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    अलीगढ़ बार के चुनाव में हंगामा:मुख्य चुनाव अधिकारी का इस्तीफा, अध्यक्ष ने रद्द की प्रक्रिया; दूसरे खेमे ने कहा- 18 को ही होगी वोटिंग

    8 hours ago

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    दि अलीगढ़ बार एसोसिएशन का वार्षिक चुनाव विवाद की भेंट चढ़ता जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देशों के बाद चुनाव टालने की चर्चाओं के बीच दीवानी कचहरी में शुक्रवार दिनभर हाई-वोल्टेज ड्रामा चला। नौबत हाथापाई और अभद्रता तक पहुंच गई। इसके बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने इस्तीफा दे दिया और बार अध्यक्ष ने चुनाव रद्द करने की घोषणा कर दी। हालांकि, बागी खेमे ने नई कमेटी बनाकर तय समय पर ही चुनाव कराने का ऐलान कर दिया है। यह है विवाद की वजह ​सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि बार कार्यकारिणी में 30 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित करने करने होंगे। वहीं, कोषाध्यक्ष का पद महिला के लिए सुरक्षित रखने को कहा गया है। यह आदेश ​हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार के माध्यम से जिला जज तक पहुंचा। इस पर ​यूपी बार काउंसिल ने भी 15 फरवरी तक रिपोर्ट मांग ली है। उधर, चुनाव के लिए ​पुराने नियमों पर नामांकन हो चुके हैं, लेकिन नए नियमों को लेकर संशय पैदा हो गया है। ​सचिव से अभद्रता, कार्यालय पर ताला ​शुक्रवार को जैसे ही चुनाव टलने की सुगबुगाहट हुई, चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके समर्थक भड़क गए। वकीलों के एक गुट ने बार कार्यालय पर ताला जड़ दिया और सचिव दीपक बंसल को घेर लिया। आरोप है कि इस दौरान उनके साथ अभद्रता की कोशिश की गई, लेकिन सचिव ने अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देकर स्थिति को संभाला। ​चुनाव अधिकारी का इस्तीफा, अध्यक्ष ने चुनाव किया रद्द ​हंगामे और दबाव के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी महान प्रताप सिंह ने दोपहर में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नए नियमों के तहत चुनाव कराने में असमर्थता जताई। बार अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने तत्काल इस्तीफा स्वीकार करते हुए चुनाव रद्द करने की आधिकारिक घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार ही चुनाव होंगे। यदि कोई अन्य कमेटी 18 फरवरी को चुनाव कराती है, तो वह अवैध माना जाएगा। प्रत्याशी 16 फरवरी को अपनी नामांकन फीस वापस ले सकते हैं। 7 वकीलों की कमेटी का गठन चुनाव कराने पर अड़े वकीलों ने अध्यक्ष के फैसले को मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने कचहरी परिसर में बैठक कर 7 वरिष्ठ वकीलों की एक कमेटी बना दी। इस कमेटी में रामबाबू शर्मा, प्रमोद कुमार चौहान, राजकुमार यदुवंशी समेत सात नाम शामिल हैं। यह कमेटी पुरानी प्रक्रिया के तहत ही 18 फरवरी को चुनाव संपन्न कराएगी। वकीलों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया अंतिम चरण में है, इसलिए इसे रोका नहीं जाना चाहिए। ​मार्गदर्शन के लिए लिखा पत्र ​वर्तमान स्थिति में बार एसोसिएशन दो फाड़ हो चुकी है। बार अध्यक्ष ने जिला जज और यूपी बार काउंसिल को पत्र लिखकर मार्गदर्शन मांगा है कि पुराने नियमों पर चुनाव कराना संभव है या नहीं। सोमवार को इस मामले में बड़ा मोड़ आ सकता है, क्योंकि उसी दिन प्रशासन और बार काउंसिल को अपनी रिपोर्ट सौंपनी है।
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