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    24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ा:अम्बेडकरनगर के मांझा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा, कटान से किसानों की बढ़ी चिंता

    21 hours ago

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    पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी दिखने लगा है। बीते 24 घंटे में सरयू नदी का जलस्तर 18 सेंटीमीटर बढ़ गया है, जिससे मांझा क्षेत्र के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीण और किसान बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं। गुरुवार को सरयू नदी का जलस्तर 84.09 मीटर से बढ़कर 84.27 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान 85.56 मीटर से 1.29 मीटर नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोग सतर्क हो गए हैं। निचले इलाकों में भरने लगा पानी, तेज हुआ कटान मांझा कम्हरिया और आसपास के गांवों के निचले हिस्सों में पानी भरना शुरू हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पानी आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच सकता है। वहीं कई स्थानों पर नदी का कटान भी तेज हो गया है। कटान के कारण किसानों की खेती योग्य जमीन लगातार नदी में समा रही है। हालांकि अब तक प्रभावित कृषि भूमि का आधिकारिक आकलन नहीं हो सका है। कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम बाढ़ कार्य खंड ने कटान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक कार्य तेज कर दिया है। बाढ़ कार्य खंड अयोध्या की टीम नदी तट को सुरक्षित करने में जुटी है और संवेदनशील स्थानों पर बंबू क्रेट लगाए जा रहे हैं। जूनियर इंजीनियर फागू चौहान ने बताया कि कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है और सभी संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। इन गांवों पर सबसे पहले मंडराता है खतरा सरयू नदी में उफान आने पर सबसे पहले आराजी देवरा में बंधे के निचले हिस्सों तक बाढ़ का पानी पहुंचता है। इसके बाद करिया लोनिया का पूरा, प्रसाद कुर्मी का पूरा, हंसू का पूरा, मांझा कम्हरिया, बद्री का पूरा, निषाद बस्ती और दलित बस्ती के प्रभावित होने की आशंका रहती है। बाढ़ आने पर बाधित हो जाता है आवागमन ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति बनने पर इन गांवों का संपर्क आसपास के क्षेत्रों से कट जाता है और आवागमन प्रभावित हो जाता है। ऐसे में लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों और राहत कार्यों में भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रशासन ने हालात पर नजर बनाए रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत कार्य शुरू करने की तैयारी कर रखी है।
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