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    9 साल में जनता भाजपा सरकार से तंग:सहारनपुर में भाटी बोले–जाति-धर्म देखकर चलता है बुलडोजर, पुलिस भी हो गई है पक्षपाती

    4 hours ago

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    दादरी में समाजवादी पार्टी 29 मार्च 2026 को दादरी में ‘समाजवादी समानता भाईचारा रैली’ आयोजित करने जा रही है। पार्टी का दावा है कि यह रैली भीड़ के लिहाज से ऐतिहासिक होगी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के राजनीतिक समीकरण बदल सकती है। रैली को सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव संबोधित करेंगे। आयोजकों के मुताबिक इसमें उत्तर प्रदेश के 32 जिलों की करीब 140 से ज्यादा विधानसभाओं के लोग शामिल होंगे और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव का शंखनाद माना जा रहा है। रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में रैली के मुख्य आयोजक राजकुमार भाटी ने कहा कि इस कार्यक्रम में सर्वधर्म, सर्वजाति और सर्वसमाज के लोग शामिल होंगे, लेकिन संख्या पीडीए समाज की ज्यादा रहेगी। उन्होंने बताया कि पीडीए में पिछड़ा, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और आधी आबादी के साथ वे सामान्य वर्ग के लोग भी शामिल हैं जो वर्तमान सरकार में खुद को पीड़ित और उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। भाटी ने कहा कि रैली की तैयारियां अगस्त 2025 से चल रही हैं। पिछले छह महीनों में उन्होंने 32 जिलों के करीब 50 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों में पीडीए चौपाल आयोजित की हैं। इन चौपालों के जरिए पिछड़े वर्गों में राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने और रैली को सफल बनाने के लिए क्षेत्रवार टीमों का गठन किया गया है। जिला और विधानसभा स्तर पर प्रभारियों की भी नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि रैली के इंतजाम की जिम्मेदारी गुर्जर समाज संभालेगा और इससे समाज को प्रदेश की राजनीति में नई पहचान मिलेगी। ‘पश्चिम यूपी में सपा कमजोर’ वाली धारणा बदलने का दावा भाटी ने कहा कि अक्सर मीडिया में यह कहा जाता है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी कमजोर है। उनके मुताबिक इस बात में कुछ हद तक सच्चाई है, लेकिन अब पार्टी ने उस धारणा को बदलने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि सपा नेताओं ने उन समाजों के बीच जाकर काम किया है जो पहले पार्टी को वोट नहीं देते थे और उन्हें पार्टी की नीतियों, विजन और भविष्य की योजनाओं से अवगत कराया गया है। उन्होंने दावा किया कि 29 मार्च की रैली इतनी बड़ी होगी कि इसके बाद लोग यह कहने लगेंगे कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी समाजवादी पार्टी मजबूत हो चुकी है। भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाटी ने भाजपा सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नौ साल के शासन के बाद जनता सरकार से तंग आ चुकी है। उनके मुताबिक भाजपा धर्म और जाति के नाम पर राजनीति कर रही है और प्रशासनिक फैसलों में भी इसी आधार पर भेदभाव किया जा रहा है। भाटी ने आरोप लगाया कि नौकरी, ट्रांसफर-पोस्टिंग, वोट बनवाने और वोट काटने जैसे मामलों में भी जाति और धर्म देखा जाता है। उन्होंने कहा कि पुलिस की एफआईआर और मुठभेड़ों में भी भेदभाव के आरोप लगते रहे हैं। उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर अभियान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बुलडोजर केवल विध्वंस करता है, निर्माण नहीं। उनका कहना था कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों में सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए हैं। ‘अपराधी चाहे किसी भी पार्टी का हो, कार्रवाई हो’ भाटी ने कहा कि संकट के समय जमाखोरी या मुनाफाखोरी करने वालों का समर्थन समाजवादी पार्टी नहीं करती। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, चाहे वह किसी भी दल से जुड़ा हो। दिल्ली की घटना पर केंद्र सरकार पर सवाल दिल्ली में हाल में हुई एक हत्या की घटना का जिक्र करते हुए भाटी ने कहा कि अपराध निंदनीय है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए जवाबदेही भी वहीं तय होनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah का नाम लेते हुए कहा कि सवाल उनसे पूछे जाने चाहिए। ‘पीडीए फार्मूले से बदलेगी राजनीति’ भाटी ने कहा कि सपा का पीडीए फार्मूला—पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक—के साथ आदिवासी और पीड़ित वर्गों को जोड़कर सामाजिक न्याय की राजनीति को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की योजना रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की है और धर्म-जाति की राजनीति से दूर रहने का वादा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही समाज में विभाजन पैदा करने के लिए विवादित मुद्दे खड़े किए जाते हैं, कभी फिल्मों के जरिए, कभी सोशल मीडिया पोस्ट या दीवारों पर लिखे नारे के जरिए। गठबंधन के सवाल पर भाटी ने कहा कि इस बारे में अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा। उनका कहना था कि अगर विपक्षी दल मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो बेहतर परिणाम आ सकते हैं। सपा नेताओं के मुताबिक दादरी की रैली में 32 जिलों की 140 से ज्यादा विधानसभाओं से बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे। पार्टी इसे 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ताकत दिखाने के बड़े राजनीतिक मंच के रूप में देख रही है।
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