Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    '24 घंटे काम नहीं कर सकता, मैं विशिष्ट मानव नहीं':वाराणसी में गुस्से में सिपाही ने दिया था इस्तीफा; अब बोला- नौकरी करूंगा

    3 hours ago

    1

    0

    वाराणसी के रामनगर थाने में तैनात 2025 बैच के सिपाही के इस्तीफे से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सिपाही अन्नपूर्णा मंदिर से 12 घंटे की ड्यूटी करके थाने लौटे थे। यहां घायल युवक को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाने के लिए कहा गया, जिससे वह भड़क गए। सिपाही ने इस्तीफा लिखकर व्हाट्सऐप ग्रुप में इस्तीफा डाल दिया। लिखा- मैं 24x7 काम करने में सक्षम नहीं हूं। मेरे अंदर किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं हैं। हालांकि अधिकारियों ने इस्तीफा नामंजूर कर उनकी काउंसिलिंग कराई। इसके बाद सिपाही ने बुधवार पहला लेटर ग्रुप से हटा दिया और नया आवेदन देकर पुलिस सेवा में बने रहने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि निजी कारणों से परेशान होकर मैंने इस्तीफा दिया था। इसे सोशल मीडिया पर वायरल न करने की अपील की। 2024 में शुरू की थी ट्रेनिंग देवगन कुमार चौहान ने साल 2024 में पीएसी रामनगर में आरक्षी पद की ट्रेनिंग शुरू की थी। साल 2025 में ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उनकी पहली तैनाती रामनगर थाने में हुई थी। मई 2025 में उनकी पासिंग आउट परेड हुई थी। इसके बाद ड्यूटी के दौरान उन्हें अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाता रहा। पिछले करीब एक सप्ताह से उनकी ड्यूटी अन्नपूर्णा मंदिर में लगी थी, जहां वह प्रतिदिन 12 घंटे की ड्यूटी कर रहे थे। 7 सितंबर को थाने पहुंचने के बाद हुआ विवाद सिपाही देवगन कुमार चौहान पिछले एक सप्ताह से अन्नपूर्णा मंदिर में ड्यूटी कर रहे थे। उनकी ड्यूटी सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक लगाई गई थी। 7 सितंबर को ड्यूटी पूरी करने के बाद वह रात में रामनगर थाने पहुंचे। इसी दौरान थाने में मारपीट के एक मामले में कुछ घायल लोग पहुंचे थे। अधिकारियों ने देवगन से घायल युवक को इलाज के लिए बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाने को कहा। लगातार ड्यूटी के बाद अतिरिक्त जिम्मेदारी दिए जाने से वह भड़क गए। इसके बाद उन्होंने कार्यमुक्त किए जाने को लेकर एक लेटर लिखा और उसे थाने के ऑफिशियल व्हाट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। लेटर सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। लेटर में लिखा- 'मैं विशिष्ट मानव नहीं' देवगन कुमार चौहान ने अपने लेटर में अधिकारियों से खुद को पुलिस सेवा से कार्यमुक्त करने का अनुरोध किया था। उन्होंने लिखा- 'महोदय, आपसे निवेदन है कि मैं अभी इतना सक्षम नहीं हूं कि 24X7 प्रत्येक दिन कार्य कर सकूं। मुझमें किसी विशिष्ट मानव जैसी शक्तियां नहीं हैं। अत: मुझे कार्यमुक्त कर कृतार्थ करें।' बताया जा रहा है कि सिपाही पिछले कुछ समय से घरेलू कारणों से भी परेशान था। इसके अलावा लगातार ड्यूटी और घायल को ट्रॉमा सेंटर ले जाने की जिम्मेदारी को लेकर वह मानसिक दबाव में था। इसी दौरान उसने इस्तीफे का पत्र ग्रुप में डाल दिया। अधिकारियों ने इस्तीफा स्वीकार नहीं किया इस्तीफे सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। अधिकारियों ने सिपाही की बात सुनी और उसकी काउंसिलिंग कराई। इस दौरान देवगन ने फोन पर अधिकारियों को बताया कि वह पुलिस की नौकरी छोड़ना नहीं चाहता और सेवा में बने रहना चाहता है। इसके बाद उसने अपने पहले पत्र को व्हाट्सऐप ग्रुप से डिलीट कर दिया। हालांकि तब तक उसके इस्तीफे का स्क्रीनशॉट और पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था। अब जानिये नए लेटर में देवगन कुमार चौहान ने क्या लिखा है… कहा- स्वेच्छा से करूंगा पुलिस सेवा पहला पत्र डिलीट करने के बाद देवगन कुमार चौहान ने अधिकारियों को एक नया पत्र दिया है। इसमें उसने अपने पहले आवेदन को निजी कारणों से व्यथित होकर दिया गया बताया है और पुलिस सेवा में बने रहने की इच्छा जताई है। नए पत्र में देवगन ने लिखा है कि वह अपने निजी कारणों से व्यथित था। इसी वजह से उसने उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा से खुद को कार्यमुक्त करने की बात कहते हुए आवेदन दिया था। अब वह पुलिस सेवा में अपनी स्वेच्छा से कार्य करना चाहता है। सिपाही ने अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया है कि उसके कार्यमुक्त किए जाने संबंधी आवेदन को सोशल मीडिया पर अनावश्यक रूप से प्रसारित न किया जाए। एसीपी बोले- घरेलू वजहों से भी परेशान था सिपाही एसीपी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सिपाही को ड्यूटी पूरी करने के बाद एक घायल को ट्रॉमा सेंटर ले जाने के लिए कहा गया था। वह घरेलू वजहों से भी परेशान चल रहा था। इसी दौरान उसने कार्यमुक्त किए जाने का पत्र लिखकर व्हाट्सऐप ग्रुप में डाल दिया। एसीपी के मुताबिक, बाद में सिपाही ने फोन पर बताया कि वह पुलिस सेवा में नौकरी करना चाहता है। इसके बाद उसकी काउंसिलिंग कराई गई और इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया। हालांकि सिपाही ने ग्रुप से पत्र डिलीट कर दिया है, लेकिन उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… दरोगा चिल्लाकर बोला- इतनी फोर्स मंगाऊंगा, ठंडा कर दूंगा:ये गोरखपुर पुलिस है; प्रदर्शन कर रहे यूनिवर्सिटी छात्रों को हड़काया, VIDEO गोरखपुर यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को दरोगा ने हड़काया। अंगुली दिखाकर चिल्लाते हुए कहा- इतनी फोर्स मंगाऊंगा कि ठंडा कर दूंगा, बता दे रहा हूं। यह गोरखपुर पुलिस है। ये शांतिपूर्ण आंदोलन नहीं है। छात्र कॉलर पकड़ने पर उतारू हैं। क्या यही नियम है धरने का? पढ़ें पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    बांसगांव के राम-जानकी व राधा-कृष्ण मंदिर का शिलान्यास:200 साल पुराने मंदिर का होगा कायाकल्प, 15 सितंबर से नए भवन का निर्माण
    Next Article
    डिप्टी सीएम से मिलने की जिद पर अड़े आयुष छात्र:लखनऊ में 7,500 से 25 हजार रुपए स्टाइपेंड करने की मांग, बोले- MBBS-BDS से भेदभाव क्यों

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment