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    बरेली जिला पंचायत बोर्ड बैठक में हंगामा:बिजली विभाग पर फूटा गुस्सा, सांसद बोले- दफ्तरों से तत्काल बाहर किए जाएं दलाल

    2 hours ago

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    जीआईसी ऑडिटोरियम में आयोजित जिला पंचायत बोर्ड की बैठक विकास के प्रस्तावों से ज्यादा हंगामे और भ्रष्टाचार के आरोपों के नाम रही। जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल और सांसद छत्रपाल गंगवार की मौजूदगी में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 105.56 करोड़ रुपये का बजट तो पास हो गया, लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सभी 60 सदस्यों ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बिजली और पूर्ति विभाग को कटघरे में खड़ा कर दिया। बैठक में 20 साल से बदहाल सड़कों, राशन कार्ड बनवाने में दलाली और एक बल्ब का 10 हजार बिल आने जैसे गंभीर मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार उजागर जिला पंचायत बोर्ड की बैठक शुरू होते ही हंगामे की भेंट चढ़ गई। सभी 60 सदस्यों ने एक सुर में जिला पूर्ति विभाग को घेरा। जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी का आरोप है कि पूर्ति कार्यालय दलालों का अड्डा बन चुका है, जहां बिना सुविधा शुल्क के नए राशन कार्ड नहीं बन रहे और जरूरतमंदों के यूनिट काटे जा रहे हैं। मामला तब और गरमा गया जब जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) मनीष सिंह बैठक में आधा घंटा देरी से पहुंचे। सांसद छत्रपाल गंगवार ने सख्त लहजे में कहा कि विभाग में बाहरी और प्राइवेट लोगों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, उन्हें तत्काल हटाया जाए। सड़कों की बदहाली पर PWD को घेरा, 20 साल से खराब रास्तों पर मांगा जवाब बैठक में PWD के अधिकारियों को भी सदस्यों के तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। मझौआ गंगापुर और बहेड़ी की कुंदरा कोठी मार्ग की बदहाली पर अधिकारियों ने सफाई दी कि टेंडर प्रक्रिया में है और एक सप्ताह में काम शुरू होगा। बहेड़ी शुगर मिल मार्ग के 20 साल से खराब होने के मुद्दे पर सदस्यों ने सड़क निर्माण की मांग की। मुड़िया रोड का मुद्दा भी सदन में उठा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹105.56 करोड़ का बजट पारित बैठक के दौरान जिला पंचायत बरेली का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मूल अनुमानित बजट प्रस्तुत किया गया। इस वर्ष का कुल महायोग 1,05,56,30,089.59 (लगभग 105.56 करोड़ रुपये) प्रस्तावित है। वहीं, संशोधित अनुमानित बजट 2025-26 का कुल योग 1,19,59,19,651.59 (लगभग 119.59 करोड़ रुपये) रहा। प्रशासन का दावा है कि निजी स्रोतों से होने वाली आय में वृद्धि और विकास कार्यों के लिए शासन से मिलने वाले अनुदान को प्राथमिकता दी गई है। बिजली विभाग बना भ्रष्टाचार का अड्डा, गरीबों को लूटने का आरोप जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश सातवें आसमान पर रहा। जिला पंचायत सदस्य छेदा लाल दिवाकर ने विभाग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए और इसे जिले का 'सबसे भ्रष्ट विभाग' करार दिया। सदन में गूंजा कि विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण ग्रामीण क्षेत्र की जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। एक बल्ब का 10 हजार बिल, दलालों के चक्कर काट रहे ग्रामीण सदन में सदस्यों ने मुद्दा उठाया कि गांव के गरीब ग्रामीणों को कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन एक-एक बल्ब का बिल 10 हजार रुपये तक आ रहा है। जब ग्रामीण इस भारी-भरकम बिल को सुधरवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटते हैं, तो वहां दलालों का बोलबाला मिलता है। बिना सुविधा शुल्क और दलालों के हस्तक्षेप के कोई भी काम नहीं हो रहा है। सरकारी विभागों में मीटर नहीं, केवल गरीबों पर ही बिजली विभाग की टेढ़ी नजर सदस्यों ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विभाग केवल गरीब जनता को ही निशाना बना रहा है। सदन में यह आरोप लगाया गया कि कई सरकारी विभागों में अब तक मीटर नहीं लगे हैं और वहां धड़ल्ले से बिजली का उपयोग हो रहा है, लेकिन विभाग उन पर कार्रवाई करने के बजाय गरीबों को लूटने में लगा है। सदस्यों ने इस लूट-खसोट को तत्काल बंद करने की चेतावनी दी है। बहेड़ी चीनी मिल बंद होने से किसान परेशान बहेड़ी तहसील के वार्ड 14 से आई जिला पंचायत सदस्य संतोष भारती ने किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा बहेड़ी की चीनी मिल बंद हो गई। किसान परेशान है अपना गन्ना कहा ले जाए। जो किसानों का पिछला भुगतान था वो भी अभी तक नहीं मिला। उन्होंने कहा एक तरफ सरकार चीनी मिले खुलवाने की बात करती है और दूसरी तरफ बहेड़ी की चीनी मिल बंद हो गई है। किसान धरना प्रदर्शन करते है तो पुलिस प्रशासन उन पर दबाव बनाता है। उन्होंने आवारा पशुओं का मुद्दा भी उठाया और कहा कि पशु फसलें खराब करते है। उन्होंने कहा कि बहेड़ी से केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद है लेकिन वो भी कुछ सुनवाई नहीं करते है। इन दिग्गजों की मौजूदगी में हुई चर्चा इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, सांसद छत्रपाल गंगवार, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा और एमएलसी महाराज सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियों में सीडीओ देवयानी, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह, एसपी नॉर्थ मुकेश चंद्र मिश्रा और सीएफओ मनु शर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में पंचायती राज व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण और जन प्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
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