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    बिजली बिल संशोधन पर गोरखपुर में विरोध:कर्मचारियों ने वर्किंग ग्रुप में प्रतिनिधित्व मांगा, आंदोलन की चेतावनी

    2 hours ago

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    गोरखपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को अंतिम रूप देने के लिए गठित वर्किंग ग्रुप को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। समिति ने स्पष्ट कहा है कि कर्मचारियों और इंजीनियरों को प्रतिनिधित्व दिए बिना यदि बिल को संसद में पेश किया गया तो गोरखपुर समेत पूरे देश में व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों पुष्पेन्द्र सिंह, जीवेश नन्दन, सीबी उपाध्याय, प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान, संदीप श्रीवास्तव, करुणेश त्रिपाठी, ओम गुप्ता, राजकुमार सागर, विजय बहादुर सिंह और राकेश चौरसिया ने बताया कि केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने 30 जनवरी 2026 को आदेश जारी कर वर्किंग ग्रुप का गठन किया और इसे मात्र 14 दिनों में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उनका कहना है कि इतने व्यापक प्रभाव वाले विषय पर इतनी कम समय सीमा तय करना जल्दबाजी को दर्शाता है। निजी संस्था को शामिल करने पर जताई कड़ी आपत्ति समिति ने कहा कि वर्किंग ग्रुप में ऑल इंडिया डिस्कॉम्स एसोसिएशन के डायरेक्टर जनरल को शामिल किया गया है, जो सोसाइटी एक्ट के तहत पंजीकृत निजी संस्था है। पदाधिकारियों का कहना है कि इस संस्था के कई पदाधिकारी पहले भी वितरण क्षेत्र के निजीकरण की वकालत करते रहे हैं और नवंबर 2025 की बैठक में भी घाटे से उबरने का प्रमुख उपाय निजीकरण बताया गया था। समान प्रतिनिधित्व देने की मांग संघर्ष समिति गोरखपुर का कहना है कि जब निजी संस्था को वर्किंग ग्रुप में शामिल किया गया है तो बिजली क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों और इंजीनियरों के राष्ट्रीय संगठनों व फेडरेशनों को भी समान रूप से शामिल किया जाना चाहिए, ताकि सभी पक्षों की बात सामने आ सके। समिति ने कहा कि केंद्र सरकार बिल को जल्द अंतिम रूप देकर संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश करने की तैयारी में है, जिसे देश के करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेंगे। गोरखपुर से देशभर तक आंदोलन की तैयारी संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि कर्मचारियों और इंजीनियरों की आशंकाओं को नजरअंदाज करते हुए बिल को आगे बढ़ाया गया तो इसके खिलाफ गोरखपुर से लेकर देशभर में आंदोलन किया जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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