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    50 अमेरिकी फौजी अफसरों का पॉलीग्राफ टेस्ट:ईरान जंग की सीक्रेट जानकारी लीक करने का शक, हथियारों की कमी दुनिया के सामने आई

    19 hours ago

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    अमेरिका में ईरान युद्ध से जुड़ी सीक्रेट जानकारी लीक होने की जांच तेज हो गई है। यह पता लगाने के लिए कि जानकारी किसने मीडिया तक पहुंचाई, पेंटागन ने करीब 50 सैन्य अधिकारियों और कर्मचारियों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया है। टेस्ट के दौरान उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने ईरान युद्ध से जुड़ी सीक्रेट जानकारी मीडिया से जुड़े लोगों को दी थी। उनसे यह भी पूछा गया कि क्या उन्होंने अमेरिका के हथियारों और गोला-बारूद के घटते भंडार से जुड़ी कोई जानकारी बाहर साझा की थी। पॉलीग्राफ को आम भाषा में झूठ पकड़ने वाला टेस्ट कहा जाता है। इसमें धड़कन, सांस और पसीने जैसे बदलावों को रिकॉर्ड कर सच-झूठ का पता लगाया जाता है। अगस्त में हथियार लीक होने की खबर मीडिया में लीक हुई थी यह कार्रवाई अगस्त में आई उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद हुई, जिनमें बताया गया था कि ईरान के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका के कुछ जरूरी हथियारों का भंडार कम हुआ है। इनमें लंबी दूरी की मिसाइलें और पैट्रियट मिसाइल इंटरसेप्टर भी शामिल थे। जॉइंट स्टाफ में करीब 1,500 से 2,000 अधिकारी और कर्मचारी काम करते हैं। यह अमेरिकी सैन्य नेतृत्व के लिए दुनियाभर में चल रहे सैन्य अभियानों, नीतियों और युद्ध की योजनाओं के बीच तालमेल बनाने वाली प्रमुख संस्था है। 50 सैन्य अधिकारियों का टेस्ट कराया जाना असामान्य माना जा रहा है। जांच से जुड़े जानकारों के मुताबिक पॉलीग्राफ टेस्ट का मकसद सिर्फ यह पता लगाना नहीं था कि सीक्रेट जानकारी किसने लीक की। इससे दूसरे अधिकारियों और कर्मचारियों को भी भविष्य में ऐसी जानकारी मीडिया तक पहुंचाने से रोकने का मैसेज दिया गया। ट्रम्प ने लीक करने वालों पर सख्ती के संकेत दिए ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी हथियारों के भंडार पर दबाव बढ़ने की खबरें लगातार सामने आने लगीं। कई अमेरिकी मीडिया संस्थानों ने बताया कि युद्ध में लंबी दूरी की मिसाइलों और पैट्रियट इंटरसेप्टर जैसे हथियारों का भंडार कम हो रहा है। कुछ खबरों में यह भी सामने आया कि ईरान के खिलाफ युद्ध की रणनीति को लेकर अमेरिकी प्रशासन के अंदर ही चिंता और मतभेद हैं। इन खबरों के सामने आने के बाद ट्रम्प प्रशासन ने यह पता लगाने की कोशिश तेज कर दी कि सीक्रेट जानकारी मीडिया तक कौन पहुंचा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अधिकारियों पर लीक करने वालों को खोजने के लिए सख्त कार्रवाई का दबाव बनाया। ट्रम्प ने युद्ध की रणनीति और हथियारों की कमी को लेकर सरकार की आलोचना करने वाली मीडिया रिपोर्ट्स पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने ऐसी रिपोर्टिंग को देशद्रोही तक बता दिया। हेगसेथ के कार्यकाल में पेंटागन में बढ़ा लीक का विवाद जॉइंट स्टाफ की जांच ऐसे समय में हो रही है, जब रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के कार्यकाल में पेंटागन के अंदर गोपनीय जानकारी लीक होने के मामले लगातार सामने आए हैं। इन मामलों की जांच भी चल रही है। मौजूदा और पूर्व अधिकारियों के मुताबिक, लगातार