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    अपर मुख्य सचिव ने मोबाइल नशे पर जताई चिंता:शाहजहांपुर में बोले- बच्चे बर्बाद हो रहे, विकसित भारत के लिए ईमानदारी जरूरी

    7 hours ago

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    शाहजहांपुर में देर शाम अपर मुख्य सचिव एल वेंकटेश्वर लू ने अटल बिहारी प्रेक्षागृह में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से आयोजित इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। अपने संबोधन में अपर मुख्य सचिव ने बच्चों में बढ़ते मोबाइल नशे पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मोबाइल के अत्यधिक उपयोग से बच्चे बर्बाद हो रहे हैं और उनमें नींद न आने जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। वेंकटेश्वर लू ने प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने नशे के मार्ग पर चलने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि जो व्यक्ति नशे की ओर जाएगा, वह बाद में अवश्य पछताएगा। इसलिए सही मार्ग पर चलना और सही बातों को समझना अत्यंत आवश्यक है। अपर मुख्य सचिव ने भारत को ऋषियों और मुनियों की पावन धरती बताया। उन्होंने कहा कि मन को वश में रखने और अच्छे कार्य करने के लिए श्रीमद्भागवत गीता सर्वश्रेष्ठ शास्त्र है। सभी महापुरुषों ने अपने जीवन में अध्यात्म को प्राथमिकता दी। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण के लिए लोगों को अच्छे कार्यों के लिए गहन मंथन और चिंतन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि सत्य ज्ञान देने वाला भगवान से भी बड़ा होता है और श्रीमद्भागवत गीता का अध्ययन आंतरिक चेतना में सुधार करता है। वेंकटेश्वर लू ने लोगों से देश और समाज के सम्मान के लिए जीने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अपराध के मार्ग पर चलने वालों की आत्मा दुखी होती है। महापुरुषों की बातों में सच्चाई निहित होती है और दूसरों के साथ छल-कपट नहीं करना चाहिए उन्होंने कर्मयोग की मूल बातों को समझने, धर्म की सच्चाई के साथ चलने तथा लोगों की सेवा ईमानदारी और निष्ठा भाव से करने का संदेश दिया। उन्होंने सभी प्रकार के नशों से मुक्त होकर आध्यात्मिकता की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि पूरे मनोयोग से विकसित भारत के निर्माण में सहयोग करें। सकारात्मक सोच के साथ प्रधानमंत्री के 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करें। सभी लोगों को मिलकर भारत को महान बनाना है। भारत को विकसित करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में पूरी मेहनत और ईमानदारी से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। व्यक्तियों के अंदर सेवा भाव होना आवश्यक है तथा अपनी ऊर्जा का सही दिशा में उपयोग करना चाहिए। लोग विभिन्न प्रकार के नशों से दूर रहें। भारत ऋषि-मुनियों का देश है, इसे पुनः विश्वगुरु बनाना है। सकारात्मक विचारों, मेहनत और लगन के साथ प्रत्येक क्षेत्र में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि नशा नाश का कारण है, चाहे वह किसी भी प्रकार का हो। नशे की अवस्था में व्यक्ति संयम और मर्यादा को भूल जाता है। कर्म के माध्यम से आत्मा का परमात्मा से संबंध जुड़ता है। नशा मुक्ति और अच्छे कार्यों के लिए लोगों को प्रेरित और प्रोत्साहित करना आवश्यक है।
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