Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    भाजपा 40% विधायकों के टिकट काट सकती है:खराब परफॉर्मेंस वाले निपटेंगे; राष्ट्रीय अध्यक्ष ने समझाया- टिकट कटे तो घर नहीं बैठना

    5 hours ago

    1

    0

    ‘टिकट कटे तो भी घर नहीं बैठना है, पार्टी को जिताना है…' यह मैसेज भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने यूपी दौरे में दिया। नितिन नवीन ने संकेत दिया कि आने वाले चुनाव में केवल 'जिताऊ' चेहरों को ही मौका मिलेगा। खराब छवि वाले और कार्यकर्ताओं से दूर रहने वाले करीब 40% विधायकों का टिकट कट सकता है। 4-5 जुलाई को 36 घंटे राष्ट्रीय अध्यक्ष लखनऊ में रहे। सरकार, संगठन और संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठकर नब्ज टटोली। उनका पूरा फोकस ऐसी 240 सीटों पर रहा, जहां 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा विधायकों का रिपोर्ट कार्ड बेहद खराब था। उनकी सीटों पर सांसदी लड़ने वाले कैंडिडेट पिछड़ गए। राष्ट्रीय अध्यक्ष यहां जिताऊ कैंडिडेट चाहते हैं। क्या सिर्फ परफॉर्मेंस ही टिकट कटने का आधार होगा? इसका जवाब भाजपा संगठन के एक पदाधिकारी देते हैं- केंद्रीय नेतृत्व यूपी में सर्वे करवा चुका है। इनमें कई विधायकों के हारने का अनुमान दिया गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 6 कैटेगरी तय की हैं। इन्हीं के आधार पर विधायक के दावेदार तय होंगे- सिर्फ इतना ही नहीं, 2022 के विधानसभा चुनाव में बहुत कम मार्जिन से सीट बचाने में कामयाब रहे विधायकों पर भी भाजपा विचार कर रही है। कई विधायक तो सिर्फ 200-300 वोट से अपनी सीट बचा सके थे। पिछले चुनावों में सत्ता बचाने के लिए भाजपा ने क्या किया शिक्षक/स्नातक MLC चुनाव- हारी सीट कैसे जीतें 6 सीटों पर नए चेहरों को मौका देंगे शिक्षक और स्नातक खंड विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारी चल रही है। भाजपा ने 11 में से 5 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। ये वो चेहरे हैं, जिन्होंने 2020 के चुनाव में जीत दर्ज की थी। भाजपा ने मेरठ स्नातक सीट का टिकट होल्ड किया है। इस पर भाजपा के दिनेश कुमार गोयल जीते थे। इन 6 सीटों के अलावा 3 सीटें सपा और 2 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार जीतकर MLC बने थे। भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में सहमति बन गई है कि इन सीटों पर 2 तरीके से उम्मीदवार तय होंगे। पहला- पिछले चुनाव में जीतने वाले चेहरे पार्टी के संपर्क में हैं। दूसरा- पार्टी के अंदर से ही जिताऊ चेहरों को मौका दिया जाएगा। इन 11 विधान परिषद सीटों पर मतदान की तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है। ये चुनाव दिसंबर, 2026 में होने हैं। भाजपा ने केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद इन 5 सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए- जिन 6 सीटों पर प्रत्याशी बदलने या नए चेहरे उतारने को लेकर भाजपा कोर ग्रुप में सैद्धांतिक सहमति बनी है। इनमें वाराणसी की दोनों सीटें भाजपा पिछले चुनाव में हार गई थी। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर भाजपा ने कैंडिडेट ही नहीं उतारा था। इस पर निर्दलीय कैंडिडेट ध्रुव कुमार त्रिपाठी जीते थे। चर्चा है कि इस बार वो भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे। 6 सीटें इस तरह हैं- राष्ट्रीय अध्यक्ष ने 3 बड़ी कमजोरी पकड़ीं 1. मंत्रियों-विधायकों की सीटों पर जहां वोटर कम हुए, वहां नाम जुड़वाइए यूपी में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में करीब 2.04 करोड़ वोटर्स के नाम घटने पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने चिंता जताई। बताया गया कि कई मंत्रियों और विधायकों की सीटों पर भी हजारों वोटर कम हुए हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सुझाव दिया- रिव्यू करना चाहिए। जो नाम गलती से कटे हैं, उन्हें ढूंढकर दोबारा जुड़वाना चाहिए। 