Search…

    Saved articles

    You have not yet added any article to your bookmarks!

    Browse articles

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policies, and Terms of Service.

    Top trending News
    bharathunt
    bharathunt

    बृजभूषण यौन उत्पीड़न केस में क्यों बरी हुए?:कोर्ट ने पूछा- घटना हुई तो दोबारा मिलने क्यों गईं? ऐसे दावे टिक नहीं सके

    16 hours ago

    1

    0

    जिन महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर संसद से सड़क तक हंगामा हुआ, उस केस में यूपी के बाहुबली भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह बरी कैसे हो गए? इसका जवाब जानने के लिए ‘दैनिक भास्कर’ ने बृजभूषण का केस लड़ने वाले वकीलों के पैनल से बात की। उन्होंने 5 बड़ी वजहें बताईं। हमने वकीलों से जाना कि कोर्ट ने किन सबूतों को कमजोर माना और किन गवाहों पर भरोसा नहीं किया। पढ़िए किन सबूतों और गवाहों के आधार पर दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 3 अगस्त को फैसला दिया… 1- कोर्ट को गवाहों के बयानों में क्या गड़बड़ी मिली अधिवक्ता कहते हैं- कोर्ट ने मुख्य पीड़ित गवाह के बयानों को भी जांचा। कोर्ट के मुताबिक, अलग-अलग समय पर दिए गए बयानों में घटनाओं की जगह, साल और तारीखों को लेकर बदलाव सामने आए। 2- यौन शोषण हुआ, तो पीड़िता बृजभूषण से मिलने क्यों गईं? कोर्ट ने कथित घटनाओं के बाद पीड़िता और आरोपी के बीच होने वाली मुलाकातों को भी देखा। फैसले में कहा गया कि कुछ घटनाएं सार्वजनिक जगहों पर होने का दावा किया गया था, लेकिन उस समय किसी चश्मदीद या रिश्तेदार की ओर से विरोध की बात सामने नहीं आई। कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि दिसंबर, 2018 में शादी के बाद पीड़िता और उनके पति, बृजभूषण शरण सिंह के घर आशीर्वाद लेने गए थे। इसकी तस्वीरें भी कोर्ट में पेश की गई थीं। 3- दो महिला पहलवानों ने कोर्ट में आरोपों से इनकार किया मामले में दो पीड़ित गवाहों ने कोर्ट में बृजभूषण पर गलत व्यवहार के आरोपों से इनकार कर दिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि उन पर बृजभूषण के खिलाफ आरोप लगाने का दबाव बनाया गया था। उनके मुताबिक, उन्हें कहा गया था कि जब तक बृजभूषण को WFI अध्यक्ष पद से नहीं हटाया जाएगा, तब तक हरियाणा के पहलवानों का भविष्य खराब हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अंग्रेजी में तैयार शिकायतें दी गई थीं, जिन्हें हिंदी में अनुवाद कर याद करने के लिए कहा गया था। 4- दूसरे आरोपों में भी कोर्ट को विरोधाभास मिला कोर्ट ने दूसरे गवाहों के बयानों में भी विसंगतियों का जिक्र किया। एक गवाह ने किर्गिस्तान के बिश्केक में 28 फरवरी, 2018 को घटना होने का दावा किया था। लेकिन आधिकारिक मैच शेड्यूल के मुताबिक उनका मैच 1 मार्च को था। वहीं, एक अन्य ने पुलिस के साथ कथित घटना वाली जगह का निरीक्षण कराने से लिखित में इनकार किया था। कोर्ट के मुताबिक, अभियोजन पक्ष इसका संतोषजनक कारण नहीं बता पाया। 5- कोर्ट ने शिकायतों को लेकर क्या कहा? कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि धरने और विरोध-प्रदर्शन शुरू होने से पहले बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की कोई लिखित शिकायत या आधिकारिक रिकॉर्ड सामने नहीं था। फैसले में शिकायतों की भाषा और उनमें समानता को लेकर भी सवाल उठाए गए। कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष की कहानी में कई विरोधाभास हैं और वह आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। आखिर में कोर्ट ने क्या फैसला दिया? इन सभी बयानों, दस्तावेजों और दूसरे सबूतों को देखने के बाद ट्रायल कोर्ट ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को सभी आरोपों से बरी कर दिया। यानी कोर्ट ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सबूत पेश नहीं कर पाया। अब पूरा मामला समझ लीजिए 2023 में छह महिला पहलवानों की शिकायत के आधार पर दिल्ली के कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी। पुलिस ने उनके खिलाफ महिला की लज्जा भंग करने, यौन उत्पीड़न, पीछा करने और आपराधिक धमकी जैसी धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। WFI पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर पर आपराधिक धमकी की धारा में आरोप लगाए गए थे। ---------------------- ये भी पढ़ें- बृजभूषण बोले- संसद जरूर लौटूंगा, चरित्र हत्या की कोशिश हुई:प्रियंका को बरगलाया; यौन शोषण नहीं, मामला 'गुड-बैड टच' का था यूपी में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने गुरुवार को शक्ति प्रदर्शन किया। महिला पहलवानों के यौन शोषण आरोप, साजिश और सियासत पर दैनिक भास्कर से खुलकर बात की। उन्होंने कहा- गुड टच-बैड टच जैसे मामले को आंदोलन बना दिया। कनाडा- अमेरिका में पोस्टर लग गए। कुछ लोग पर्दे के पीछे थे। पढ़िए पूरा इंटरव्यू…
    Click here to Read more
    Prev Article
    मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:ममता बनर्जी की कार पर हमला; झारखंड में PSC एग्जाम रद्द होगा; माफिया अतीक के बेटे के समर्थकों ने टोल बैरियर तोड़े, 30 पर FIR
    Next Article
    7 गोली खाने वाले IAS को जान का खतरा:जालौन में कहा- सुरक्षा नहीं बढ़ानी है, तो लिखकर दें; कोर्ट चला जाऊंगा

    Related न्यूज Updates:

    Comments (0)

      Leave a Comment