Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बीएचयू परिसर में 11 वर्षीय बच्चे पर कुत्ते का हमला:चेहरे और सिर पर लगे 50 टांके, महिला प्रोफेसर बोली- सड़क पर गिरने से लगी है चोट

    1 hour ago

    1

    0

    काशी हिंदू विश्वविद्यालय परिसर में गुरुवार सुबह 11 वर्षीय बच्चे पर पालतू कुत्ते के हमले का गंभीर मामला सामने आया। सुबह टहलने निकले बच्चे पर कुत्ते ने हमला कर दिया, जिससे उसके चेहरे और सिर पर कई गंभीर चोटें आई। घायल बच्चे को राहगीरों ने तत्काल बीएचयू ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन किया। उपचार के दौरान बच्चे के चेहरे और सिर के घावों पर करीब 50 टांके लगाए गए। फिलहाल बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलने के बाद बीएचयू प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया। कुलपति घायल बच्चे को देखने के लिए ट्रामा सेंटर पहुंचे और चिकित्सकों से उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली। दूसरी ओर, बच्चे के परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। देर रात पुलिस ने बीएचयू परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। मामले में हिंदी विभाग की महिला प्रोफेसर से पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। विश्वविद्यालय का प्रॉक्टोरियल कार्यालय भी पूरे मामले की जांच कर रहा है। 2 तस्वीरें देखिए… पिता के साथ सुबह टहलने निकला था अभिनव घायल बच्चे की पहचान 11 वर्षीय अभिनव के रूप में हुई है। उसके पिता प्रेमराम जाखड़ बीएचयू में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर हैं। प्रेमराम के मुताबिक वह रोज सुबह अपने दोनों बेटों 14 वर्षीय हर्ष और 11 वर्षीय अभिनव के साथ परिसर में टहलने जाते हैं। गुरुवार सुबह भी तीनों टहलने निकले थे। बड़ा बेटा हर्ष दौड़ते हुए कुछ आगे निकल गया। प्रेमराम ने अभिनव को घर लौटने के लिए कहा और बड़े बेटे को देखने के लिए आगे बढ़ गए। इसी दौरान हिंदी विभाग की अध्यक्ष और पूर्व डिप्टी चीफ प्रॉक्टर प्रो. श्रद्धा सिंह अपने पालतू कुत्ते के साथ वहां टहल रही थीं। परिजनों का आरोप है कि अभिनव जैसे ही घर की ओर बढ़ा, उसी दौरान कुत्ते ने उस पर झपट्टा मार दिया। कुत्ते ने बच्चे को चेहरे और सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में नोंचकर घायल कर दिया। अचानक हुए हमले से बच्चा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। राहगीरों ने बच्चे को पहुंचाया ट्रामा सेंटर घटना के समय बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर से दर्शन कर बाइक से लौट रहे संजय राय और उनके साथी की नजर घायल बच्चे पर पड़ी। दोनों ने बच्चे को तत्काल बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया और उसके परिवार को घटना की जानकारी दी। परिजनों के अनुसार ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों ने बच्चे की जांच की। जांच के बाद कुत्ते के काटने से चोट लगने की बात सामने आई। होश में आने के बाद अभिनव ने भी चिकित्सकों और परिजनों को बताया कि कुत्ते ने उस पर हमला किया था। बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया। करीब तीन घंटे तक ऑपरेशन चला। इस दौरान चेहरे और सिर पर आए गहरे घावों की सर्जरी की गई और करीब 50 टांके लगाए गए। फिलहाल बच्चे की स्थिति स्थिर बताई जा रही है। प्रोफेसर ने कुत्ते के हमले से किया इन्कार मामले में प्रो. श्रद्धा सिंह का पक्ष अलग है। उन्होंने बच्चे पर कुत्ते के हमले से इन्कार किया है। उनका कहना है कि बच्चा दौड़ते समय खुद गिर गया था। मौके पर बिखरी गिट्टियों के कारण उसे चोट लगी। इसी दौरान वहां से गुजर रही एक बाइक भी असंतुलित होकर बच्चे से हल्के तौर पर टकराई थी। प्रोफेसर के मुताबिक उन्होंने घटना को देखा और एंबुलेंस को फोन किया, लेकिन इससे पहले ही दो राहगीर बच्चे को बाइक से अस्पताल लेकर जा चुके थे। इस तरह घटना को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। अब पुलिस की जांच और सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बच्चे को चोट किस परिस्थिति में लगी और क्या वास्तव में कुत्ते ने उस पर हमला किया था। हालांकि महिला प्रोफेसर ने सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध करा दिया है। पालतू कुत्ता रखने के लिए लाइसेंस जरूरी नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय अमृतराज ने बताया कि नगर क्षेत्र में पालतू कुत्तों के लिए लाइसेंस की व्यवस्था लागू है। अब तक करीब 425 कुत्तों के लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। लाइसेंस नहीं लेने पर संबंधित पशुपालक को नोटिस दिया जाता है। इसके बाद भी लाइसेंस नहीं लेने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लाइसेंस जारी करने के मामले में कुत्ते की नस्ल का कोई भेद नहीं किया जाता। यानी किसी भी नस्ल के पालतू कुत्ते को रखने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है। वाराणसी में लगातार सामने आ रहे कुत्तों के हमले बीएचयू में बच्चे पर हुए हमले ने वाराणसी में कुत्तों के बढ़ते हमलों को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ महीनों में जिले के अलग-अलग इलाकों में कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 10 अगस्त 2026: राजातालाब क्षेत्र में आवारा कुत्ते ने 10 वर्षीय बच्ची समेत आधा दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया था। 17 जुलाई 2026: चौबेपुर के अजांव गांव में धान की रोपाई के लिए खेत की ओर जा रहे राजेश उपाध्याय पर गांव के सतीश प्रजापति के पालतू कुत्ते ने हमला कर दिया था। 15 अप्रैल 2026: जर्मन शेफर्ड नस्ल के पालतू कुत्ते ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के सहायक कुलसचिव अमित श्रीवास्तव पर हमला कर दिया था। 28 अगस्त 2025: दशाश्वमेध क्षेत्र की पत्थर गली में दुकान से सामान लेकर घर लौट रही आठ वर्षीय भव्या पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया था। बीएचयू के छात्रों ने भी जताई नाराजगी, प्रशासन से कारवाई की मांग शुभम सोनकर ने कहा कि “विश्वविद्यालय प्रशासन की लचर व्यवस्था को अब मजबूत करने की जरूरत है। परिसर में कुत्तों को लेकर स्पष्ट नियम बनाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी दूसरे छात्र या बच्चे को इस तरह की घटना का सामना न करना पड़े।” छात्रों ने मांग की है कि BHU परिसर में पालतू कुत्ते रखने वाले सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के कुत्तों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन कराया जाए। साथ ही उनके टीकाकरण, निगरानी और परिसर में आवागमन को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए जाएं। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान हो। इसके अलावा छात्रों ने परिसर में मौजूद आवारा कुत्तों को लेकर भी स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन आवारा कुत्तों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित तरीके से परिसर से बाहर करने की व्यवस्था करे और संवेदनशील स्थानों, छात्रावासों, अस्पताल व बच्चों के आवागमन वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।
    Click here to Read more
    Prev Article
    मेरठ मेडिकल में जलभराव से परेशान हुए मरीज और तीमारदार:ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्ड हर जगह का आवागमन हुआ प्रभावति
    Next Article
    तिरंगे के रंग में रंगा मेरठ:कपड़े, बैज और सजावटी सामान से सजे बाजार, चूड़ियां और विंड चेन की बढ़ी मांग

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment