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    43 साल बाद Norway में भारतीय पीएम, वैश्विक उथल-पुथल के बीच Modi की यह यात्रा क्यों है अहम?

    16 hours ago

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18-19 मई 2026 को नॉर्वे की आधिकारिक यात्रा पर जा रहे हैं। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी। खास बात यह है कि पिछले 43 वर्षों में भारत की तरफ से किसी प्रधानमंत्री की यह पहली नॉर्वे यात्रा है। इस दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड V और रानी सोन्या से मुलाकात करेंगे। साथ ही, वे वहां के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ दोनों देशों के बीच महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।शिखर सम्मेलन को करेंगे संबोधितअपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नॉर्वे के प्रधानमंत्री के साथ मिलकर 'भारत-नॉर्वे व्यापार और अनुसंधान शिखर सम्मेलन' को भी संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देना है। इसे भी पढ़ें: Congo और Uganda में Ebola का कहर, 88 मौतों के बाद WHO ने घोषित की Public Health Emergencyभारतीय राजदूत का बयान और वैश्विक स्थितिनॉर्वे में भारत की राजदूत ग्लोरिया गांगटे ने इस यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "यह यात्रा भारत से किसी प्रधानमंत्री की यात्रा के 43 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद हो रही है। यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली नॉर्वे यात्रा है और यह ऐसे समय में हो रही है जब पूरी दुनिया में काफी उथल-पुथल मची हुई है। साथ ही, पिछले कुछ समय में भारत और नॉर्वे के संबंधों में भी काफी प्रगति हुई है। इसलिए, यह यात्रा दोनों देशों के पुराने रिश्तों की समीक्षा करने और विकास के नए मौकों को तलाशने का एक बेहतरीन अवसर है।"100 अरब डॉलर के निवेश और रोजगार के नए अवसरराजदूत ग्लोरिया गांगटे ने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार के ये नए अवसर 'भारत-EFTA-TEPA समझौते' के लागू होने से मिले हैं। यह समझौता EFTA के चार देशों के साथ किया गया है। इस समझौते की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें निवेश से जुड़ा एक बड़ा हिस्सा शामिल है। इसके तहत आने वाले 15 वर्षों में इन देशों की तरफ से भारत में 100 अरब डॉलर का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा, जिससे भारत में 1 मिलियन नए रोजगार पैदा होंगे। इसे भी पढ़ें: Iran ने अपने इस कदम से बढ़ाई दुनिया की धड़कनें, होर्मुज के लिए तैयार किया नया ट्रैफिक मैकेनिज्मनॉर्वेजियन कंपनियों की भारत में दिलचस्पीउन्होंने आगे बताया कि दोनों देशों के बीच कई ऐसे क्षेत्र हैं जिनका पूरा लाभ उठाना अभी बाकी है। वर्तमान में कई नॉर्वेजियन कंपनियां भारत के बाजारों में पहले से ही सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। ये सभी कंपनियां 'भारत-EFTA-TEPA समझौते' से मिलने वाले नए और बड़े अवसरों का पूरा फायदा उठाने के लिए बेहद उत्सुक हैं। #WATCH | Oslo, Norway: On PM Modi's visit to Norway, Ambassador of India to Norway, Gloria Gangte says "The visit is taking place after a gap of 43 years of a Prime Ministerial visit from India and this is Prime Minister Modi's first ever visit to Norway and it is taking place in… https://t.co/BZi76PaJ7y pic.twitter.com/XdDyG5NtvL— ANI (@ANI) May 17, 2026
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