हो रही इन जांचों का असर पेंटागन के माहौल पर भी पड़ा है। वहां अब एक-दूसरे पर शक और भरोसे की कमी बढ़ गई है। हेगसेथ के कार्यकाल में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को पद से हटाने या उनकी पदोन्नति रोकने के फैसलों को लेकर भी विवाद हुआ है। पिछले साल की शुरुआत से मीडिया में किसी लीक की खबर सामने आने के बाद पेंटागन ने कई बार जांच शुरू की है। इनमें ऐसी खबरें भी शामिल हैं, जिनमें हेगसेथ के नेतृत्व और उनके फैसलों पर सवाल उठाए गए थे। खास बात यह है कि हेगसेथ खुद भी गोपनीय जानकारी लीक होने के विवाद में घिर चुके हैं। पिछले साल यमन में अमेरिकी हमलों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी एक सिग्नल ग्रुप में साझा किए जाने के मामले में उनकी काफी आलोचना हुई थी। हेगसेथ पर खुद सीक्रेट जानकारी शेयर करने का आरोप मार्च 2025 में अमेरिका यमन में हूती विद्रोहियों पर हमला करने वाला था। इस ऑपरेशन की जानकारी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सिग्नल के एक निजी ग्रुप में शेयर की। ग्रुप में उनकी पत्नी, भाई, निजी वकील और कुछ करीबी लोग भी थे। इससे पहले एक दूसरे सिग्नल ग्रुप में गलती से द अटलांटिक के एडिटर भी जुड़ गए थे, जहां यमन हमले की जानकारी शेयर हुई थी और बाद में यह मामला सार्वजनिक हो गया। विवाद इसलिए हुआ क्योंकि सैन्य हमले की टाइमिंग और लड़ाकू विमानों से जुड़ी संवेदनशील जानकारी निजी मैसेजिंग ऐप पर शेयर की गई थी। सवाल उठा कि ऐसी जानकारी उन लोगों के साथ क्यों साझा की गई, जो रक्षा विभाग के कर्मचारी भी नहीं थे। हेगसेथ ने कहा कि उन्होंने कोई क्लासिफाइड यानी बेहद गोपनीय जानकारी शेयर नहीं की थी। बाद की जांच में हालांकि सिग्नल पर संवेदनशील सैन्य जानकारी भेजने को लेकर उनकी आलोचना हुई। यही वजह है कि अब जब हेगसेथ खुद सैन्य जानकारी लीक होने के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं, तो उनका पुराना सिग्नल विवाद भी चर्चा में आ रहा है। 5 मई के बाद ईरान युद्ध पर प्रेस ब्रीफिंग नहीं हुई हेगसेथ ने 5 मई के बाद से ईरान युद्ध को लेकर पेंटागन के पत्रकारों के सामने कोई प्रेस ब्रीफिंग नहीं की है। उनके कार्यकाल में पत्रकारों की पेंटागन तक पहुंच को लेकर भी विवाद खड़ा हुआ है। पेंटागन ने पत्रकारों की वहां पहुंच और रिपोर्टिंग को लेकर नियम कड़े किए हैं। इससे पत्रकारों के लिए पेंटागन के अंदर जाकर अधिकारियों से बात करना और वहां से खबरें जुटाना मुश्किल हुआ है। इसी नीति को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स अदालत गया है। पिछले महीने रक्षा विभाग ने स्टार्स एंड स्ट्राइप्स के प्रकाशक और एडिटर-इन-चीफ को भी उनके पद से हटा दिया। यह अमेरिकी सेना से जुड़ा और सरकार द्वारा वित्त पोषित समाचार संस्थान है। दोनों पत्रकारों का आरोप था कि उन्हें हटाने का फैसला USS अब्राहम लिंकन पर बिगड़ती परिस्थितियों को लेकर उनकी रिपोर्टिंग के बाद लिया गया। यानी पेंटागन में मीडिया की पहुंच और आलोचनात्मक रिपोर्टिंग को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। ---------------------- यह खबर भी पढ़ें… अमेरिका ने ईरानी टैंकर पर मिसाइल दागी:खार्ग आइलैंड के पास धमाका अमेरिका ने ईरानी तेल टैंकर को निशाना बनाया। मीडिया के मुताबिक, खार्ग आइलैंड के पास ईरान का तेल ले जा रहे टैंकर पर अमेरिका ने 4 मिसाइलें दागीं। पूरी खबर पढ़ें…
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