Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    Allahabad High Court ने अवैध हिरासत पर देवरिया SHO के वेतन से ₹65,000 का मुआवजा काटने का दिया आदेश

    12 hours ago

    1

    0

    प्रयागराज, नौ सितंबर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने चार व्यक्तियों को 10 दिन तक अवैध हिरासत में रखने के लिए देवरिया जिले के गौरी बाजार के थाना प्रभारी (एसएचओ) और पुलिस अधीक्षक को बुधवार को कड़ी फटकार लगाई। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र सामंत की पीठ ने राज्य सरकार को याचिकाकर्ता दो, तीन और चार में से प्रत्येक को 20,000 रुपये और याचिकाकर्ता एक को 5,000 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि कुल 65,000 रुपये मुआवजे की राशि एसएचओ के वेतन से वसूली जाएगी।अदालत ने सीसीटीवी कैमरों के खराब होने और कथित हिरासत की अवधि (13 अप्रैल से 23 अप्रैल) के फुटेज गायब होने को लेकर पुलिस अधिकारियों के स्पष्टीकरण पर नाखुशी जाहिर की। अदालत एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि इन चार याचिकाकर्ताओं को देवरिया के गौरी बाजार पुलिस थाना में करीब 10 दिनों तक अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। इससे पूर्व, अदालत ने याचिका में किए गए दावों का पता लगाने के लिए पुलिस थाना के भीतर की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पेश करने का निर्देश दिया था।हालांकि, दो सितंबर को राज्य सरकार ने दावा किया कि कथित घटना के दौरान सीसीटीवी रिकॉर्डिंग प्रणाली में खराबी आ गई थी। इस दलील के बाद देवरिया के पुलिस अधीक्षक और संबंधित थाना के एसएचओ को व्यक्तिगत रूप से समन जारी किया गया था। अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज के लापता होने पर एसएचओ से सवाल किया जिस पर एसएचओ ने बताया कि सीसीटीवी प्रणाली में 12 अप्रैल, 2026 को खराबी आ गई थी।अदालत ने एसएचओ से यह भी पूछा कि क्या सीसीटीवी प्रणाली को दुरुस्त करने के संबंध में रोजनामचा में कोई प्रविष्टि की गई थी, इस पर एसएचओ ने कहा कि ऐसी कोई प्रविष्टि नहीं की गई थी। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्हें सीसीटीवी प्रणाली खराब होने की कोई जानकारी नहीं दी गई थी। पीठ ने पुलिस अधीक्षक से एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछा और साथ ही यह सवाल भी किया कि एसएचओ को दोषी पाए जाने के बाद उसे दंडित क्यों नहीं किया गया, इस पर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसएचओ को तबादला अपराध शाखा में कर दिया गया।अदालत ने हालांकि इस कार्रवाई पर असंतोष जाहिर किया।
    Click here to Read more
    Prev Article
    Election Commission से TMC सांसद Samirul Islam की मांग, बंगाल उपचुनाव में मिले वंचित मतदाताओं को हक
    Next Article
    Chhattisgarh Ground Water Assessment 2026: एक भी ब्लॉक नहीं बचा संकटग्रस्त

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment