॉल लगाए गए हैं। स्वाद की शुद्धता बनाए रखने के लिए बंगाल से विशेष रूप से कारीगरों और रसोइयों को बुलाया गया है। यहाँ लोग न केवल बंगाली मिठाइयों का लुत्फ उठा रहे हैं, बल्कि वहां के पारंपरिक व्यंजनों और मसालों का स्वाद भी ले रहे हैं। इसके साथ ही बंगाल के मशहूर हस्तशिल्प (हैंडीक्राफ्ट) और कपड़ों के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने की मुहिम 'उत्सारण' संस्था के उपाध्यक्ष पुलक भट्टाचार्य ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बंगाली संस्कृति को संजोकर रखना है। उन्होंने कहा,हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी अपनी कला, साहित्य और संगीत को जाने और उससे जुड़ी रहे। यह आयोजन सिर्फ बंगालियों के लिए नहीं, बल्कि पूरे कानपुर के लिए एक उत्सव जैसा है। साहित्य और कला का अनूठा संगम मेले के दौरान सांस्कृतिक संध्या का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें नृत्य और संगीत की शानदार प्रस्तुतियाँ हो रही हैं। इस बार मेले की रौनक बढ़ाने के लिए प्रदीप्त कुमार चट्टोपाध्याय, भास्वर चट्टोपाध्याय और अनिर्वाण भट्टाचार्य जैसे प्रसिद्ध साहित्यकार भी मौजूद रहे। स्थानीय लोगों के साथ-साथ शहर के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने भी इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम की खास बात ये है,कि दैनिक भास्कर एप इसका मीडिया पार्टनर है।
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