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    बनबसा बैराज से 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा, शारदा उफान:खतरे के निशान से ऊपर नदी, सैकड़ों एकड़ फसलें डूबीं; कई रास्तों पर बाढ़ का पानी

    6 hours ago

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    लखीमपुर में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण तराई की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार शाम चार बजे बनबसा बैराज से 1,22,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद शारदा नदी उफान पर आ गई और इसका जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। खेतों में पानी भरने से सैकड़ों एकड़ धान और गन्ने की फसलें डूब गई हैं। निचले इलाकों के कई रास्तों पर भी बाढ़ का पानी पहुंचने से आना-जाना मुश्किल हो गया है। शारदा नदी का खतरे का निशान 154.590 मीटर तय है। सोमवार शाम चार बजे नदी का जलस्तर 154.870 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 28 सेंटीमीटर ज्यादा है। मटहिया बोझवा ग्राम पंचायत के जीरो ठोकर और रेलवे लाइन के आसपास पानी फैल गया है। अभी आबादी वाले इलाकों में हालात काबू में हैं और पानी घरों तक नहीं पहुंचा है। हालांकि, नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों को कटान और बाढ़ की चिंता सता रही है। सुहेली नदी का जलस्तर बढ़ने से भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मकनपुर ग्राम पंचायत के फार्म बिलहिया और चंबर बोझ में नदी का पानी घरों की चौखट तक आ गया है। इलाके का रपटा पुल जलकुंभी से पूरी तरह भर जाने के कारण आना-जाना बंद है। ग्रामीण अपनी नावों से आ-जा रहे हैं। प्रशासन ने एक नाव दी है, लेकिन ग्रामीण इसे काफी नहीं मान रहे हैं। मुझहा और 80 फुलवरिया के निचले इलाकों में भी पानी भर गया है। राजकीय महाविद्यालय और महिला थाने के पास पानी भरने से लोगों को दिक्कत हो रही है। निघासन इलाके में शारदा और मोहाना नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई रास्ते प्रभावित हुए हैं। निघासन-झंडी मार्ग से लखीमपुर जाने वाले बेलरायां-पनवारी मार्ग पर कुर्मिनपुरवा के पास सड़क पर पानी बह रहा है। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। निचले इलाकों के ग्रामीण नदी के जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति की आशंका में सुरक्षित जगहों पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
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