2. राष्ट्रीय अध्यक्ष की नसीहत, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मुद्दे पर बयानबाजी से बचें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ के होटल ताज में मंत्रियों-विधायकों से कहा कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मुद्दा एक बड़ी गलती है। इससे लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। उन्होंने नेताओं से सख्ती से कहा- संवेदनशील मुद्दे पर बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। विपक्ष को ये मुद्दा मिल गया है। लेकिन, विधायकों, सांसदों और मंत्रियों को इस पचड़े में नहीं पड़ना है। कोर ग्रुप की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताया कि SIT की शुरुआती जांच मिल चुकी है। 15 जुलाई के बाद विस्तृत रिपोर्ट आ जाएगी। इसके बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 3. UGC नियम पर स्थायी समाधान निकालना जरूरी UGC के नए नियमों से जहां अगड़ा वर्ग नाराज है, वहीं सुप्रीम कोर्ट की रोक से पिछड़ा और दलित वर्ग असंतुष्ट है। भाजपा अब इसका एक स्थायी समाधान निकालने पर विचार कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जब विश्व संवाद केंद्र में आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की। तब संघ ने भी माना कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी और UGC विवाद से आम लोगों में नाराजगी है। इससे पार्टी को चुनाव में नुकसान हो सकता है। समन्वय की कमी पर नसीहत दी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी द्वारा हाल ही में नई प्रदेश टीम घोषित की गई। इसमें 19 प्रदेश उपाध्यक्ष, 8 प्रदेश महामंत्री, 19 प्रदेश मंत्री, 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष समेत 52 पदाधिकारियों के नाम शामिल थे। राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में इन पदाधिकारियों में आपसी समन्वय की कमी दिखी। इस पर संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने पदाधिकारियों को नसीहत दी कि विधानसभा चुनाव से पहले इन कमियों को सुधार लिया जाए। बैठक में नितिन नवीन ने संगठन पदाधिकारियों से पूछा- 1. 2027 में पार्टी को फिर से पूर्ण बहुमत दिलाने के लिए अब तक क्या-क्या किया? 2. दो सालों में जो प्रयास हुए, उनमें से किन रणनीतियों में अभी और सुधार की जरूरत है? बैठक में तय हुआ कि यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव अब विधानसभा चुनाव के संपन्न होने के बाद ही कराए जाएंगे। वहीं, दुद्धी, घोसी और फरीदपुर सीटों पर उपचुनाव भी मुख्य चुनाव के साथ ही होंगे। अभी पार्टी के नेताओं को विधानसभा चुनाव में ताकत झोंकने के लिए कहा गया है। ------------------------------------ यह खबर भी पढ़ें - भाजपा अध्यक्ष की सीख- आपस में नहीं, विपक्ष से लड़िए, राम मंदिर से विपक्ष को मुद्दा मिल गया भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शनिवार को लखनऊ पहुंचे। रात में उन्होंने ताज होटल में सांसदों, विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राम मंदिर में जो हुआ, वह गलत हुआ है। इससे जनता में गलत संदेश गया है। यह विपरीत परिस्थिति है। पढ़िए पूरी खबर…
    Click here to Read more
    Prev Article
    योगी ने पेड़ के साथ सेल्फी ली, गुब्बारे छोड़े:गोरखपुर से पौधरोपण अभियान की शुरुआत, प्रदेश में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे
    Next Article
    यूपी में बारातियों की कार बही, 6 को बचाया:मेरठ में अंडरपास में तांगा डूबा, तांगे वाले और घोड़े की मौत; 5 शहरों में बारिश, 33 में अलर्ट

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment